हीटवेव के बीच अद्भुत साधना! 42 डिग्री तापमान में जलती धूणियों के बीच संत की तपस्या, लोगों की उमड़ी भीड़

Last Updated:May 02, 2026, 16:11 IST
Alwar Hindi News: राजस्थान के खैरथल-तिजारा क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच एक संत द्वारा की जा रही 41 दिवसीय पंच धूणी तपस्या लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. लगभग 42 डिग्री तापमान में संत चारों ओर जलती धूणियों के बीच बैठकर कठिन साधना कर रहे हैं, जो आस्था और तप का अद्भुत उदाहरण है. पंच धूणी तपस्या में साधक चार दिशाओं और एक सामने अग्नि जलाकर ध्यान करता है, जिससे मानसिक और आध्यात्मिक शक्ति की प्राप्ति मानी जाती है. भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु संत के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. यह तपस्या धार्मिक विश्वास, आत्मसंयम और साधना की परंपरा को दर्शाती है.
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Alwar News: खैरथल तिजारा जिले में भीषण गर्मी पड़ रही है. लगातार तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है. ऐसे में इस भीषण गर्मी में जिले की मुण्डावर तहसील के रैनागिरी गांव में स्थित विशाल शीतल दास जी महाराज मंदिर के श्री श्री 1008 स्वामी शीतल दास जी महाराज की जन्मस्थली रसगन धाम में उनके शिष्य श्रीमद् जगदगुरु बेनामीद्वाराचार्य बालकादेवाचार्य जी महाराज भीषण गर्मी बीच 41 दिवसीय पंच धूणी तपस्या कर रहे हैं.
बालकादेवाचार्य जी महाराज ने यह तपस्या 6 अप्रैल से शुरू की थी जो 17 मई तक चलेगी और 18 मई 2026 को श्री श्री 1008 स्वामी शीतल दास जी महाराज की जन्मस्थली रसगन धाम में विशाल मेला एवं भंडारा का आयोजन किया जाएगा. तपस्या में लीन तपस्वी बालकादेवाचार्य जी महाराज जी ने बताया कि देश व समाज की सुख समृद्धि अमन शांति तथा मानव से लेकर जीव जंतु तक रोग मुक्ति के लिए यह तपस्या की जा रही हैं. उन्होंने ने बताया कि भारतीय संस्कृति में साधु जनों ने देश व समाज के कल्याण में सदियों से ऐसी तपस्या करते आ रहे हैं, तपस्या के माध्यम से धार्मिक भावनाओं को मजबूती मिलती हैं.
तपती धूप में पंच धूणी के बीच तपस्या करतेउन्होंने ने बताया कि यह तपस्या निरंतर 41 दिनों तक चलती है, जो समर्पण और आत्म-नियंत्रण का प्रतीक है. इस तपस्या के दौरान, संत तपती धूप में भी एकाग्र होकर अग्नि के बीच बैठकर साधना में लीन रहते हैं, जो उनकी प्रबल इच्छाशक्ति को दर्शाता है. रसगन गांव में स्थित श्री शीतल दास जी महाराज मंदिर पर दोपहर 12 :15 बजे से 3:15 बजे तक तपती धूप में पंच धूणी के बीच तपस्या करते हैं. तपस्या में वे इतने ली है कि मई की भीषण गर्मी का भी असर उन पर नहीं पड़ रहा है. इस दौरान रोजाना तपस्या में लीन तपस्वी बालकादेवाचार्य जी महाराज जी के दर्शन और आशीर्वाद लेने के लिए प्रति दिन बड़ी संख्या में जिले के विभिन्न क्षेत्र और आसपास के गांव से श्रद्धालु आ रहे हैं.
About the AuthorJagriti Dubey
Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें
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