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गुलाबी फूलों वाला जरुल सिर्फ सुंदर नहीं, औषधीय गुणों के लिए भी है खास, जानें फायदे

Last Updated:August 14, 2026, 07:36 IST

जरुल का पौधा अपनी खूबसूरत गुलाबी और बैंगनी फूलों की वजह से घर, पार्क और बगीचों की शोभा बढ़ाता है. इसके अलावा इसकी पत्तियों, छाल और दूसरे हिस्सों का पारंपरिक चिकित्सा में इस्तेमाल होता रहा है. डायबिटीज, सूजन, त्वचा और पेट से जुड़ी समस्याओं में इसके उपयोग की चर्चा मिलती है, लेकिन इनके प्रभाव और सुरक्षित मात्रा को लेकर विशेषज्ञ की सलाह जरूरी है.

गोंडा: घर और बगीचे की खूबसूरती बढ़ाने के लिए लोग कई तरह के पौधे लगाते हैं. इनमें जरुल का पौधा भी काफी खास है. जरुल देखने में बहुत सुंदर होता है और इसमें खूबसूरत फूल आते हैं. यही वजह है कि इसे घर, पार्क और सड़क किनारे सजावट के लिए लगाया जाता है. लेकिन जरुल केवल सुंदरता बढ़ाने वाला पौधा ही नहीं है. इसका इस्तेमाल पारंपरिक रूप से कई स्वास्थ्य समस्याओं में भी किया जाता रहा है.

लोकल 18 से बातचीत के दौरान वैद्य डॉ अभिषेक कुमार मिश्र बताते हैं कि जरुल को एक औषधीय पौधे के रूप में भी जाना जाता है. इसकी पत्तियों, छाल और दूसरे हिस्सों का अलग-अलग तरीके से पारंपरिक उपयोग किया जाता है. इसके पौधे पर कई वैज्ञानिक अध्ययन भी हो चुके हैं. हालांकि, किसी बीमारी के इलाज के लिए इसका इस्तेमाल डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह से ही करना चाहिए.

बेहद खूबसूरत होता है पौधा: जरुल का पेड़ काफी आकर्षक दिखाई देता है. गर्मी और बारिश के मौसम में इसमें सुंदर फूल आते हैं. इसके फूल गुलाबी, बैंगनी या हल्के बैंगनी रंग के हो सकते हैं. फूल गुच्छों में लगते हैं, जिससे पूरा पेड़ दूर से काफी सुंदर दिखाई देता है. इसके हरे पत्ते भी पेड़ की सुंदरता बढ़ाते हैं. यही कारण है कि लोग इसे अपने घर के आसपास, पार्क और बगीचों में लगाना पसंद करते हैं.

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पत्तियों का किया जाता है पारंपरिक उपयोग: जरुल की पत्तियों का पारंपरिक चिकित्सा में काफी समय से उपयोग किया जाता रहा है. इसकी पत्तियों में कुछ प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं, जरुल की पत्तियों में पाए जाने वाले कोरोसोलिक एसिड को लेकर खास तौर पर शोध हुआ है. माना जाता है कि यह शरीर में ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है. इसी वजह से कई जगहों पर जरुल की पत्तियों का इस्तेमाल ब्लड शुगर से जुड़ी समस्या में पारंपरिक रूप से किया जाता है.

डायबिटीज में चर्चा में रहता है जरुल: जरुल का नाम डायबिटीज से जुड़े घरेलू और पारंपरिक उपायों में भी लिया जाता है. इसकी पत्तियों में पाए जाने वाले कुछ तत्व ब्लड शुगर पर असर डाल सकते हैं. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि डायबिटीज के मरीज अपनी दवा छोड़ दें. अगर कोई व्यक्ति पहले से शुगर की दवा ले रहा है तो उसे जरुल का इस्तेमाल शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए.

सूजन में भी उपयोग: जरुल में कुछ ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं जिनमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होने की बात सामने आई है. आसान भाषा में समझें तो ये तत्व शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले कुछ तत्वों से बचाने में मदद कर सकते हैं. पारंपरिक रूप से इसके अलग-अलग हिस्सों का इस्तेमाल सूजन जैसी समस्याओं में भी किया जाता रहा है. हालांकि, इसके प्रभाव को लेकर अभी और शोध की जरूरत है.

त्वचा के लिए भी होता है इस्तेमाल: जरुल की छाल और पत्तियों का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से त्वचा से जुड़ी कुछ समस्याओं में भी किया जाता रहा है. कुछ जगहों पर इसके पत्तों या छाल से तैयार लेप का इस्तेमाल करने की परंपरा रही है. लेकिन किसी भी पौधे का लेप सीधे त्वचा पर लगाने से पहले सावधानी जरूरी है. अगर त्वचा पर जलन, खुजली या एलर्जी हो तो तुरंत इसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए.

पेट की समस्या में भी पारंपरिक उपयोग: जरुल की छाल और दूसरे हिस्सों का पारंपरिक रूप से पेट से जुड़ी कुछ परेशानियों में इस्तेमाल किया जाता रहा है. हालांकि, पेट दर्द, दस्त या दूसरी समस्या के पीछे कई कारण हो सकते हैं. इसलिए अगर पेट से जुड़ी परेशानी ज्यादा समय तक रहती है तो डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है. केवल किसी पौधे के भरोसे बीमारी का इलाज करना सही नहीं है.

इस्तेमाल से पहले रखें सावधानी: डॉ अभिषेक कुमार मिश्र बताते हैं कि जरुल के औषधीय उपयोग की कई बातें पारंपरिक रूप से प्रचलित हैं, लेकिन हर व्यक्ति के शरीर पर इसका असर एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं है. खासकर गर्भवती महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और पहले से किसी बीमारी की दवा लेने वाले लोगों को बिना सलाह इसका सेवन नहीं करना चाहिए. जरुल की पत्तियां, छाल या बीज कितनी मात्रा में इस्तेमाल किए जाएं, यह भी विशेषज्ञ ही सही तरीके से बता सकता है. गलत मात्रा में इस्तेमाल करने से नुकसान हो सकता है.

सजावट के साथ औषधीय गुण भी: डॉ अभिषेक कुमार मिश्र ने बताया कि जरुल का पौधा घर और बगीचे की खूबसूरती बढ़ाने के साथ अपने औषधीय गुणों के कारण भी खास माना जाता है. इसके फूल देखने में सुंदर होते हैं, जबकि इसकी पत्तियों और दूसरे हिस्सों का पारंपरिक चिकित्सा में उपयोग किया जाता रहा है. इसे किसी बीमारी का पक्का इलाज नहीं माना जा सकता. अगर आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है तो डॉक्टर से सलाह लेना सबसे बेहतर है. जरुल के औषधीय इस्तेमाल को लेकर सही जानकारी किसी योग्य आयुर्वेद विशेषज्ञ या चिकित्सक से ही लेनी चाहिए.

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August 14, 2026, 07:36 IST

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