Rajasthan Atma Scheme | Rajasthan Atma Scheme Farmers Award | किसानों को मिलेगा 50 हजार का पुरस्कार, 31 अगस्त तक करें आवेदन

होमफोटोकृषि
Rajasthan Atma Scheme: प्रगतिशील किसानों को मिलेगा 50 हजार रुपए का पुरस्कार
Last Updated:August 21, 2026, 11:02 IST
Rajasthan Atma Scheme Agriculture News: राजस्थान कृषि विभाग आत्मा योजना के तहत आधुनिक तकनीक और नए प्रयोग करने वाले प्रगतिशील किसानों को 50 हजार रुपए तक का सम्मान देगा. यह पुरस्कार पंचायत समिति (10 हजार), जिला (25 हजार) और राज्य स्तर (50 हजार) पर दिया जाएगा. इसमें उन्नत फसल उत्पादन, फल-सब्जी की खेती, जैविक कृषि, जल संरक्षण और पशुपालन में नवाचार करने वाले किसान पात्र होंगे. आवेदन की अंतिम तिथि 31 अगस्त तय की गई है. किसान कृषि पर्यवेक्षक या जिला कृषि विभाग से संपर्क कर आवेदन कर सकते हैं.
Agriculture News: खेती में परंपरागत तरीकों के साथ आधुनिक तकनीक और नए प्रयोग अपनाकर उत्पादन बढ़ाने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है. राजस्थान कृषि विभाग ने ऐसे किसानों को सम्मानित करने का फैसला किया है. कृषि विस्तार सुधार कार्यक्रम यानी आत्मा योजना के तहत ऐसे प्रगतिशील किसानों को पंचायत समिति, जिला और राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा.खास बात यह है कि किसानों को नकद पुरस्कार के साथ प्रशस्ति-पत्र भी दिया जाएगा.
इसमें आवेदन की अंतिम तिथि 31 अगस्त निर्धारित की गई है. कृषि अधिकारियों के अनुसार, किसानों की मेहनत और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए आत्मा योजना में तीन स्तरों पर पुरस्कार की व्यवस्था की गई है. पंचायत समिति स्तर पर चयनित किसान को 10 हजार रुपए, जिला स्तर पर 25 हजार रुपए और राज्य स्तर पर चयनित किसान को 50 हजार रुपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी. इससे किसानों को अपनी खेती में किए जा रहे नए प्रयोगों को आगे बढ़ाने और दूसरे किसानों को भी प्रेरित करने का अवसर मिलेगा.
जो किसान खाद्यान्न और व्यावसायिक फसलों में बेहतर उत्पादन ले रहे हैं, वे इस सम्मान के लिए पात्र हो सकते हैं. इसके अलावा आधुनिक तकनीक से फल, फूल और सब्जियों की खेती करने वाले किसानों के कार्यों को भी चयन में प्राथमिकता दी जाएगी. खेती में उन्नत तकनीक अपनाकर कम लागत में अधिक उत्पादन, बेहतर गुणवत्ता और उत्पादकता बढ़ाने वाले किसानों की उपलब्धियों को भी पुरस्कार के लिए आधार बनाया जाएगा.
Add as Preferred Source on Google
आज के समय में किसान टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल खेती की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसे में आत्मा योजना में जैविक, रसायन-मुक्त और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने वाले किसानों के कार्यों को भी विशेष महत्व दिया जाएगा. यदि किसी किसान ने जैविक खेती, प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग या कम रसायनों के प्रयोग से गुणवत्तापूर्ण उत्पादन हासिल किया है तो वह अपनी उपलब्धि के आधार पर सम्मान के लिए आवेदन कर सकता है.
कृषि में आधुनिक मशीनरी, नई तकनीक और जल संरक्षण के अभिनव प्रयोग करने वाले किसानों के लिए भी यह योजना अहम है. खेत में सिंचाई की बचत, पानी का बेहतर प्रबंधन, कृषि यंत्रीकरण, नई उत्पादन तकनीक या संसाधनों के कुशल उपयोग से खेती को लाभ पहुंचाने वाले प्रयोग चयन का हिस्सा बन सकते हैं. ऐसे किसान अपने नवाचार से जुड़े फोटो, उपलब्धि का विवरण और तकनीकी जानकारी तैयार रखें, ताकि आवेदन के समय उसे प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया जा सके.
आत्मा योजना का दायरा केवल फसल उत्पादन तक सीमित नहीं है. उन्नत नस्ल सुधार, दुग्ध उत्पादन, पशु प्रबंधन और पशुपालन से जुड़े बेहतर प्रयोग करने वाले किसानों की उपलब्धियों को भी सम्मान के लिए शामिल किया गया है. यदि किसी किसान ने उन्नत पशुपालन तकनीक अपनाकर दूध उत्पादन बढ़ाया है, पशुओं की नस्ल सुधार में उल्लेखनीय कार्य किया है या प्रबंधन की नई तकनीक से बेहतर परिणाम हासिल किए हैं तो वह भी अपनी उपलब्धियों के आधार पर आवेदन कर सकता है.
सम्मान के इच्छुक किसानों को अपने खेत या पशुपालन से जुड़े उत्कृष्ट कार्यों के फोटो, उपलब्धि पत्रक और तकनीकी विवरण देना होगा. आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी के लिए किसान अपने क्षेत्र के कृषि पर्यवेक्षक, सहायक कृषि अधिकारी अथवा संबंधित ब्लॉक और जिला कृषि कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं. आवेदन की अंतिम तिथि 31 अगस्त है. इस योजना की जानकारी किसान जिला कृषि विभाग के कार्यालय में जाकर भी ले सकते हैं.
First Published :
August 21, 2026, 11:02 IST



