गहलोत को कभी माफ नहीं करेंगे पायलट… दिल्ली में गहलोत-पायलट की मुलाकात से सियासत गरम, बीजेपी ने साधा निशाना!

Last Updated:April 23, 2026, 19:19 IST
Sachin Pilot Ashok Gehlot In Delhi: दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय पर अशोक गहलोत और सचिन पायलट साथ दिखे, हाथ मिलाने की तस्वीर पर कांग्रेस ने एकजुटता बताई, बीजेपी ने पुराने टकराव की याद दिलाई. बीजेपी ने इस पूरे घटनाक्रम पर निशाना साध दिया. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि ये वही अशोक गहलोत हैं जिन्होंने सचिन पायलट को कभी नकारा और निकम्मा कहा था.
दिल्ली में अशोक गहलोत और सचिन पायलट की मुलाकात
जयपुर. दिल्ली से एक तस्वीर सामने आई और देखते ही देखते सियासत गरमा गई. कांग्रेस के दो बड़े चेहरे, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट, एक साथ नजर आए, हाथ मिलाया, मुस्कुराए. लेकिन इस एक पल ने पुरानी राजनीति की परतें फिर से खोल दीं. जो लोग कह रहे थे कि दोनों के बीच सब ठीक हो गया, वहीं दूसरी तरफ बयानबाजी ने साफ कर दिया कि कहानी इतनी सीधी नहीं है.
दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय का ये पूरा घटनाक्रम है. जैसे ही अशोक गहलोत वहां पहुंचे, सचिन पायलट आगे बढ़े और उन्होंने उनका स्वागत किया. दोनों ने हाथ मिलाया, कैमरों के सामने रुके, और उसी दौरान गहलोत ने हल्के तंज वाले अंदाज में कहा कि अब तो कोई नहीं कहेगा कि हम दोनों में बनती नहीं है. पायलट ने भी मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि मैं अकेला नहीं हूं, और भी लोग पीछे हैं. तस्वीरें खिंचीं, वीडियो बने, और फिर शुरू हो गई राजनीतिक बयानबाजी.
हाथ मिलाने के बाद बयानबाजी तेजइस मुलाकात के बाद कांग्रेस ने इसे सकारात्मक बताया. पार्टी नेताओं ने कहा कि दोनों नेताओं का साथ आना राजस्थान के लिए अच्छा संकेत है. कांग्रेस के नेता प्रताप खाचरियावास ने भी कहा कि यह पार्टी के लिए शुभ है और इससे संगठन मजबूत होगा. उनका मानना है कि इस तरह की तस्वीरें कार्यकर्ताओं में अच्छा संदेश देती हैं.
लेकिन दूसरी तरफ बीजेपी ने इस पूरे घटनाक्रम पर निशाना साध दिया. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि ये वही अशोक गहलोत हैं जिन्होंने सचिन पायलट को कभी नकारा और निकम्मा कहा था. उन्होंने साफ कहा कि पायलट गहलोत को कभी माफ नहीं करेंगे और दोनों का साथ लंबे समय तक टिकने वाला नहीं है. राठौड़ ने यह भी कहा कि अगर बार-बार ये कहना पड़े कि मतभेद नहीं है, तो इसका मतलब है कि अंदर ही अंदर सब ठीक नहीं है.
पुराना टकराव फिर चर्चा मेंगहलोत और पायलट के बीच का टकराव कोई नया नहीं है. कुछ दिन पहले ही नागौर में एक कार्यक्रम के दौरान गहलोत ने बिना नाम लिए मानेसर प्रकरण का जिक्र किया था. उन्होंने कहा था कि किस तरह उनकी सरकार गिराने की कोशिश हुई और विधायकों को बहकाकर मानेसर ले जाया गया. उस वक्त भी इसे पायलट पर इशारा माना गया.
वहीं, उस दौर को भी याद किया जा रहा है जब कांग्रेस आलाकमान राजस्थान में नेतृत्व बदलने की तैयारी में था. कहा जाता है कि गहलोत को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने और पायलट को मुख्यमंत्री बनाने की योजना थी, लेकिन उस वक्त गहलोत खेमे के विधायकों ने बगावत कर दी थी और पूरा मामला पलट गया था. विधायक दल की बैठक से पहले ही इस्तीफों का खेल शुरू हो गया था, जिससे हाईकमान को अपना फैसला रोकना पड़ा.
अब एक बार फिर चर्चा है कि राजस्थान कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर खींचतान हो सकती है. माना जा रहा है कि सचिन पायलट इस पद के लिए दावेदारी कर सकते हैं. लेकिन यहां भी वही सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या गहलोत इस बार भी रास्ते में दीवार बनेंगे.
About the AuthorAnand Pandey
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
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Location :
Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
April 23, 2026, 19:15 IST



