Rajasthan

Sugarcane farming Tips | Sugarcane Harvesting Tips | गन्ने की कटाई के दौरान रखें इन बातों का ध्यान

Last Updated:October 08, 2026, 08:15 IST

Sugarcane Harvesting Tips by Dr Indra Singh: गन्ने की कटाई का समय शुरू हो गया है. कृषि विशेषज्ञ डॉ इंद्र सिंह ने किसानों को सलाह दी है कि वे पूरी तरह पकने के बाद ही गन्ने की कटाई करें. कच्चे गन्ने में चीनी की मात्रा कम होती है. गन्ने को जमीन के बिल्कुल पास से काटना चाहिए ताकि वजन का नुकसान न हो. कटाई के बाद गन्ने को खेत में ज्यादा समय तक नहीं छोड़ना चाहिए, इससे वजन और मिठास घट जाती है. गन्ने को सूखी पत्तियां, मिट्टी और खराब हिस्सों से साफ करके जल्द चीनी मिल भेजना चाहिए. इन बातों का ध्यान रखकर किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.

ख़बरें फटाफट

Amazon Prime DayTop Deals Inside

भीलवाड़ा: भीलवाड़ा और इसके आसपास के क्षेत्रों में गन्ने की फसल की कटाई का समय अब पूरी तरह से शुरू हो गया है. दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही बड़ी संख्या में किसान गन्ने की कटाई और उसकी बिक्री की तैयारियों में जुट गए हैं. ऐसे महत्वपूर्ण समय में किसानों के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि वे गन्ने की कटाई सही तरीके और वैज्ञानिक विधि से करें. अगर कटाई के दौरान थोड़ी सी भी लापरवाही होती है, तो इसका सीधा असर फसल की गुणवत्ता, मिठास और कुल वजन पर पड़ता है. इससे किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. इसलिए, सही जानकारी और विशेषज्ञों की सलाह का पालन करना समय की मांग है.

कृषि विशेषज्ञ और भीलवाड़ा के पूर्व कृषि अधिकारी डॉ इंद्र सिंह ने किसानों को सलाह देते हुए बताया कि गन्ने की कटाई हमेशा फसल के पूरी तरह से पकने के बाद ही करनी चाहिए. कई बार किसान जल्दी मुनाफा कमाने या त्योहारों की मांग को देखते हुए कच्चे गन्ने की कटाई कर लेते हैं. कच्चे गन्ने में चीनी की मात्रा काफी कम रह जाती है. इससे गन्ने की मिठास कम होती है और चीनी मिलों में इसका उचित मूल्य नहीं मिल पाता है. किसानों को फसल की परिपक्वता के संकेत पहचानने चाहिए और उसी के आधार पर कटाई शुरू करनी चाहिए, ताकि उन्हें अपनी मेहनत का पूरा दाम मिल सके.

जमीन की सतह से करें कटाईडॉ इंद्र सिंह ने एक और महत्वपूर्ण बात पर जोर देते हुए बताया कि गन्ने की कटाई करते समय हमेशा यह कोशिश करनी चाहिए कि गन्ने को जमीन के बिल्कुल पास से काटा जाए. कुछ किसान गन्ने को थोड़ा ऊपर से काटते हैं, जिससे गन्ने का सबसे वजनदार और मीठा हिस्सा खेत में ही रह जाता है. नीचे का हिस्सा छोड़ने से किसान को सीधे तौर पर वजन का भारी नुकसान होता है. वहीं, बहुत ऊंचाई से कटाई करने पर खेत में गन्ने का कुछ हिस्सा रह जाता है, जिससे अगली फसल या पेड़ी की फसल के लिए भी समस्या उत्पन्न होती है. इसलिए जमीन की सतह से सटाकर कटाई करना सबसे फायदेमंद रहता है.

खेत में न छोड़ें कटा हुआ गन्नाकिसानों को इस बात का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए कि कटाई के बाद गन्ने को लंबे समय तक खेत में पड़ा न रहने दें. कटाई के बाद गन्ने में मौजूद नमी धीरे-धीरे कम होने लगती है, जिससे उसकी गुणवत्ता में भारी गिरावट आती है. ज्यादा समय तक खुले में पड़े रहने से गन्ने का वजन सूखकर कम हो जाता है और उसकी मिठास भी प्रभावित होती है. इससे मिलों में गन्ने का वजन कम बैठता है. इसलिए यह सुनिश्चित करें कि कटाई के तुरंत बाद गन्ने को जल्द से जल्द चीनी मिल या निर्धारित गन्ना खरीद केंद्र तक पहुंचा दिया जाए.

सफाई और सही छंटाई है जरूरीगन्ने को मिल में भेजने से पहले उसकी साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए. डॉ इंद्र सिंह के अनुसार, गन्ने के साथ सूखी पत्तियां, मिट्टी, जड़ें और अन्य कचरा नहीं होना चाहिए. गन्ने को अच्छी तरह से साफ करके ही बिक्री के लिए भेजना चाहिए. इसके अलावा, खेत में अगर कोई खराब, रोगग्रस्त या सूखा हुआ गन्ना है, तो उसे स्वस्थ गन्ने से अलग कर देना बेहतर रहता है. साफ और उच्च गुणवत्ता वाला गन्ना मिलों में जल्दी स्वीकार होता है और इससे किसानों को बिना किसी कटौती के बेहतर दाम मिलने की पूरी संभावना रहती है.

गन्ने की खेती में बीज बुवाई से लेकर कटाई तक का हर एक चरण बहुत महत्वपूर्ण होता है. लेकिन कटाई वह अंतिम पड़ाव है जो सीधे किसान की जेब से जुड़ा होता है. थोड़ी सी भी जल्दबाजी या कटाई के गलत तरीके से किसान अपनी साल भर की कमाई का एक बड़ा हिस्सा खो सकते हैं. डॉ इंद्र सिंह के अनुसार, आधुनिक खेती में जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है. अगर किसान इन आसान और व्यावहारिक सुझावों को अपनी खेती के तरीकों में शामिल कर लें, तो उनका नुकसान कम होगा और गन्ने की खेती उनके लिए और भी अधिक लाभदायक साबित होगी.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…

और पढ़ेंLocation :

Bhilwara,Bhilwara,Rajasthan

First Published :

October 08, 2026, 08:15 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj