घर की खाली छत को बनाइए कमाई का जरिया, हर महीने मिल सकते हैं 1 लाख रुपये!

नई दिल्ली. आज के समय में हर कोई अपनी मुख्य कमाई के अलावा पैसिव इनकम का मजबूत जरिया तलाश रहा है. अगर आपके पास शहर में खाली छत, प्लॉट या किसी अच्छी लोकेशन पर बिल्डिंग है, तो वह हर महीने मोटी कमाई का साधन बन सकती है. देशभर में 5G नेटवर्क के विस्तार के साथ टेलीकॉम कंपनियां लगातार नए मोबाइल टावर लगाने पर जोर दे रही हैं. यही वजह है कि कई इलाकों में लोग अपनी प्रॉपर्टी किराए पर देकर हर महीने 50 हजार रुपये से लेकर 1 लाख रुपये या उससे भी ज्यादा की कमाई कर रहे हैं.
मोबाइल टावर से होने वाली कमाई पूरी तरह आपकी लोकेशन, बिल्डिंग की मजबूती और नेटवर्क डिमांड पर निर्भर करती है. महानगरों और बिजनेस इलाकों में टावर लगाने की डिमांड सबसे ज्यादा रहती है, जबकि छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में भी अब कंपनियां तेजी से नेटवर्क बढ़ा रही हैं. यही कारण है कि यह मॉडल अब लंबी अवधि की फिक्स रेंटल इनकम के तौर पर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है.
कौन लगाता है मोबाइल टावर
ज्यादातर लोग मानते हैं कि जियो या एयरटेल जैसी कंपनियां सीधे टावर लगाती हैं, लेकिन असल में इसके लिए अलग इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां काम करती हैं. देश में इंडस टावर्स, अमेरिकन टावर कॉर्पोरेशन, समिट डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और टावर विजन जैसी कंपनियां बड़े पैमाने पर टावर इंस्टॉल करती हैं. यही कंपनियां जमीन या छत किराए पर लेकर टावर लगाती हैं.
कितनी जगह जरूरी होती है
अगर आप घर की छत पर मोबाइल टावर लगवाना चाहते हैं, तो आमतौर पर कम से कम 500 वर्ग फुट खाली जगह की जरूरत होती है. वहीं खाली प्लॉट के मामले में करीब 2000 वर्ग फुट जगह बेहतर मानी जाती है. इसके अलावा बिल्डिंग मजबूत होनी चाहिए ताकि टावर और उससे जुड़े उपकरणों का वजन आसानी से संभाल सके. कंपनियां टावर लगाने से पहले तकनीकी सर्वे करती हैं. इसमें नेटवर्क कवरेज, आसपास की आबादी, ऊंचाई और सिग्नल की जरूरत को देखा जाता है. अगर कंपनी को लोकेशन सही लगती है, तभी आगे की प्रक्रिया शुरू होती है.
किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी
मोबाइल टावर लगवाने के लिए प्रॉपर्टी मालिक को कुछ जरूरी दस्तावेज देने होते हैं. इसमें जमीन या मकान की रजिस्ट्री, टैक्स रसीद, आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक खाते की जानकारी शामिल रहती है. इसके अलावा बिल्डिंग का स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेट भी जरूरी होता है. अगर बिल्डिंग किसी सोसायटी या अपार्टमेंट में है, तो कई मामलों में आरडब्ल्यूए या स्थानीय प्रशासन से एनओसी भी लेनी पड़ सकती है. कंपनियां सभी दस्तावेजों की जांच के बाद ही लीज एग्रीमेंट करती हैं.
आवेदन की पूरी प्रक्रिया
मोबाइल टावर लगवाने के लिए सबसे पहले संबंधित टावर कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होता है. वहां अपनी प्रॉपर्टी की लोकेशन, छत या प्लॉट का साइज और संपर्क जानकारी भरनी होती है. इसके बाद कंपनी की तकनीकी टीम साइट विजिट करती है. अगर जगह उपयुक्त पाई जाती है, तो कंपनी प्रॉपर्टी मालिक के साथ लंबी अवधि का किरायानामा साइन करती है. यह एग्रीमेंट आमतौर पर 10 से 15 साल या उससे ज्यादा समय का हो सकता है.
कितनी हो सकती है कमाई
मोबाइल टावर से मिलने वाला किराया लोकेशन के हिसाब से बदलता है. दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में हर महीने 50 हजार रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक किराया मिल सकता है. छोटे शहरों में यह रकम 20 हजार रुपये से 40 हजार रुपये तक रहती है, जबकि ग्रामीण इलाकों में 10 हजार रुपये से 20 हजार रुपये तक की कमाई हो सकती है. अधिकतर एग्रीमेंट में हर कुछ साल बाद किराया बढ़ाने का प्रावधान भी होता है. यानी समय के साथ आपकी कमाई बढ़ती रहती है. इसके अलावा बिजली और रखरखाव का खर्च भी आमतौर पर कंपनी ही उठाती है.
फर्जीवाड़े से ऐसे बचें
मोबाइल टावर के नाम पर ठगी के मामले भी तेजी से बढ़े हैं. कई लोग फर्जी कंपनियों के नाम पर रजिस्ट्रेशन फीस या सिक्योरिटी मनी मांगकर लोगों को ठगते हैं. असली टावर कंपनियां आमतौर पर प्रॉपर्टी मालिक से एडवांस पैसे नहीं मांगतीं. अगर कोई व्यक्ति सरकारी अप्रूवल, टैक्स या फाइल चार्ज के नाम पर पैसे मांगे, तो सतर्क हो जाना चाहिए. हमेशा केवल आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत कंपनियों के जरिए ही आवेदन करना सुरक्षित माना जाता है.
क्यों बढ़ रही है टावर की डिमांड
देश में 5G नेटवर्क का तेजी से विस्तार हो रहा है और इसके लिए पुराने नेटवर्क की तुलना में ज्यादा टावरों की जरूरत पड़ती है. डेटा खपत बढ़ने और इंटरनेट यूजर्स की संख्या लगातार बढ़ने से कंपनियां नए इलाकों में कवरेज मजबूत कर रही हैं. यही वजह है कि आने वाले वर्षों में मोबाइल टावर के लिए छत और जमीन की मांग और बढ़ सकती है. विशेषज्ञों का मानना है कि अच्छी लोकेशन पर मौजूद खाली छत या प्लॉट आने वाले समय में रियल एस्टेट से ज्यादा स्थिर किराये वाली कमाई का जरिया बन सकते हैं. खासकर उन लोगों के लिए जिनके पास अतिरिक्त संपत्ति है, मोबाइल टावर मॉडल लंबी अवधि की पैसिव इनकम का मजबूत विकल्प बनकर उभर रहा है.



