Rajasthan

35 साल बाद पटरी पर लौटेगा पचपदरा, 1932 में चली थी पहली ट्रेन, 1990 की बाढ़ ने थाम दी थी रफ्तार

Last Updated:December 19, 2025, 14:25 IST

Barmer Balotra to Pachpadra Rail Line: सालों से वीरान पड़े पचपदरा रेलवे स्टेशन के दिन अब बदलने वाले हैं. बालोतरा से पचपदरा के बीच नई रेल लाइन बिछाने को लेकर सर्वे की प्रक्रिया की मंजूरी मिल गई है. इस रेल परियोजना के पूरा होने के बाद पचपदरा स्टेशन का ‘सन्नाटा युग’ समाप्त होगा और यहां फिर से ट्रेनों की आवाजाही शुरू हो सकेगी. 1938 में ब्रिटिश राज के दौरान ट्रेन की शुरूआत हुइ थी, लेकिन1990 में आई बाढ़ के बाद स्थाई रूप से ट्रेन के परिचालन को बद कर दिया गया था.

ख़बरें फटाफट

बाड़मेर. सालों से वीरान पड़े पचपदरा रेलवे स्टेशन के लिए राहत भरी खबर है. अब यहां ट्रेनों की आवाज़ फिर से सुनाई देगी. बालोतरा से पचपदरा के बीच नई रेल लाइन के सर्वे को मंजूरी मिल गई है जिससे पचपदरा रिफाइनरी सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ सकेगी. सालों से वीरान पड़े पचपदरा रेलवे स्टेशन के दिन अब बदलने वाले हैं. बालोतरा से पचपदरा के बीच नई रेल लाइन बिछाने को लेकर सर्वे की प्रक्रिया की मंजूरी मिल गई है. इस रेल परियोजना के पूरा होने के बाद पचपदरा स्टेशन का ‘सन्नाटा युग’ समाप्त होगा और यहां फिर से ट्रेनों की आवाजाही शुरू हो सकेगी.

राजस्थान के सबसे बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट पचपदरा रिफाइनरी को अब सीधे रेलवे नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है.  उत्तर पश्चिम रेलवे ने बालोतरा से पचपदरा के बीच करीब 11 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बिछाने का प्रस्ताव तैयार किया है. रेल कनेक्टिविटी से न केवल रिफाइनरी संचालन को गति मिलेगी बल्कि उद्योग, रोजगार और निवेश के नए अवसर भी पैदा होंगे. ऐसे में नए साल में इस परियोजना को लेकर जमीनी स्तर पर कार्य शुरू होने की संभावना है.

नब्बे के दशक में बंद कर दिया था पचपदरा रेलवे स्टेशन

ब्रिटिश काल से चल रहे पचपदरा रेलव स्टेशन को नब्बे के दशक में बंद कर दिया गया था. जोधपुर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी के मुताबिक बालोतरा से पचपदरा तक 11 किमी रेलमार्ग बिछाया जाना प्रस्तावित है. 33 लाख रुपये से इसका फाइनल सर्वे करवाकर बोर्ड को भेजा गया है.  इसके साथ ही पचपदरा स्थित रिफाइनरी को रेल नेटवर्क के माध्यम से देश की मुख्य धारा से जोड़ने की राह आसान होगी. स्थानीय निवासी बताते है कि बरसों तक पचपदरा रेलमार्ग से जुड़ा हुआ था और बालोतरा जंक्शन हुआ करता था. नब्बे के दशक में पचपदरा रेलमार्ग से कट गया और बालोतरा सामान्य रेलवे स्टेशन बन गया.

1990 में बाढ़ के चलते बंद हो गई थी रेल सेवा

1932 में जब पचपदरा में नमक की खानें थी और नमक परिवहन जोरों पर था. तब यहां अंग्रेजी हुकूमत ने पचपदरा तक रेल चलाई थी. इसमें चार पैसेंजर कोच और शेष नमक परिवहन के लिए कोच लगते थे. 1990 में बाढ़ आ गई थी और इसी साल से रेल का संचालन स्थाई रुप से बंद कर दिया. रेल बंद होने के बाद वर्ष 1992 में रेल पटरियों को भी पचपदरा तक उखाड़ लिया गया था और इसके बाद यह रेलमार्ग पूर्णतया बंद हो गया.

About the Authordeep ranjan

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें

Location :

Barmer,Rajasthan

First Published :

December 19, 2025, 14:25 IST

homebusiness

बाढ़ ने रोकी थी रफ्तार, अब लौटेगी रेल; 35 साल बाद पचपदरा में फिर गूंजेगी सिटी

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj