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राजस्थान में मौसम का वार, 35 जिलों में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट, 40 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

जयपुर. राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और 14 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का असर तेज रहने की संभावना है. आईएमडी के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तर विदर्भ के ऊपर बना लो प्रेशर एरिया लगातार सक्रिय है. इसके साथ बना चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है. यह सिस्टम अगले 24 घंटे में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और उससे सटे उत्तर गुजरात की ओर बढ़ सकता है. इसके असर से 14 सितंबर को पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश और कुछ इलाकों में तेज आंधी की स्थिति बन सकती है.

आईएमडी ने अजमेर, भरतपुर, उदयपुर, जयपुर, भीलवाड़ा, सवाई माधोपुर, बारां, कोटा, पाली और बीकानेर में भारी बारिश और आंधी को लेकर अलर्ट जारी किया है. इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. बारिश के दौरान मेघगर्जन और वज्रपात की गतिविधियां भी हो सकती हैं. लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है.


राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और उत्तर विदर्भ के ऊपर बने लो प्रेशर एरिया का असर लगातार बना हुआ है.

दक्षिणी राजस्थान में बरिश का रहेगा ज्यादा असर

आईएमडी के अनुसार अगले तीन-चार दिनों में दक्षिण राजस्थान के जिलों में बारिश की गतिविधियां ज्यादा रह सकती हैं. 13 से 15 सितंबर के दौरान उदयपुर संभाग और आसपास के जिलों में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं जयपुर, भरतपुर, अजमेर और जोधपुर संभाग में भी कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. 14 सितंबर को पूर्वी राजस्थान के अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बारां, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूम्बर, सीकर, सिरोही, टोंक और उदयपुर में मेघगर्जन के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना है. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं.

पश्चिमी राजस्थान में भी बारिश के आसार

पश्चिमी राजस्थान के बालोतरा, बाड़मेर, डीडवाना-कुचामन, जालोर, जोधपुर, नागौर और पाली में भी मेघगर्जन, बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है. यहां 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं. 13 से 16 सितंबर के दौरान जोधपुर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश का दौर रह सकता है. बीकानेर संभाग में भी कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है.

14 सितंबर को अजमेर, भरतपुर, उदयपुर, जयपुर, भीलवाड़ा, सवाई माधोपुर, बारां, कोटा, पाली और बीकानेर में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट है.

मानसून ट्रफ और लो प्रेशर एरिया का दिख रहा असर

मौसम में इस बदलाव की प्रमुख वजह दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और उत्तर विदर्भ के ऊपर बना लो प्रेशर एरिया है. इसके अलावा मानसून ट्रफ जैसलमेर, कोटा, लो प्रेशर एरिया के केंद्र, राजनांदगांव और भवानीपटना से होते हुए पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है. यह समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैली है. उत्तर-पूर्वी अरब सागर से गुजरात, लो प्रेशर एरिया और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार तक एक अन्य ट्रफ सक्रिय है, जो 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैली है. वहीं पश्चिमी विक्षोभ भी मध्य क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में ट्रफ के रूप में बना हुआ है. इन सभी मौसम प्रणालियों के संयुक्त असर से राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं.

राजस्थान में 16 सितंबर तक बारिश के आसार

• राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और उत्तर विदर्भ के ऊपर बने लो प्रेशर एरिया का असर लगातार बना हुआ है.

• आईएमडी के अनुसार यह सिस्टम अगले 24 घंटे में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में दक्षिण-पूर्वी राजस्थान की ओर बढ़ सकता है.

• 14 सितंबर को अजमेर, भरतपुर, उदयपुर, जयपुर, भीलवाड़ा, सवाई माधोपुर, बारां, कोटा, पाली और बीकानेर में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट है.

• अलर्ट वाले जिलों में बारिश के दौरान 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है.

• 13 से 15 सितंबर के दौरान उदयपुर संभाग और आसपास के जिलों में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश होने के आसार हैं.

• जयपुर, भरतपुर, अजमेर और जोधपुर संभाग में भी इस दौरान कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है.

13 से 15 सितंबर के दौरान उदयपुर संभाग और आसपास के जिलों में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश होने के आसार हैं.

• पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं.

• पश्चिमी राजस्थान के बालोतरा, बाड़मेर, जालोर, जोधपुर, नागौर और पाली में भी बारिश, मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना है.

• मानसून ट्रफ जैसलमेर और कोटा से होकर लो प्रेशर एरिया के केंद्र तक पहुंच रही है और आगे बंगाल की खाड़ी तक फैली है.

• प्रदेश में बीते 24 घंटे में कहीं-कहीं हल्की बारिश हुई, जबकि सर्वाधिक अधिकतम तापमान श्रीगंगानगर में 39.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ.

श्रीगंगानगर में रहा 39.9 डिग्री तापमान

प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान कहीं-कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई. राज्य में सर्वाधिक अधिकतम तापमान श्रीगंगानगर में 39.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. आने वाले दिनों में बारिश और बादलों के कारण कई इलाकों में तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. 14 से 16 सितंबर तक बारिश का असर बना रहने के आसार हैं, जबकि दक्षिणी राजस्थान में गतिविधियां अपेक्षाकृत ज्यादा रह सकती हैं.

पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं.

14 सितंबर को राजस्थान में किन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है?14 सितंबर को अजमेर, भरतपुर, उदयपुर, जयपुर, भीलवाड़ा, सवाई माधोपुर, बारां, कोटा, पाली और बीकानेर में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाएं चल सकती हैं. हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है. लोगों को मौसम खराब होने पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

राजस्थान में बारिश बढ़ने की मुख्य वजह क्या है?राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की प्रमुख वजह दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तर विदर्भ के ऊपर बना लो प्रेशर एरिया है. इसके साथ चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है, जो 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है. यह सिस्टम अगले 24 घंटे में दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और उत्तर गुजरात की ओर बढ़ सकता है. मानसून ट्रफ और अन्य ट्रफ भी बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना रहे हैं.

दक्षिणी राजस्थान में बारिश का असर कैसा रहेगा?दक्षिणी राजस्थान में अगले तीन-चार दिनों तक बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत ज्यादा रहने की संभावना है. 13 से 15 सितंबर के दौरान उदयपुर संभाग और आसपास के जिलों में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश हो सकती है. इसके अलावा कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में भी तेज बारिश के दौर बन सकते हैं. बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़ और राजसमंद जैसे जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना भी बनी हुई है.

पश्चिमी राजस्थान में 14 सितंबर को मौसम कैसा रहेगा?पश्चिमी राजस्थान में भी बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है, हालांकि पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों के मुकाबले इसका असर अलग-अलग स्थानों पर रह सकता है. बालोतरा, बाड़मेर, डीडवाना-कुचामन, जालोर, जोधपुर, नागौर और पाली में मेघगर्जन के साथ बारिश और वज्रपात हो सकता है. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है. बीकानेर संभाग में भी कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है.

राजस्थान में अगले कितने दिन बारिश का दौर जारी रह सकता है?आईएमडी के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राजस्थान में 13 से 16 सितंबर तक बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है. दक्षिण राजस्थान में अगले तीन-चार दिनों के दौरान बारिश का असर ज्यादा रह सकता है. 13 से 15 सितंबर तक उदयपुर संभाग और आसपास के जिलों में मध्यम से भारी बारिश के दौर बन सकते हैं. वहीं अन्य हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और स्थानीय स्तर पर मेघगर्जन-वज्रपात हो सकता है.

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