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madar plant | madar plant health properties | madar ke patte ke fayde | सिर्फ शिव जी को चढ़ाने में ही नहीं, कई बीमारियों में भी मदार होता है उपयोग

Last Updated:October 17, 2026, 19:38 IST

Madar Health Benefits: मदार का पौधा धार्मिक महत्व के साथ पारंपरिक चिकित्सा में भी उपयोग किया जाता है, लेकिन इसके जहरीले तत्वों के कारण बिना डॉक्टर की सलाह के इसका प्रयोग खतरनाक हो सकता है. आइए जानते हैं कि आयुर्वेद में मदार के क्या-क्या फायदे बताए गए हैं.

गोंडा: मदार का पौधा आपने अक्सर मंदिरों के आसपास, सड़कों के किनारे या खाली जगहों पर देखा होगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसके फूल भगवान शिव को चढ़ाए जाते हैं. लेकिन मदार का उपयोग कुछ पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में भी किया जाता रहा है. हालांकि, इस पौधे में जहरीले तत्व पाए जाते हैं, इसलिए इसका इस्तेमाल करना खतरनाक हो सकता है. बिना विशेषज्ञ की सलाह के इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए.

लोकल 18 से बातचीत के दौरान वैद्य अभिषेक कुमार मिश्र ने बताया कि मदार का इस्तेमाल पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में सूजन, दर्द और त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए किया जाता रहा है. कुछ पारंपरिक नुस्खों में मदार की डंठल का इस्तेमाल अस्थमा से राहत पाने के लिए किए जाने का उल्लेख मिलता है.

डॉक्टर की सलाह पर ही करें इस्तेमाल वैद्य अभिषेक कुमार मिश्र ने बताया कि हालांकि, मदार की डंठल को जलाकर उसका धुआं सांस के जरिए अंदर लेना सुरक्षित नहीं है. इससे सांस की नलियों में जलन और सांस लेने में परेशानी बढ़ सकती है. अस्थमा के मरीजों को ऐसे घरेलू प्रयोगों से बचना चाहिए और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही इलाज कराना चाहिए.

पायरिया के लिए भी पारंपरिक उपयोगवैद्य ने बताया कि कुछ पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में मदार की डंठल का इस्तेमाल पायरिया की समस्या के लिए भी किया जाता रहा है. पारंपरिक नुस्खों में डंठल को काटकर उसके शोधन की बात कही जाती है. आपने जिस तरह बताया है, उसमें डंठल को चूने के पानी से शोधित करने का उल्लेख है. हालांकि, केवल चूने के पानी से शोधित करने पर मदार के जहरीले तत्व पूरी तरह निष्क्रिय हो जाते हैं, इसलिए इसे दांतों या मसूड़ों पर इस्तेमाल करना नुकसानदायक हो सकता है.

मदार का इस्तेमाल करने से पहले रखें ध्यानमदार का पौधा पारंपरिक चिकित्सा में उपयोग किए जाने के बावजूद पूरी तरह सुरक्षित नहीं है. इसके दूध और अन्य हिस्सों के संपर्क में आने से त्वचा और आंखों में जलन हो सकती है. इसे खाने, चबाने या जलाकर धुआं लेने से विषाक्त प्रभाव पड़ सकते हैं. इसलिए मदार का इस्तेमाल घरेलू नुस्खे के रूप में नहीं करना चाहिए. किसी भी बीमारी के इलाज के लिए योग्य चिकित्सक की सलाह लेना सबसे सुरक्षित तरीका है.

About the Authorआर्यन सेठ

आर्यन सेठ, Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से साल 2024 में…

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Gonda,Uttar Pradesh

First Published :

October 17, 2026, 19:38 IST

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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