Sikar News: सीकर के 28 पीएमश्री स्कूल बनेंगे ग्रीन स्कूल, 4470 बच्चे सीखेंगे पर्यावरण संरक्षण के गुर

Last Updated:August 28, 2026, 16:54 IST
सीकर जिले के 28 पीएमश्री स्कूलों को ‘ग्रीन स्कूल’ के रूप में विकसित किया जाएगा, योजना के तहत 31.72 लाख रुपए खर्च होंगे. स्कूलों में एलईडी लाइट, कचरा प्रबंधन, कंपोस्ट पिट, किचन गार्डन और औषधीय पौधों की व्यवस्था के साथ विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के सही उपयोग का व्यावहारिक ज्ञान दिया जाएगा. 4470 विद्यार्थी शैक्षणिक भ्रमण के जरिए पर्यावरण संरक्षण की गतिविधियों को करीब से समझेंगे.
सीकर जिले के 28 पीएमश्री स्कूलों को अब ग्रीन स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा. केंद्र सरकार की पीएमश्री योजना के तहत इन स्कूलों में बच्चों को पढ़ाई के साथ पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, ऊर्जा बचत और कचरा प्रबंधन का व्यावहारिक ज्ञान दिया जाएगा. ग्रीन स्कूल से जुड़े कई प्रोग्रामों पर कुल 31.72 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे. इस योजना का उद्देश्य सरकारी स्कूल के बच्चों को प्रकृति के करीब लाना है.
ग्रीन स्कूल योजना के तहत स्कूलों में बिजली की बचत पर भी विशेष जोर रहेगा. पुराने बल्ब और ट्यूबलाइट हटाकर उनकी जगह एलईडी लाइट लगाई जाएंगी. इसके अलावा स्टूडेंट्स को बिजली की बचत और बिजली के सीमित उपयोग का महत्व समझाया जाएगा. इसके साथ ही स्कूल परिसर में स्वच्छता बनाए रखने और संसाधनों के सही उपयोग के लिए विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित की जाएगी. बच्चे इन कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेंगे.
ग्रीन स्कूल के बच्चों में रचनात्मकता और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी विकसित करने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी. इनमें कबाड़ से उपयोगी वस्तुएं तैयार करना भी सिखाया जाएगा. इससे बच्चे बेकार समझी जाने वाली वस्तुओं का दोबारा उपयोग करना सीखेंगे. इससे उनमें कचरा कम करने, संसाधनों को बचाने और पुरानी वस्तुओं को उपयोगी बनाने की सोच विकसित होगी.
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योजना के तहत सीकर जिले के 4470 स्टूडेंट्स को नर्सरी, बगीचों और नगर परिषद कार्यालयों का शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा. भ्रमण के दौरान विद्यार्थी पर्यावरण संरक्षण, पौधों की देखभाल, स्वच्छता और कचरा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं को नजदीक से देख सकेंगे. इससे उन्हें किताबों में पढ़े पर्यावरण संबंधी विषयों को वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ने का अवसर मिलेगा और प्रकृति के प्रति उनकी रुचि बढ़ेगी.
इन स्कूलों में हर्बल और औषधीय पौधों के साथ किचन गार्डन भी विकसित किए जाएंगे. स्टूडेंट्स पौधे लगाने, उनकी नियमित देखभाल करने और उनके उपयोग व लाभ को समझने में भाग लेंगे. कुछ स्कूलों में सब्जियां भी उगाई जाएंगी. किचन गार्डन और औषधीय पौधों के विकास के लिए 2.80 लाख रुपए का बजट निर्धारित किया गया है. इससे बच्चों को खेती और हरियाली से जुड़ी जानकारी भी मिलेगी.
ग्रीन स्कूल योजना के तहत स्कूलों में कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए गीले और सूखे कचरे के लिए अलग-अलग डस्टबिन लगाए जाएंगे. गीले कचरे के लिए हरे और सूखे कचरे के लिए नीले रंग के डस्टबिन का उपयोग होगा. बच्चों को इस योजना से जोड़ने के लिए डस्टबिन पर कार्टून और पसंदीदा पात्रों की तस्वीरें बनाई जाएंगी. साथ ही गीले कचरे से खाद बनाने के लिए कंपोस्ट पिट तैयार किए जाएंगे.
योजना के तहत तैयार होने वाली खाद का उपयोग स्कूल परिसर के गार्डन और किचन गार्डन में किया जा सकेगा. इस योजना के कार्यक्रम की निगरानी के लिए जिला शिक्षा अधिकारी और संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है. अधिकारी महीने में कम से कम दो बार स्कूलों का औचक निरीक्षण करेंगे. निरीक्षण में कार्यक्रमों और बजट के उपयोग की जांच होगी. स्कूल प्रधानों को प्रत्येक कार्यक्रमों का रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज करना होगा.
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August 28, 2026, 16:54 IST



