एसी चालू कर कार में हो सो गया शख्स, सुबह मिला मृत, आखिर मौत की क्या रही वजह, एक्सपर्ट से समझें

Last Updated:July 01, 2026, 18:11 IST
Death in AC Car : राजस्थान में एक व्यक्ति कार में एसी चलाकर सो गया. वह जब गहरी नींद में सो रहा था तभी गाड़ी में पेट्रोल खत्म हो गया. लेकिन वह जाग नहीं सका. सुबह जब लोगों ने देखा तो वह व्यक्ति कार में मृत मिला. आखिर बंद कार में एसी चलाने से ऐसी कौन सी स्थितियां पैदा हो गई जिससे व्यक्ति की मौत हो गई. क्या यह सिर्फ दम घुटने का मामला है या इसके पीछे कोई जहरीली गैस का खेल है? आज की इस रिपोर्ट में हमने इस बात की वैज्ञानिक पड़ताल करने के लिए सी के बिड़ला अस्पताल में इंटरनल मेडिसीन के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. तुषार तायल से बात की.
कार में एसी चालकर सोने से मौत.
अगर कार में एसी चलाकर कोई व्यक्ति सो जाए तो क्या उसकी मौत हो सकती है. राजस्थान में हाल ही में एक घटना ने इसी तरह के वाकये से लोगों को सन्न कर दिया है. ऐसा कहा जा रहा कि 37 साल का एक व्यक्ति कार में एसी चलाकर सो गया. गाड़ी में देर तक एसी चलता रहा. जब कार में पेट्रोल खत्म हो गया तो एसी भी बंद हो गया लेकिन व्यक्ति नींद से नहीं उठा. दिन में पार्क गाड़ी में जब कोई हलचल नहीं हुई तो 1 बजे के करीब लोगों ने मुयाअना किया. इसके बाद वह व्यक्ति कार की सीट पर मृत मिला. इस घटना के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या कार में एसी चलाकर सोने से किसी व्यक्ति की मौत हो सकती है. आखिर इसकी वजह क्या हो सकती है. इसी बात को जानने के लिए हमने सी के बिड़ला अस्पताल में इंटरनल मेडिसीन के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. तुषार तायल से बात की.
क्या हो सकता है कारण डॉ. तुषार तायल ने बताया कि इस केस में मुख्य रूप से कार्बन मोनोऑक्साइड का रिसाव बड़ा कारण हो सकता है. हालांकि वास्तविक कारण तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा लेकिन जब कार बंद हो और कार का इंजन चालू हो तो वह कार्बन मोनोऑक्साइड गैस छोड़ता है. यह गैस रंगहीन और गंधहीन होती है, इसलिए इसका पता नहीं चलता. यदि कार की सील कहीं से ढीली हो या एग्जॉस्ट सिस्टम में कोई खराबी हो, तो यह जहरीली गैस कार के अंदर रिसने लगती है. कार्बन मोनोऑक्साइड खून के हीमोग्लोबिन में घुलने लगता है जिसके कारण हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन को कैरी नहीं कर पाता है और शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है. इससे व्यक्ति की दम घुटने से मौत हो सकती है. कार्बन मोनोऑक्साइड के अलावा कार में ऑक्सीजन की कमी भी इसके संभावित कारण हो सकते हैं. कार के अंदर जगह सीमित होती है. यदि कार के सभी शीशे बंद हों और एसी री-सर्कुलेशन मोड पर हो, तो कार के अंदर बाहर से हवा नहीं आती है. इससे कार में ऑक्सीजन की भारी कमी होने लगती है और कार्बन डाइऑक्साइड का स्तर बढ़ने लगता है. यह स्थिति दम घुटने का कारण बनती है.
पेट्रोल खत्म होने और एसी बंद होने का संबंधजब किसी कार में पेट्रोल खत्म हो जाता है और इंजन बंद हो जाता है ऐसे में एसी भी बंद हो जाता है. इस स्थिति में हवा का संचार रुक जाता है. एसी बंद होते ही कार के अंदर हवा का वेंटीलेशन पूरी तरह रुक जाता है. इसमें कार के अंदर का तापमान बहुत तेजी से बढ़ सकता है, जिससे शरीर में डिहाइड्रेशन और हीटस्ट्रोक जैसी स्थिति पैदा हो सकती है. यदि इंजन के चलते समय कार में कार्बन डायऑक्साइड गैस जमा हो गई थी, तो एसी बंद होने के बाद भी वह जहरीली गैस कार के अंदर ही रहती है. व्यक्ति गहरी नींद में होने के कारण समय पर नहीं जाग पाता और धीरे-धीरे शरीर के अंगों का काम करना बंद हो जाता है.
व्यक्ति गर्मी लगने पर उठ क्यों नहीं पाता दरअसल, कार्बन मोनोऑक्साइड इतनी खतरनाक है कि यह हीमोग्लोबिन के साथ ऑक्सीजन से भी ज्यादा तेजी से जुड़ जाती है, जिससे शरीर के अंगों हार्ट, ब्रेन आदि तक ऑक्सीजन पहुंचना बंद हो जाती है. जब व्यक्ति के दिमाग तक ऑक्सीजन नहीं पहुंचेगी तो व्यक्ति को कुछ पता नहीं चलेगा क्योंकि नींद में ही बेहोशी आ जाती है और उसे पता भी नहीं चलता कि उसके साथ क्या हो रहा है.
क्या कार में एसी चलाकर सोना चाहिए डॉ. तुषार तायल ने कहा कि कार में एसी चलाकर कभी नहीं सोना चाहिए. अगर कार में एसी चलाकर सो रहे हैं तो वेंटिलेशन के लिए शीशा को कुछ उतार दें. हमेशा खिड़कियों को थोड़ा नीचे रखें ताकि ताजी हवा का प्रवाह बना रहे. कार के अंदर सोते समय इंजन और एसी को चालू रखना जानलेवा हो सकता है. अपनी कार के एग्जॉस्ट सिस्टम और एयर-कंडीशनिंग सिस्टम की नियमित जांच कराते रहें ताकि गैस लीकेज का खतरा न हो.
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18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें
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