Sharad Purnima puja Samagri List in hindi | शरद पूर्णिमा पूजन सामग्री लिस्ट

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25 अक्टूबर शरद पूर्णिमा, मां लक्ष्मी-चंद्रदेव की पूजा में काम आएंगी ये चीजें
Last Updated:October 23, 2026, 08:22 IST
Sharad Purnima Puja Samagri: इस साल 25 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है और सुख-समृद्धि बढ़ती है. अगर आप भी शरद पूर्णिमा पर पूजन की तैयारी कर रहे हैं, तो अभी से संपूर्ण पूजन सामग्री की लिस्ट नोट कर लें. सही सामग्री के साथ विधि-विधान से पूजा करने पर सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और घर मेंार में मां लक्ष्मी का वास होता है.
Sharad Purnima Puja Samagri List: शरद पूर्णिमा का पर्व देशभर में 25 अक्टूबर दिन रविवार को मनाया जाएगा. हर वर्ष आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को शरद पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है. हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है. इस दिन मां लक्ष्मी और चंद्रदेव की पूजा करने की परंपरा रही है. मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है और उसकी किरणें अमृत के समान गुणकारी मानी जाती हैं. इस अवसर पर लोग घरों में पूजा करते हैं और रात में चांदनी के नीचे खीर रखने की परंपरा निभाते हैं. ऐसे में आप शरद पूर्णिमा की पूजा के लिए अभी से पूजन सामग्री मंगा लें ताकि पूजन के समय कोई चीज छूट ना जाए. साथ ही उसी दिन बाजार से सामान मंगवाना महंगा भी साबित हो सकता है. आइए जानते हैं शरद पूर्णिमा पूजन सामग्री लिस्ट…
शरद पूर्णिमा की पूजा सामग्री लिस्ट | Sharad Purnima Puja Samagri List
शरद पूर्णिमा की पूजा करने के लिए पहले से सभी जरूरी सामग्री एकत्र कर लें. पूजा की थाली में ये चीजें शामिल करें:
भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर
चंद्रदेव की पूजा के लिए जल से भरा पात्र
रोली, कुमकुम और अक्षत (साबुत चावल)
फूल और फूलों की माला
धूप, दीपक, घी और रुई की बत्ती
फल, मिठाई और बताशे
दूध, चावल, चीनी और मेवे से बनी खीर
गंगाजल और शुद्ध जल
पान, सुपारी और नारियल
पूजा के लिए थाली, चांदी/पीतल/तांबे का कलश और आसन
तुलसी दल, अगर पूजा परंपरा में आवश्यक हो
दान के लिए अनाज, वस्त्र या दक्षिणा
शरद पूर्णिमा पर करें यह कामनारद पुराण के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात को माता लक्ष्मी पृथ्वी पर विचरण करती हैं और घरों में प्रवेश करती हैं. इस दिन सफेद वस्त्र पहनकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए. साथ ही, कनकधारा स्तोत्र के पाठ और ‘ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करने से धन-धान्य में वृद्धि होती है. रात को केसर युक्त खीर बनाकर चंद्रमा की रोशनी में रखना और उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करना स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए लाभकारी माना जाता है.
शरद पूर्णिमा पर कैसे करें पूजा?इस दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थल की सफाई करें. शाम को मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करें. इसके बाद चंद्रमा निकलने पर चंद्रदेव को जल अर्पित करें और सुख-समृद्धि की कामना करें. रात में खीर बनाकर स्वच्छ स्थान पर रखें और अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार भोग लगाकर प्रसाद ग्रहण करें. शरद पूर्णिमा पर श्रद्धा, भक्ति और दान का विशेष महत्व माना जाता है.
About the AuthorParag SharmaChief Sub Editor
पराग शर्मा Hindi Digital में Chief Sub Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, ग्रह-नक्षत्र, राशि और वास्तु से जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेद…
October 23, 2026, 08:22 IST



