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PM Fasal Bima Yojana: फसल बदली है तो 16 अगस्त से पहले बैंक में कराएं अपडेट, वरना अटक सकता है क्लेम

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फसल बदली है तो 16 अगस्त से पहले बैंक में कराएं अपडेट, वरना अटक सकता है क्लेम

Last Updated:August 09, 2026, 12:01 IST

Fasal Bima Claim Rules: खरीफ सीजन 2026 में जिन किसानों ने खेत में फसल बदली है, उन्हें 16 अगस्त से पहले नई गिरदावरी बैंक में जमा करानी होगी. बैंक और बीमा रिकॉर्ड में पुरानी फसल दर्ज रहने पर अतिवृष्टि, बाढ़ या सूखे से नुकसान होने पर बीमा क्लेम खारिज हो सकता है. इसके अलावा आधार, जनाधार और बैंक खाते में दर्ज विवरण में अंतर होने पर भी क्लेम अटक सकता है. किसान समय रहते अपने रिकॉर्ड अपडेट कराकर संभावित आर्थिक नुकसान से बचें.

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Fasal Bima Claim Rules: खरीफ सीजन 2026 में खेती करने वाले किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है. अगर आपने इस बार अपने खेत में फसल का चक्र बदला है, लेकिन बैंक या बीमा कंपनी के रिकॉर्ड में पुरानी फसल ही दर्ज है, तो प्राकृतिक आपदा की स्थिति में आपका बीमा क्लेम पूरी तरह से खारिज हो सकता है. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत फसल बदलाव की जानकारी बैंक में दर्ज कराने की अंतिम तिथि 16 अगस्त 2026 तय की गई है.

कई किसान हर साल अपने खेतों में अलग-अलग फसलों की बुवाई करते हैं. उदाहरण के तौर पर, अगर किसी किसान ने पिछले साल अपने खेत में बाजरा बोया था और इस बार उसी जमीन पर ग्वार, मूंग या तिल की बुवाई की है, तो उसे नई गिरदावरी (फसल कटाई/बुवाई का सरकारी रिकॉर्ड) बनवाकर तुरंत अपने संबंधित बैंक शाखा में जमा करानी होगी.

बैंक रिकॉर्ड अपडेट न होने पर क्यों रुकता है क्लेम?ग्रामीण क्षेत्रों में यह आम धारणा है कि एक बार फसल बीमा कराने के बाद हर साल रिकॉर्ड अपने आप अपडेट हो जाता है. हालांकि, हकीकत इसके बिल्कुल उलट है. बैंक और बीमा कंपनियां केवल उसी फसल का बीमा मानती हैं जो उनके आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज होती है. यदि किसी क्षेत्र में बाढ़, भारी बारिश, अतिवृष्टि या सूखा पड़ने से फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाती है, तो बीमा कंपनी का सर्वेयर नुकसान का जायजा लेने खेत पर पहुंचता है. जब सर्वेयर मौके पर ग्वार या मूंग देखता है और कागजों में बाजरा दर्ज मिलता है, तो रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति में सीधा अंतर आ जाता है. ऐसी स्थिति में बीमा दावा (Insurance Claim) तुरंत निरस्त कर दिया जाता है.

दस्तावेजों में नाम या पते की गलती भी पड़ सकती है भारीकृषि विशेषज्ञों के अनुसार, केवल फसल बदलना ही क्लेम अटकने की एकमात्र वजह नहीं है. किसान के पहचान पत्रों और बैंक खातों में मौजूद छोटी-छोटी गलतियां भी क्लेम में बाधा बनती हैं.

नाम की स्पेलिंग में अंतर: आधार कार्ड, जनाधार कार्ड और बैंक पासबुक में नाम की स्पेलिंग अलग होना.
पारिवारिक विवरण: पिता या पति के नाम में भिन्नता होना.
जनसांख्यिकी विवरण: जन्मतिथि या स्थाई पते का रिकॉर्ड में मेल न खाना.
इन सभी जानकारियों का आपस में मिलान न होने पर बीमा राशि की डीबीटी (Direct Benefit Transfer) प्रक्रिया अटक जाती है.

16 अगस्त से पहले किसान जरूर पूरे करें ये 5 मुख्य कामनई गिरदावरी जमा करें: बुवाई का काम पूरा होते ही पटवारी से नई गिरदावरी बनवाकर बैंक में प्रस्तुत करें.

बैंक को लिखित सूचना दें: यदि इस सीजन फसल बदली है तो अपने बैंक प्रबंधक को लिखित आवेदन देकर फसल का नाम अपडेट करवाएं.
दस्तावेजों का मिलान करें: आधार, जनाधार और बैंक खाते में दर्ज नाम, पता व अन्य विवरण समान रखें.
आवेदन का सत्यापन करें: फसल बीमा के आवेदन में दर्ज फसल का नाम और गिरदावरी में दर्ज फसल का स्वयं मिलान करें.
रसीद सुरक्षित रखें: प्रीमियम कटौती का एसएमएस और बैंक से प्राप्त रसीद को भविष्य के लिए संभालकर रखें.
समय रहते अपने दस्तावेजों और फसल रिकॉर्ड को सही कराकर किसान प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले आर्थिक नुकसान से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं.
About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…

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Nagaur,Nagaur,Rajasthan

First Published :

August 09, 2026, 12:01 IST

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