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जज्बा हो तो ऐसा! बाड़मेर में एएनएम ने किया अंगदान,उनकी राह पर गांव के तीन लोगों ने किया अंगदान, बनी प्रेरणा की मिसाल

Last Updated:December 10, 2025, 18:22 IST

सरहद के सुदूर गांवों में तैनात एएनएम स्वदेश पुनिया ने खुद अंगदान का संकल्प लेकर गांववालों के बीच मानवता की मिसाल कायम की है. उनके इस कदम से प्रेरित होकर अब तक तीन ग्रामीणों ने भी अंगदान की प्रतिज्ञा की है. बीस साल से स्वास्थ्य सेवा दे रही स्वदेश ने न सिर्फ लोगों के जख़्म भरे, बल्कि उनकी सोच और जीवन में नई उम्मीद जगाई.

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बाड़मेर. सरहद के सुदूर गांवों में तैनात एक एएनएम ने ऐसा कदम उठाया है जिसने पूरे गांव की सोच बदल दी है, खुद अंगदान कर उन्होंने गांववालों के सामने मानवता की नई मिसाल पेश की है. उनकी प्रेरणा का असर इतना गहरा हुआ कि अब तक तीन ग्रामीण आगे आकर अंगदान की प्रतिज्ञा कर चुके हैं. धनाऊ के शांत रेगिस्तानी गांवों में एक महिला पिछले बीस साल से लोगों के जख़्मों पर मरहम ही नहीं लगाती बल्कि उनके दिलों में उम्मीद भी जगाती रही है. चुरू जिले की एएनएम स्वदेश पुनिया ने अंगदान का संकल्प लिया, तो ऐसा लगा जैसे पूरे इलाके की सोच बदल गई हो. उनके इस एक फैसले ने तीन और जीवनों में ऐसी लौ जलाई कि वे भी आगे बढ़कर अंगदान की राह अपनाने लगे हैं.

एएनएम ने किया जागरूक, 2003 से दे रही सेवाएं

किसी ने अपनी आंखें दान कर किसी की दुनिया रोशन करने का वादा किया है तो किसी ने अपने पूरे शरीर को दूसरों की नई जिंदगी के लिए समर्पित कर दिया है. महिला स्वास्थ्यकर्मी स्वदेश के इस फैसले ने न सिर्फ नई उम्मीद जगाई है बल्कि गांवों में जागरूकता की एक नई लहर भी शुरू कर दी है. बीस साल तक गांवों में बच्चों के जन्म से लेकर बुजुर्गों की आखिरी तकलीफ तक साथ देने वाली स्वदेश का यह फैसला सिर्फ एक घोषणा नहीं बल्कि गांव के दिलों में उतरी वह आवाज़ है जिसने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया है.

स्वदेश की प्रेरणा से पाक विस्थापित 60 वर्षीय तगदान चारण, 30 वर्षीय पृथ्वीसिंह सोढ़ा ने अंगदान की घोषणा की है, जबकि 45 वर्षीय जयराम सुथार ने अपनी आंखें दान करने की घोषणा की है. स्वदेश पुनिया शहीद का तला में उपस्वास्थ्य केंद्र में एएनएम हैं, जबकि उनके पति सुरेंद्र पुनिया शहीद मौज अली का तला के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक हैं. स्वदेश चुरू जिले के राजगढ़ तहसील के गुडान गांव की निवासी हैं और बाड़मेर के शहीद मौज अली का तला में साल 2003 से कार्यरत हैं.

About the AuthorMonali Paul

Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें

Location :

Barmer,Rajasthan

First Published :

December 10, 2025, 18:22 IST

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स्वदेश पुनिया ने अंगदान में मिसाल कायम की, बाड़मेर में जागरूकता बढ़ी

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