नीट 2025 परीक्षा का पेपर भी था लीक? गारंटी वाले कोचिंग का ‘खेला’! बिवाल परिवार ने 2025 में भी खरीदा था पेपर!

Last Updated:May 15, 2026, 07:33 IST
NEET Paper Leak : नीट परीक्षा में बिवाल परिवार के पांच सदस्यों का संदिग्ध चयन अब बड़ी जांच का विषय है. सीबीआई के अनुसार, विकास बिवाल ने 2025 में भी 25 लाख रुपये में पेपर खरीदा था, जिससे औसत दर्जे के पांचों भाई-बहनों को सरकारी मेडिकल कॉलेज मिल गए. सीकर के दीप इंस्टीट्यूट ने ‘गारंटी सलेक्शन’ का विज्ञापन देकर दुकान बंद कर ली, जबकि CLC कोचिंग का दावा है कि ये छात्र सिर्फ टेस्ट सीरीज में थे. 12वीं में 55% अंक लाने वाले छात्र का डॉक्टर बनना अब 2025 के पेपर लीक की पुष्टि कर रहा है.
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बिवाल परिवार के 5 सदस्यों के सलेक्शन, क्या 2025 नीट में भी हुआ था घोटाला?
Jaipur: क्या नीट 2026 में गुरुग्राम के यश से पेपर खरीदने वाले एमबीबीएस छात्र विकास बिवाल ने साल 2025 में भी खुद और अपने परिवार के चार सदस्यों के लिए पेपर खरीदा था? यह सवाल अब पूरे देश में गूँज रहा है. इस शक की दो बड़ी वजहें हैं. पहली वजह है एक ही परिवार के 5 सदस्यों का एक साथ चयन और दूसरी वजह है सीकर के ‘दीप कैरियर इंस्टीट्यूट’ का वो लुभावना विज्ञापन, जिसमें बिवाल परिवार की बेटियों की फोटो के साथ लिखा था “सलेक्शन नहीं तो पैसे वापस.” क्या यह सिर्फ एक विज्ञापन था या पेपर लीक के खेल की कोई बड़ी गारंटी?
साल 2025 में जब नीट के नतीजे आए, तो सीकर के दीप कैरियर इंस्टीट्यूट ने एक पोस्टर जारी किया था. इस पोस्टर में पलक बिवाल (रैंक 662) और सानिया बिवाल (रैंक 5583) की तस्वीरें प्रमुखता से छपी थीं. ये दोनों सीबीआई द्वारा गिरफ्तार मांगीलाल और दिनेश बिवाल के भाई घनश्याम बिवाल की बेटियां हैं. इसी विज्ञापन में दिनेश बिवाल की बेटी गुंजन बिवाल (रैंक 8674) की फोटो भी थी. हैरानी की बात यह है कि जिस कोचिंग ने इन सलेक्शन को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बताया, वह नतीजों के कुछ समय बाद ही रहस्यमयी तरीके से बंद हो गया.
पूरे परिवार का संदिग्ध चयनसीबीआई की जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि नीट 2025 की परीक्षा का पेपर भी पूरी तरह लीक था. गुरुग्राम के यश से साल 2026 में पेपर खरीदने वाले विकास बिवाल ने पिछले साल यानी 2025 में भी महज 25 लाख रुपये में पेपर खरीदा था. जांच में सामने आया है कि विकास समेत उसके परिवार के पांचों भाई-बहनों ने इसी लीक पेपर की मदद से नीट परीक्षा में शानदार स्कोर हासिल किया. इसी का नतीजा था कि इन सभी को सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिल गया. गौर करने वाली बात यह है कि ये पांचों भाई-बहन पढ़ाई में बेहद औसत थे, फिर भी पेपर की बदौलत इन्होंने परीक्षा पास कर ली. पिछले साल भी पेपर खरीदने के इस खेल में विकास के पिता मांगीलाल और चाचा दिनेश बिंवाल मुख्य रूप से शामिल थे. उन्होंने ही पेपर के लिए मोटी रकम यानी 25 लाख रुपयों का इंतजाम किया था.
CLC कोचिंग का बड़ा दावा: ‘क्लासरूम नहीं, सिर्फ टेस्ट सीरीज में थे छात्र’जब न्यूज़18 की टीम ने गहराई से पड़ताल की, तो बिवाल परिवार के इन पांचों सदस्यों (विकास, प्रगति, सानिया, पलक और गुंजन) का नाम सीकर के प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान CLC के रिकॉर्ड में भी मिला. लेकिन यहाँ एक बड़ा मोड़ सामने आया. 2026 नीट पेपर लीक के आरोपी ऋषि बिवाल ने भी यहाँ एडमिशन लिया था, लेकिन कुछ समय बाद कोचिंग छोड़ दी थी. विकास बिवाल, जिसे 12वीं में महज 55% अंक मिले थे, उसने नीट में इतनी ऊंची रैंक हासिल की कि उसे सवाई माधोपुर का सरकारी मेडिकल कॉलेज मिल गया.
मैनेजिंग डायरेक्टर श्रवण चौधरी का बयानCLC कोचिंग के एमडी श्रवण चौधरी ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि बिवाल परिवार का कोई भी सदस्य 2025 या 2026 में उनके रेगुलर क्लासरूम कोर्स का हिस्सा नहीं था. उन सभी ने केवल ‘टेस्ट सीरीज’ जॉइन की थी. चौधरी ने स्पष्ट किया कि किसी कोचिंग का पेपर लीक से कोई लेना-देना नहीं होता. उन्होंने कहा कि यदि किसी छात्र के माता-पिता बाहर से पेपर खरीदकर लाते हैं, तो उसमें कोचिंग संस्थान कुछ नहीं कर सकता. ऋषि बिवाल ने भी कोचिंग बीच में ही छोड़ दी थी.
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Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
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