Rajasthan

खेत में गाड़े 5 लाख रुपये, एक साल बाद निकाले तो दीमक चट कर चुकी थी पूरी रकम, उड़े होश

Last Updated:August 09, 2026, 20:30 IST

Barmer News: बालोतरा जिले के पचपदरा क्षेत्र के नेवाई गांव में एक किसान को पैसे खेत में छिपाना भारी पड़ गया. किसान मांगीलाल मेघवाल ने करीब एक साल पहले प्लॉट बेचकर मिले पांच लाख रुपये चोरी और परिवार के खर्च होने के डर से खेत में गाड़ दिए थे. बाद में वह जगह भूल गया और काफी तलाश के बावजूद पैसे नहीं मिले. हाल ही में बारिश के बाद खेत में बुआई के दौरान ट्रैक्टर से पॉलीथिन बाहर निकली. थैली खोलने पर पांच सौ के नोट दीमक से बुरी तरह खराब मिले. परिवार नोट बदलवाने के लिए स्थानीय बैंकों में पहुंचा, जहां उन्हें जयपुर जाने की सलाह दी गई.

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बाड़मेर: बालोतरा जिले के पचपदरा क्षेत्र के नेवाई गांव में एक किसान को परिवार से पैसे छिपाकर खेत में गाड़ना भारी पड़ गया. करीब एक साल तक जमीन में दबे पांच लाख रुपये दीमक की भेंट चढ़ गए. अब किसान बैंक के चक्कर लगा रहा है, लेकिन नोटों की खराब हालत के चलते उसे राहत नहीं मिल पाई है. जानकारी के अनुसार पचपदरा निवासी मांगीलाल मेघवाल को करीब एक साल पहले प्लॉट बेचने पर पांच लाख रुपये मिले थे. खेत में कमरा बनाने के लिए रखी इस रकम को चोरी होने और परिवार के सदस्यों द्वारा खर्च किए जाने के डर से उसने पांच सौ रुपये के नोट एक पॉलीथिन में रखकर रात के समय खेत में गाड़ दिए.

इसकी जानकारी उसने परिवार को भी नहीं दी. कुछ समय बाद जब उसे पैसों की जरूरत पड़ी तो वह उस जगह भूल गया जहां रकम दबाई थी. करीब दस बीघा खेत में कई दिनों तक तलाश के बावजूद पैसे नहीं मिले. बाद में उसने परिवार को इसकी जानकारी दी, लेकिन काफी तलाश के बाद परिवार ने भी उम्मीद छोड़ दी. हाल ही में बारिश के बाद खेत में बुआई के दौरान ट्रैक्टर से वह थैली बाहर निकल आई.

परिवार के लिए जयपुर जाना भी मुश्किलअगले दिन पत्नी और बेटे की नजर थैली पर पड़ी. थैली खोलने पर उसमें पांच सौ रुपये के नोट दीमक से बुरी तरह क्षतिग्रस्त मिले. परिजन कटे-फटे नोट लेकर पचपदरा और बालोतरा की बैंक शाखाओं में पहुंचे, लेकिन नोटों की हालत देखकर उन्हें जयपुर जाने की सलाह दी गई. आर्थिक तंगी और जानकारी के अभाव में परिवार के लिए जयपुर जाना भी मुश्किल है. किसान मांगीलाल अब अपनी गलती पर पछता रहा है.

नोटों को दीमक लग गईउसका कहना है कि पैसे चोरी और खर्च के डर से उसने अपने खेत में रात के समय पैसे दबा दिए थे लेकिन उसके बाद वह जगह को भूल गया और काफी ढूंढने के बाद में भी उसको पैसे नहीं मिले उसने अपनी उम्मीद छोड़ दी थी. लेकिन बारिश के समय खेत में जब जोतने के लिए तभी लगे तो वह रुपए बाहर निकले लेकिन जब नोटों के मंडलों को देखा तो उसके पाँवों तले जमीन खिसक गई. उसने कहा कि नोटों को दीमक लग गई और रेत में बदल गए अब वह नोटों को बदलने के लिए बैंकों के चक्कर काट रहा है लेकिन बैंकों से उसे जयपुर का फरमान मिला है. वह अब अपनी गलती पर पछता रहा है और उम्मीद कर रहा है कि किसी भी तरीके से उसके खरी कमाई के पांच लाख बैंक बदलकर वापस दे दें.

About the AuthorJagriti Dubey

मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…

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Barmer,Rajasthan

First Published :

August 09, 2026, 20:30 IST

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