Khairthal Mustard Oil Industry Success Story | खैरथल सरसों तेल की शुद्धता

Last Updated:April 19, 2026, 12:46 IST
Khairthal Mustard Oil Purity and Brands: खैरथल (खैरथल-तिजारा) का सरसों तेल उद्योग आजादी के समय से ही अपनी शुद्धता के लिए प्रसिद्ध है. वर्ष 1947 में शुरू हुई पहली मिल से लेकर आज यहाँ प्रतिदिन 1000 टन तेल का उत्पादन हो रहा है. स्थानीय किसानों और आधुनिक एक्सपेलर्स के तालमेल से खैरथल का तेल पतंजलि और रिलायंस जैसी बड़ी कंपनियों की पहली पसंद बना हुआ है. अपनी खास गंध और बिना मिलावट के गुणों के कारण यहाँ का तेल राजस्थान ही नहीं, बल्कि देशभर की रसोइयों की शान बढ़ा रहा है.
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Khairthal Mustard Oil Purity and Brands: राजस्थान का खैरथल शहर, जो अब खैरथल-तिजारा जिले के रूप में अपनी नई पहचान बना चुका है, दशकों से अपने सरसों तेल उद्योग के लिए देशभर में विख्यात है. समय बदला और परिस्थितियां भी बदलीं, लेकिन खैरथल के सरसों तेल की शुद्धता और गुणवत्ता की साख आज भी बरकरार है. इस उद्योग की नींव आजादी के समय वर्ष 1947 में रखी गई थी, जब खैरथल में पहली बड़ी तेल मिल ‘जयभारत ऑयल मिल’ की स्थापना हुई थी. इसके बाद वर्ष 1962 में सूरज प्रकाश महावर द्वारा पुरानी मंडी में पहला आधुनिक एक्सपेलर लगाने से इस उद्योग को एक नई दिशा मिली. धीरे-धीरे यह कारवां बढ़ता गया और देखते ही देखते यहाँ 120 से अधिक तेल मिलों के एक्सपेलर्स स्थापित हो गए, जिसने खैरथल को राजस्थान की एक प्रमुख तेल मंडी के रूप में स्थापित कर दिया.
किसानों का विश्वास और शुद्धता का मंत्रखैरथल इलाके में सरसों की भारी पैदावार ही यहाँ के तेल उद्योग की रीढ़ है. रिटायर्ड फौजी सरजीत जैसे स्थानीय उद्यमी आज भी इस विरासत को संजोए हुए हैं. उनका मानना है कि इस उद्योग का प्राथमिक उद्देश्य किसानों को शुद्ध तेल उपलब्ध कराना है, ताकि लोगों के स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता न हो. सरजीत बताते हैं कि शुद्ध सरसों तेल की पहचान इसकी तीखी गंध और डेंसिटी से होती है.
असली तेल की एक बड़ी पहचान यह भी है कि उसे फ्रिज में रखने पर वह जमता नहीं है, जबकि पाम तेल मिलावटी तेल तुरंत जम जाता है. आज भी बड़ी संख्या में किसान अपनी सरसों लेकर खैरथल मंडी पहुँचते हैं, जहाँ से निकलने वाला कच्ची घानी का तेल विभिन्न राज्यों में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए है.
प्रतिदिन 1000 टन उत्पादन और वैश्विक पहचानवर्तमान में खैरथल में एक दर्जन से अधिक बड़ी प्रतिष्ठित मिलें संचालित हैं, जिनमें विजय इंडस्ट्रीज, जय वैष्णो, मुकेश ऑयल मिल और सिंघानिया ऑयल मिल प्रमुख हैं. इन मिलों के माध्यम से सालभर में लगभग 5 लाख टन और प्रतिदिन करीब 1000 टन सरसों तेल का उत्पादन किया जा रहा है. यहाँ की विजय इंडस्ट्रीज ने तो खैरथल के तेल की पहचान भारत के साथ-साथ विदेशों तक पहुँचाई है.
यह खैरथल की गुणवत्ता का ही असर है कि आज देश की बड़ी-बड़ी कंपनियां जैसे पतंजलि, रिलायंस, अडानी, फ्लिपकार्ट और विशाल मेगा मार्ट यहाँ से भारी मात्रा में तेल खरीदती हैं और इसे अपने ब्रांड नेम के साथ देशभर में बेचती हैं.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a seasoned multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience across digital media, social media management, video production, editing, content…और पढ़ें
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Location :
Alwar,Alwar,Rajasthan
First Published :
April 19, 2026, 12:46 IST



