Rajasthan

महाराजा करणी सिंह का इंटरनेशनल लाइसेंस

Last Updated:May 03, 2026, 13:26 IST

Maharaja Karni Singh International License History: बीकानेर के संग्रहकर्ता किशन सोनी के पास महाराजा करणी सिंह का 50 साल पुराना दुर्लभ इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस सुरक्षित है. यह लाइसेंस वेस्टर्न इंडिया ऑटोमोबाइल एसोसिएशन, बॉम्बे द्वारा जारी किया गया था, जो एक छोटी डायरी के रूप में है. महाराजा करणी सिंह को विदेशों में खुद गाड़ी चलाने का शौक था और उन्होंने यूएई की यात्रा के दौरान इस लाइसेंस का उपयोग किया था. यह दस्तावेज महाराजा की आधुनिक सोच और अंतरराष्ट्रीय नियमों के प्रति उनके सम्मान को दर्शाता है. यह शाही इतिहास और आधुनिकता के संगम का एक जीवंत प्रमाण है जो इतिहास को सहेजने का प्रयास है.

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Bikaner News: राजस्थान की रियासतकालीन स्मृतियों और शाही जीवनशैली से जुड़े कई ऐसे दस्तावेज आज भी मौजूद हैं, जो उस दौर के शासकों के आधुनिक दृष्टिकोण को बयां करते हैं. बीकानेर के महाराजा करणी सिंह के व्यक्तित्व का एक ऐसा ही अनूठा पहलू अब सामने आया है. बीकानेर के प्रसिद्ध संग्रहकर्ता किशन सोनी के पास महाराजा करणी सिंह का इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस सुरक्षित है. यह दुर्लभ दस्तावेज न केवल बीकानेर के गौरवशाली अतीत की झलक दिखाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि महाराजा करणी सिंह अपने समय से काफी आगे की सोच रखते थे.

संग्रहकर्ता किशन सोनी के अनुसार, यह ऐतिहासिक लाइसेंस लगभग 50 वर्ष पुराना है. उस दौर में इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस आज की तरह कार्ड के रूप में नहीं, बल्कि एक छोटी डायरी के स्वरूप में हुआ करता था. इस लाइसेंस को तत्कालीन ‘वेस्टर्न इंडिया ऑटोमोबाइल एसोसिएशन’ द्वारा मुंबई (तब बॉम्बे) से जारी किया गया था. करीब 8 पृष्ठों वाली इस डायरी में महाराजा की व्यक्तिगत जानकारी, फोटो, लाइसेंस की वैधता और अंतरराष्ट्रीय नियमों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विवरण दर्ज हैं. किशन सोनी द्वारा इस दस्तावेज को सहेज कर रखना इतिहास के संरक्षण की दिशा में एक बड़ा और सराहनीय कदम है.

विदेशी दौरों पर खुद ड्राइविंग करने का शौकयह लाइसेंस उस समय का है जब विदेश यात्रा करना और वहां खुद वाहन चलाना किसी आम व्यक्ति के लिए मुमकिन नहीं था. महाराजा करणी सिंह को विदेशों में खुद वाहन चलाने का बेहद शौक था. बताया जाता है कि जब वे संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की यात्रा पर गए थे, तब उन्हें वहां ड्राइविंग करने के लिए इसी इंटरनेशनल लाइसेंस की आवश्यकता पड़ी थी. उस समय यह लाइसेंस भारत से ही एक वर्ष की वैधता के साथ बनवाया गया था. यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि भारतीय शासक न केवल आधुनिक सुविधाओं के शौकीन थे, बल्कि वे अंतरराष्ट्रीय नियमों और कानूनों का पालन करने में भी पूरी तरह अनुशासित थे.

बीकानेर के शाही इतिहास का अनमोल प्रतीकयह दस्तावेज महज एक लाइसेंस नहीं है, बल्कि यह बीकानेर रियासत के अंतरराष्ट्रीय संपर्कों और शाही परिवार की आधुनिक जीवनशैली का प्रतीक है. महाराजा करणी सिंह का तकनीक और आधुनिक संसाधनों के प्रति यह लगाव उन्हें एक प्रगतिशील शासक के रूप में स्थापित करता है. उनके व्यक्तित्व का यह पहलू उन्हें अन्य शासकों से अलग पहचान देता है. आज के दौर में जहां इंटरनेशनल लाइसेंस बनवाना एक सामान्य प्रक्रिया है, वहीं 50 साल पहले इसका होना एक विशेष उपलब्धि मानी जाती थी. फिलहाल यह दुर्लभ दस्तावेज किशन सोनी के निजी संग्रह की शोभा बढ़ा रहा है और इतिहास प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें

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