इस जन्म में जरूर देख लीजिए पुनर्जन्म पर बेस्ड 10 फिल्में, 1 ने बदला बॉक्स ऑफिस का गणित, दूसरी फ्लॉप होकर बनी कल्ट

Last Updated:April 29, 2026, 12:12 IST
बॉलीवुड में समय-समय पर पुनर्जन्म पर फिल्में बनती रही हैं. ये 70-80 और 90 के शुरुआती दौर में मेकर्स का पसंदीदा टॉपिक था. रहस्य और थ्रिलर के साथ फिल्म को नए तड़का लगाकर पेश किया जाता रहा है. अधूरी प्रेम कहानियों, बदले की आग, नियति और जन्म-जन्मांतर के रिश्तों को बड़े पर्दे पर जिस अंदाज में दिखाया गया, उसने इन फिल्मों को यादगार बना दिया. आज बॉलीवुड की 10 ऐसी बेहतरीन फिल्मों के बारे में बताते हैं.
बिमल रॉय निर्देशित ‘मधुमती’ हिंदी सिनेमा की सबसे प्रभावशाली फिल्मों में गिनी जाती है जो पुनर्जन्म पर आधारित है. फिल्म में दिलीप कुमार, वैजयंतीमाला और प्राण मुख्य भूमिकाओं में थे. कहानी एक ऐसे युवक की है, जिसे एक रहस्यमयी हवेली में पहुंचने के बाद अपने पिछले जन्म की यादें सताने लगती हैं. फिल्म प्रेम, विश्वासघात और अधूरी आत्मा की मुक्ति की भावनात्मक यात्रा दिखाती है. सलिल चौधरी का संगीत और ‘सुहाना सफर’ जैसे गीत आज भी अमर हैं. शानदार सिनेमैटोग्राफी, रहस्य और भावनात्मक गहराई ने इसे क्लासिक बनाया. ‘मधुमती’ को कई फिल्मफेयर पुरस्कार मिले और इसे भारतीय सिनेमा में पुनर्जन्म आधारित फिल्मों की नींव रखने वाली रचना माना जाता है.
‘मिलन’ में पुनर्जन्म और अधूरे प्रेम की मार्मिक कहानी दिखाई गई. सुनील दत्त और नूतन स्टारर यह फिल्म बंगाली कहानी पर आधारित थी. कहानी दो प्रेमियों की है, जो सामाजिक बंधनों के कारण बिछड़ जाते हैं, लेकिन अगले जन्म में फिर मिलते हैं. फिल्म में भावनात्मक संवेदनाएं, भारतीय सामाजिक संरचना और नियति का गहरा प्रभाव दिखता है. संगीतकार लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का संगीत और ‘सावन का महीना’ जैसे गीत बेहद लोकप्रिय हुए. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल की और दर्शकों को यह विश्वास दिलाया कि सच्चा प्यार जन्मों-जन्मों तक कायम रह सकता है.
राम महेश्वरी निर्देशित ‘नीलकमल’ में पुनर्जन्म, रहस्य और साइकोलॉजी का दिलचस्प मिश्रण था. राज कुमार, मनोज कुमार और वहीदा रहमान की यह फिल्म एक ऐसी महिला की कहानी है, जो पिछले जन्म की अधूरी यादों और आत्मिक जुड़ाव से परेशान रहती है. फिल्म में डर, प्रेम और अलौकिक घटनाओं का प्रभावशाली मेल है. रवि का संगीत और ‘बाबुल की दुआएं लेती जा’ जैसे गीत आज भी लोकप्रिय हैं. फिल्म ने भावनात्मक और रहस्यमयी प्रस्तुति से दर्शकों को बांधे रखा.
