Sri Ganganagar AQI: श्रीगंगानगर की हवा हुई जहरीली, AQI 258 पर पहुंचा, सांस लेना हो सकता है मुश्किल

Last Updated:November 03, 2026, 16:16 IST
Sri Ganganagar AQI: श्रीगंगानगर में बदलते मौसम के साथ वायु प्रदूषण बढ़ने लगा है, मंगलवार अलसुबह शहर का AQI 258 दर्ज किया गया. हवा की गुणवत्ता खराब होने से आंखों में जलन और सांस संबंधी परेशानियों का खतरा बढ़ गया है. बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है.
श्रीगंगानगर. मौसम में बदलाव के साथ ही श्रीगंगानगर की आबोहवा भी प्रभावित होने लगी है, शहर में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है. मंगलवार अलसुबह श्रीगंगानगर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 258 दर्ज किया गया. AQI का स्तर 200 के पार पहुंचना स्वास्थ्य के लिहाज से चिंता का विषय माना जाता है. हवा में प्रदूषण की बढ़ती मात्रा के कारण शहरवासियों को आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.
मौसम में बदलाव के बीच हवा की गुणवत्ता खराब होने से लोगों की सेहत पर इसका असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है. खासकर सुबह के समय वातावरण में प्रदूषण का स्तर अधिक रहने पर बाहर निकलने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है. ऐसे में शहरवासियों को अपनी दिनचर्या में सावधानी बरतने की जरूरत है.
200 के पार AQI पहुंचना स्वास्थ्य के लिए चिंता की बात
वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI के जरिए हवा में मौजूद प्रदूषण के स्तर का आकलन किया जाता है, सामान्य तौर पर AQI जितना अधिक होता है, हवा की गुणवत्ता उतनी ही खराब मानी जाती है. श्रीगंगानगर में मंगलवार सुबह 258 AQI दर्ज होना बताता है कि शहर की हवा फिलहाल अच्छी स्थिति में नहीं है. इस स्तर पर संवेदनशील लोगों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो सकती है.
बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत
हवा में प्रदूषण बढ़ने का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों पर पड़ सकता है. प्रदूषित हवा के संपर्क में आने से आंखों में जलन, खांसी, गले में खराश और सांस लेने में दिक्कत जैसी शिकायतें हो सकती हैं. अस्थमा और सांस की अन्य बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. बढ़ते AQI को देखते हुए लोगों को सुबह के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए. खासकर बच्चों और बुजुर्गों को खुले वातावरण में अधिक समय बिताने से परहेज करना चाहिए. बाहर निकलना जरूरी हो तो मास्क का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके अलावा सांस लेने में परेशानी या लगातार खांसी जैसी समस्या होने पर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए. श्रीगंगानगर में AQI का स्तर 258 तक पहुंचना शहर की हवा की गुणवत्ता को लेकर सतर्क रहने का संकेत है. ऐसे में मौसम के साथ बदलते प्रदूषण स्तर पर नजर रखना और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां अपनाना जरूरी हो गया है.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Ganganagar,Rajasthan
First Published :
November 03, 2026, 16:16 IST



