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राजस्थान का यह गांव बना अनार एक्सपोर्ट हब, लाखों में मुनाफा कमा रहे किसान, जानें किस वैरायटी की हो रही खेती

Last Updated:October 23, 2025, 12:59 IST

Jalore Pomegranate Farming: राजस्थान का जालोर जिला अब अनार की खेती से नई पहचान बना रहा है. सायला तहसील के जीवाणा गांव के किसानों ने पारंपरिक खेती छोड़कर अनार की सिंदूरी लाल किस्म उगाना शुरू किया है, जो 30 दिन तक ताजा रहती है और ₹30 से ₹150 प्रति किलो तक बिकती है. यहां का अनार अब देश-विदेश में मशहूर हो चुका है.अनार की खेती ने किसानों की आमदनी बढ़ाई है और जालोर को ‘लाल सोने’ की नई पहचान दी है.

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जालोर. राजस्थान का जालोर जिला, जो कभी जीरा और बाजरे की खेती के लिए पहचाना जाता था, आज अपनी नई पहचान बना चुका है, लाल सोने यानी अनार की खेती से. जालोर के सायला तहसील का जीवाणा गांव अब धीरे-धीरे देशभर में अनार एक्सपोर्ट हब के रूप में उभर रहा है. यहां के किसानों ने पारंपरिक खेती को छोड़कर उन्नत किस्म के अनार की खेती शुरू की है, जिसने न केवल किसानों की किस्मत बदली है बल्कि जालोर को अंतरराष्ट्रीय नक्शे पर भी जगह दिलाई है.

गांव के किसान भोलाराम चौधरी पिछले 12 सालों से अनार की खेती कर रहे हैं. उन्होंने लोकल 18 को बताया कि अनार का पौधा एक बार लगाने पर पूरे 20 साल तक फल देता है. तीसरे साल से ही पौधा फ्रूटिंग देना शुरू कर देता है और एक पौधे से सालाना करीब 30 किलो तक अनार की पैदावार हो जाती है. बाजार में इसकी गुणवत्ता और रंग के अनुसार दाम ₹30 से ₹150 प्रति किलो तक मिल जाता है.

अनार की सिंदूरी लाल किस्म की हो रही खेती

भोलाराम चौधरी बताते हैं कि यहां की मिट्टी और मौसम अनार की सिंदूरी लाल किस्म के लिए बेहद उपयुक्त है. यही वजह है कि जीवाणा का अनार अपनी चमक और स्वाद के लिए पूरे देश में मशहूर हो गया है. इसकी एक खासियत यह है कि यह अनार 30 दिनों तक बिना खराब हुए ताजा बना रहता है, जिससे यह लंबी दूरी तक परिवहन के लिए भी उपयुक्त है. यहां दर्जनों किसान अब बड़े पैमाने पर अनार की खेती कर रहे हैं. बिक्री की कोई समस्या नहीं रहती, व्यापारी खुद मंगवा लेते हैं. यही वजह है कि जीवाणा गांव अनाज की खेती का हब बनते जा रहा है.

देश-विदेश में हो रही अनार की सप्लाई

आज जीवाणा गांव का अनार सिर्फ जालोर या राजस्थान की मंडियों तक सीमित नहीं रहा. यहां के अनार की मांग अब महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में तो है ही, साथ ही गल्फ देशों सऊदी अरब, दुबई, ओमान के अलावा बांग्लादेश, नेपाल और यूरोप के देशों में भी यह अनार एक्सपोर्ट किया जा रहा है. एक समय सूखे और बंजर जमीन के नाम से जाना जाने वाला यह इलाका अब हरे-भरे अनार के बागानों से लहलहा रहा है.
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दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट… और पढ़ें

Location :

Jalor,Rajasthan

First Published :

October 23, 2025, 12:59 IST

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अनार एक्सपोर्ट का हब बना राजस्थान का यह गांव, लाखों में मुनाफा कमा रहे किसान

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