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शक्ति सामंत निर्देशित ‘मेहबूबा’ में राजेश खन्ना और हेमा मालिनी की जोड़ी नजर आई. फिल्म दो प्रेमियों की कहानी है, जिनका प्यार पिछले जन्म में अधूरा रह जाता है और वर्तमान जन्म में फिर सामने आता है. ‘मेरे नैना सावन भादों’ जैसे गीतों ने फिल्म को अमर बना दिया. रहस्य, संगीत और पुनर्जन्म की थीम ने इसे खास बनाया. हालांकि बॉक्स ऑफिस पर प्रतिक्रिया मिश्रित रही, लेकिन संगीत और कहानी ने इसे कल्ट बनाया.
सुभाष घई की ‘कर्ज’ पुनर्जन्म और बदले की सबसे लोकप्रिय बॉलीवुड फिल्मों में शुमार है. ऋषि कपूर ने एक ऐसे गायक की भूमिका निभाई, जिसे अपने पिछले जन्म की हत्या की यादें लौटती हैं. सिमी ग्रेवाल ने निगेटिव भूमिका में गहरी छाप छोड़ी. फिल्म का संगीत, खासकर ‘ओम शांति ओम’, सुपरहिट रहा. यह फिल्म अपने स्टाइलिश ट्रीटमेंट, सस्पेंस और म्यूजिक के कारण कल्ट क्लासिक बनी. उस वक्त भले ही फिल्म फ्लॉर थी, लेकिन कल्ट क्लासिक साबित हुई.
चेतन आनंद की ‘कुदरत’ पुनर्जन्म, न्याय और रहस्य का बेहतरीन मिश्रण थी. राजेश खन्ना, हेमा मालिनी और राज कुमार की यह फिल्म कोर्टरूम ड्रामा के साथ पुनर्जन्म की अवधारणा जोड़ती है. कहानी में अतीत की अधूरी सच्चाई वर्तमान में न्याय की मांग करती है. फिल्म ने अपनी अनोखी पटकथा से अलग पहचान बनाई.
राकेश रोशन की ‘करण अर्जुन’ पुनर्जन्म और बदले की सबसे लोकप्रिय मसाला फिल्मों में गिनी जाती है. सलमान खान और शाहरुख खान दो भाइयों के रूप में दिखे, जो पिछले जन्म में मारे जाते हैं और बदला लेने लौटते हैं. राखी का डायलॉग ‘मेरे करण अर्जुन आएंगे’ आज भी आइकॉनिक है. साल 1995 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 30 साल बाद 2025 में थिएटर्स में री-रिलीज हुई थी. फिल्म ने छप्परफाड़ कमाई कर बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया था.
फराह खान निर्देशित यह फिल्म पुनर्जन्म को बॉलीवुड ग्लैमर के साथ पेश करती है. शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण की यह फिल्म अधूरे प्रेम, मर्डर और बदले की कहानी है. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल की. फराह खान की डायरेक्टोरियल फिल्म से दीपिका पादुकोण ने फिल्म इंडस्ट्री में डेब्यू किया. ये जबरदस्त हिट रही थी और इसे ब्लॉकबस्टर का तमगा मिला था.
विक्रम भट्ट की यह फिल्म कई जन्मों की कहानी को आधुनिक अंदाज में दिखाती है. विक्रम की इस हॉरर थ्रिलर फिल्म से 90 के दशक की टॉप एक्ट्रेस करिश्मा कपूर ने पर्दे पर वापसी की थी. इस फिल्म में पुनर्जन्म के जरिए अलग-अलग युगों की कहानी दिखाई गई. हालांकि बॉक्स ऑफिस पर फिल्म सफल नहीं रही, लेकिन इसका कॉन्सेप्ट अलग था. करिश्मा की फिल्म दर्शकों पर 90 के दौर वाला जादू बिखेरने में पूरी तरह असफल रही.
‘महान’ मुख्य रूप से डबल रोल और पारिवारिक ड्रामा के लिए जानी जाती है. हालांकि इसमें पुनर्जन्म जैसे तत्वों की लोकप्रिय चर्चा भी हुई. अमिताभ बच्चन के ट्रिपल रोल ने फिल्म को खास बनाया. मनोरंजन, कॉमेडी और ड्रामा के कारण यह फिल्म दर्शकों में चर्चित रही.
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April 29, 2026, 12:12 IST



