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सूखे जून ने झुलसाया, बारिश को तरसे लोग, अब जुलाई को लेकर आई बुरी खबर?

Last Updated:July 01, 2026, 07:57 IST

जून 2026 प‍िछले 125 साल के इत‍िहास में 5वां सबसे सूखा महीना दर्ज क‍िया गया है. इस महीने में सामान्य से 39.8% कम बार‍िश दर्ज की गई है. वहीं अब जुलाई को लेकर मौसम व‍िज्ञान‍ियों का क्‍या कहना है आइए जानते हैं. क्‍या जुलाई का महीना भी लोगों को भीषण गर्मी और ज्‍यादा तापमान से रुलाएगा या बार‍िश से राहत म‍िलेगी, जानते हैं.. ेदेसूखे जून ने झुलसाया, बारिश को तरसे लोग, अब जुलाई को लेकर आई बुरी खबर?Zoomजून 125 साल का 5वां सबसे सूखा महीना रहा है अब जुलाई को लेकर क्‍या कह रहे वैज्ञान‍िक जानें.. File photo

Weak Monsoon 2026: मौसम का कहर लोगों पर आफत बनकर टूट रहा है. मॉनसून के मौसम में भी बारिश की बूंदें पड़ती नहीं दिखाई दे रही हैं. पूरा जून सूखा ही नहीं निकला बल्कि उसने 125 साल के इतिहास में रिकॉर्ड कायम कर दिया है. जून 2025 सवा सौ साल के मौसम इतिहास का 5वां सबसे सूखा महीना रहा है. वहीं अब जुलाई को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है.

भारतीय मौसम विभाग की मानें तो जून 2026 में देश में सिर्फ 99.5 मिमी बारिश हुई है जो सामान्य से 39.8% कम है. 30 दिनों के इस महीने में देश के ज्यादातर हिस्सों में सूखे और भीषण गर्मी की स्थिति रही है.

आंकड़े बताते हैं कि 1901 के बाद बीता यह महीना 125 साल का पांचवां सबसे सूखा जून दर्ज किया गया है.

आईएमडी के अनुसार इस बार मॉनसून 3 दिन देरी से दक्षिण भारत के केरल पहुंचा और करीब 2 हफ्ते तक आगे बढ़ने की रफ्तार थमी रही. हालांकि ऐसा नहीं है कि केरल में मॉनसून ने झमाझम बारिश की, बल्कि वहां भी बारिश कम दर्ज की गई है. इसके बाद मॉनसून लगातार देरी से ही आगे बढ़ रहा है और कमजोर भी है.

बारिश कम होने के पीछे जलवायु संकट एल-नीनो को बड़ी वजह माना जा रहा है. एल-नीनो की वजह से ही इस बार मॉनसून सुस्त है.

हालांकि आईएमडी के विशेषज्ञ कहते हैं कि 1951-2025 के रिकॉर्ड के मुताबिक कमजोर जून के बाद 58% मामलों में मॉनसून ने रिकवरी की थी जबकि 31% मामलों में पूरा सीजन कमजोर रहा और सूखे के हालात रहे.

जहां तक दिल्ली की बात है तो यहां भी हाल पस्त हैं. दिल्ली में जून में सिर्फ 32.92 मिमी बारिश हुई है और साल 2011 के बाद चौथा सबसे सूखा जून माना जा रहा है.

पूरे महीने में दिल्ली में सिर्फ 4 दिन बारिश हुई है. औसत अधिकतम तापमान 39.1°C, यानी 16 साल का सातवां सबसे गर्म जून दर्ज हुआ है. मॉनसून न आने के चलते बारिश की कमी से जून के आखिर तक गर्मी से राहत नहीं मिली है.

अब उम्मीद जुलाई की बारिश पर टिकी है और देखा जाना है कि जून की कमी कितनी पूरी हो पाती है, हालांकि जून की हालत और सुपर अल नीनो के प्रभाव को देखते हुए लोगों को बारिश की चिंता सता रही है, साथ ही डर भी है कि कहीं जुलाई का महीना भी गर्मी और सूखे को और न बढ़ा दे. हालांकि जुलाई को लेकर वैज्ञानिक राहत का अनुमान लगा रहे हैं.

About the Authorप्रिया गौतमSenior Correspondent

Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi..com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें

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