Rajasthan

Sanwariya Seth Temple | सांवलिया सेठ के अनोखे चढ़ावे

Last Updated:April 30, 2026, 07:45 IST

Sanwariya Seth Temple Chittorgarh: चित्तौड़गढ़ के श्री सांवलिया सेठ मंदिर में भक्तों द्वारा चांदी का पेट्रोल पंप, मोबाइल कवर, अफीम का पौधा और कार-बंगले के मॉडल चढ़ाने का अनोखा चलन बढ़ रहा है. स्थानीय ज्वेलर्स भक्तों की मन्नत के अनुसार इन अजब-गजब चीजों को चांदी में तैयार करते हैं. मंदिर में हर महीने करोड़ों रुपये का चढ़ावा आता है और अमावस्या व एकादशी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. यह अनोखा चढ़ावा भगवान के प्रति भक्तों की गहरी कृतज्ञता और व्यापारिक साझेदारी के विश्वास को दर्शाता है.

ख़बरें फटाफट

Sanwariya Seth Temple Chittorgarh: राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित भगवान श्री सांवलिया सेठ के मंदिर में इन दिनों श्रद्धालुओं की अनोखी आस्था और उनके चढ़ावे का अनूठा तरीका चर्चा का विषय बना हुआ है. यहाँ हर दिन हजारों की संख्या में भक्त अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुँचते हैं और मन्नत पूरी होने पर भगवान को धन्यवाद कहने का उनका तरीका बहुत ही निराला है.

यहाँ भक्त केवल पारंपरिक नारियल या मिठाई ही नहीं चढ़ाते, बल्कि अपनी पसंद, जीवनशैली और अपने व्यवसाय से जुड़ी चीजें भी भगवान के चरणों में अर्पित कर रहे हैं. कोई चांदी की मोर-चिड़िया और छड़ी चढ़ा रहा है, तो कोई अपनी पसंद का मोबाइल कवर तक भगवान को भेंट कर रहा है. इतना ही नहीं, भक्तों द्वारा कार, आलीशान बंगले और बाइक के मॉडल भी मन्नत पूरी होने पर भेंट किए जा रहे हैं.

व्यापार और मन्नत के अनुसार चांदी के मॉडलभक्तों की इस विशेष श्रद्धा को पूरा करने के लिए यहाँ ‘स्वर्ण गंगा ज्वेलर्स’ जैसी दुकानें भी सक्रिय हैं, जहाँ इन अजब-गजब चढ़ावों को चांदी में विशेष रूप से तैयार किया जाता है. दुकान के संचालक पंकज कुमार जैन बताते हैं कि उनके यहाँ सालों से भक्तों के ऑर्डर पर विभिन्न प्रकार की चीजें बनाई जा रही हैं. भक्त अपनी मनोकामना पूरी होने पर उसी से जुड़ी वस्तु बनवाते हैं, जैसे यदि किसी का व्यापार अच्छा चल निकलता है, तो वह अपने व्यापार का प्रतीक बनवाकर चढ़ाता है. यहाँ चांदी की लहसुन, हरी मिर्च, अफीम का पौधा और भगवान की पोशाक जैसी चीजें नियमित रूप से बनती हैं. सबसे दिलचस्प बात यह है कि यहाँ भक्तों की मांग पर चांदी का रावण और यहाँ तक कि चांदी का पेट्रोल पंप तक तैयार किया जा चुका है.

करोड़ों का चढ़ावा और भक्तों का महाकुंभश्री सांवलिया सेठ मंदिर के प्रति भक्तों का विश्वास इतना गहरा है कि यहाँ हर महीने करोड़ों रुपए का दान प्राप्त होता है. मंदिर के दानपात्रों से निकलने वाले चढ़ावे की गिनती मासिक रूप से करोड़ों में होती है. विशेषकर अमावस्या और एकादशी के दिन मंदिर में भक्तों की इतनी भारी भीड़ उमड़ती है कि हजारों की संख्या में लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलती हैं. भक्त मानते हैं कि सांवलिया सेठ उनके जीवन और व्यापार के साझीदार हैं, और यही अटूट विश्वास इस मंदिर को पूरे भारत में एक विशेष पहचान दिलाता है.

न्यूजलेटर

अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज

खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में

सबमिट करें

Location :

Chittaurgarh,Rajasthan

First Published :

April 30, 2026, 07:40 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj