How to make organic fertilizer| Method of preparing organic fertilizer| संतरे और आम के छिलके से खाद कैसे बनाएं|

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फेंकने की नहीं, काम की चीज है आम-संतरे के छिलके, ऐसे बनाएं जैविक खाद
Last Updated:July 01, 2026, 07:24 IST
How to Make Organic Fertilizer: संतरे और आम के छिलकों को फेंकने के बजाय उनसे घर पर आसानी से जैविक तरल खाद तैयार की जा सकती है. रासायनिक उर्वरकों की बढ़ती कीमतों के बीच यह किसानों और बागवानी करने वालों के लिए कम लागत वाला प्रभावी विकल्प बन रहा है. छिलकों को पानी में 15 से 20 दिनों तक बंद बर्तन में रखकर तैयार की गई यह खाद पोषक तत्वों से भरपूर होती है. इसे पानी में मिलाकर पौधों की जड़ों में डालने से उनकी बढ़वार बेहतर होती है और मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहती है. इस प्राकृतिक खाद के नियमित उपयोग से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है, लाभदायक सूक्ष्मजीव सक्रिय रहते हैं और खेती की लागत घटाने में मदद मिलती है. साथ ही फलों के छिलकों का सदुपयोग होने से जैविक कचरा भी कम होता है.
आमतौर पर घरों में संतरा और आम खाने के बाद उनके छिलकों को फेंक दिया जाता है. लेकिन रासायनिक उर्वरकों की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच किसान अब कम लागत वाले प्राकृतिक विकल्प तलाश रहे हैं. ऐसे में घर पर तैयार किया जाने वाला ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है. इसे बनाने के लिए संतरे के छिलके और पानी की जरूरत होती है. यदि संतरे के छिलके उपलब्ध न हों तो आम के छिलकों का भी उपयोग किया जा सकता है. यह खाद पूरी तरह प्राकृतिक होती है और खेतों के साथ-साथ घर की बागवानी के लिए भी उपयोगी मानी जाती है. इसके इस्तेमाल से मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर बनाने के साथ-साथ खेती की लागत कम करने में भी मदद मिल सकती है.
इस ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर को तैयार करना बेहद आसान है. सबसे पहले संतरे या आम के छिलकों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें. इसके बाद इन्हें एक साफ प्लास्टिक या कांच के बर्तन में डालकर पर्याप्त मात्रा में पानी भर दें. अब बर्तन को ढक्कन से अच्छी तरह बंद करके 15 से 20 दिनों तक किसी छायादार स्थान पर रख दें. इस दौरान छिलके धीरे-धीरे विघटित होकर पोषक तत्वों से भरपूर तरल जैविक खाद में बदल जाते हैं. बेहतर परिणाम के लिए बीच-बीच में मिश्रण को एक बार हिलाते रहें, ताकि पूरी प्रक्रिया समान रूप से पूरी हो सके और खाद अच्छी गुणवत्ता की तैयार हो सके.
जब मिश्रण पूरी तरह तैयार हो जाए तो उसे छानकर तरल खाद अलग कर लें. इस जैविक खाद का सीधे पौधों में उपयोग नहीं करना चाहिए. पहले इसे उचित मात्रा में पानी मिलाकर पतला करें, फिर पौधों या फसलों की जड़ों में डालें. इससे पौधों को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं, जड़ों का विकास बेहतर होता है और उनकी बढ़वार में मदद मिलती है. किसान इस प्राकृतिक खाद का उपयोग सब्जियों, फलों, फूलों और अन्य फसलों में आसानी से कर सकते हैं, जिससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता भी कम हो सकती है.
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जैविक फर्टिलाइजर का नियमित उपयोग मिट्टी की सेहत सुधारने में मदद करता है. इससे मिट्टी में मौजूद लाभदायक सूक्ष्मजीव सक्रिय रहते हैं और उसकी उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है. प्राकृतिक खाद के इस्तेमाल से मिट्टी की संरचना बेहतर होती है और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम हो जाती है. इससे भूमि को होने वाला नुकसान भी घटता है. यही वजह है कि आज बड़ी संख्या में किसान प्राकृतिक और जैविक खेती की ओर रुख कर रहे हैं, ताकि कम लागत में बेहतर उत्पादन और स्वस्थ मिट्टी दोनों का लाभ मिल सके.
घर पर तैयार होने वाली यह जैविक खाद पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित मानी जाती है. फलों के छिलकों का दोबारा उपयोग करने से जैविक कचरा कम होता है और उसका बेहतर सदुपयोग हो जाता है. इससे किसानों को कम खर्च में अच्छी गुणवत्ता की प्राकृतिक खाद मिलती है, जिससे खेती की लागत घटाने में मदद मिल सकती है. वहीं घरों में किचन गार्डन या गमलों में पौधे लगाने वाले लोग भी इस खाद का आसानी से उपयोग कर सकते हैं. यह पौधों की बेहतर वृद्धि और मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने में भी सहायक है.
जैविक खाद का उपयोग हमेशा संतुलित मात्रा में और फसलों की जरूरत के अनुसार ही करना चाहिए. अधिक मात्रा में खाद डालने की बजाय सही समय और उचित मात्रा का ध्यान रखना बेहतर परिणाम देता है. यदि किसान इस तरह के प्राकृतिक फर्टिलाइजर अपनाते हैं तो रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होने के साथ खेती की लागत भी घटाई जा सकती है. इससे मिट्टी की उर्वरता और सूक्ष्मजीवों का संतुलन लंबे समय तक बना रहता है. कम खर्च, आसान तैयारी और पर्यावरण के अनुकूल होने के कारण यह ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर किसानों, बागवानों और किचन गार्डन तैयार करने वाले लोगों के लिए एक उपयोगी विकल्प साबित हो सकता है.



