अजीत अगरकर और गौतम गंभीर की वजह से गायब हुई फॉर्म, शमी के बाद अब मोहम्मद सिराज के बगावती सुर!

नई दिल्ली. दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन ने ईशान किशन की कप्तानी में साउथ जोन को हराकर खिताब अपने नाम किया. हालांकि, इस मुकाबले में सबसे ज्यादा चर्चा भारतीय टीम के सीनियर तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को लेकर रही. साउथ जोन की ओर से खेलते हुए सिराज का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. उन्होंने मैच में कुल 41 ओवर गेंदबाजी की और सिर्फ एक विकेट हासिल किया, जबकि 187 रन खर्च किए. उनकी गेंदों की रफ्तार भी 125-130 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास रही. अपने इस प्रदर्शन पर मोहम्मद सिराज का कहना है कि श्रीलंका सीरीज से पहले मिले दो महीने के लंबे ब्रेक ने उनकी गेंदबाजी की लय पर असर डाला. दलीप ट्रॉफी फाइनल में भी सिराज अपनी पुरानी रफ्तार और धार में नजर नहीं आए.
सिराज ने साधा गंभीर-अगरकर पर निशाना?मैच के बाद भारतीय तेज गेंदबाज ने खुलकर बताया कि आखिर उनकी गेंदबाजी की गति और रिदम क्यों प्रभावित हुई. क्रिकेट फैंस सिराज के इस बयान को चीफ सेलेक्टर और हेड कोच पर निशाने से जोड़कर देख रहे हैं. उनका यह बयान ऐसे समय में भी सामने आया है, जब सीनियर तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करने के बाद भी टीम इंडिया में वापसी की राह देख रहे हैं. शमी और सेलेक्टर्स के बीच एक-दूसरे को लेकर कसे तंज भी किसी से छिपे नहीं हैं. आइए जानते हैं क्या वाकई सिराज का अपनी फॉर्म को लेकर बयान अगरकर और गंभीर पर निशाना है?
श्रीलंका में भी पूरी रिदम में नहीं दिखेटेस्ट टीम के नियमित तेज गेंदबाज सिराज का प्रदर्शन इसलिए भी हैरान करने वाला रहा, क्योंकि वह अपनी तेज रफ्तार और आक्रामकता के लिए जाने जाते हैं. हालांकि, मैच के बाद सिराज ने अपनी कम होती गति और खराब लय की वजह बताई. उन्होंने बताया कि लंबे ब्रेक के बाद उनके रन-अप और गेंदबाजी के फ्लो में वह सहजता नहीं रही, जो उनके खेल की सबसे बड़ी ताकत है. सिराज ने कहा, ‘मैं पूरी तरह से एक रिदम गेंदबाज हूं. अगर मैं अपने रंग में नहीं हूं, तो मैं क्रीज से तेजी से नहीं निकल सकता. श्रीलंका में यही मुश्किल थी. मेरा रन-अप बिखरा हुआ लग रहा था. कुछ स्ट्राइड बहुत छोटे थे, कुछ बहुत लंबे और इससे मेरा फ्लो टूट गया. इससे मेरी गति पर असर पड़ा.’
’10 साल के करियर में कभी दो महीने की छुट्टी नहीं ली’सिराज ने साफ कहा कि लंबे ब्रेक का उनके शरीर पर भी असर पड़ा. उन्होंने बताया कि भले ही वह छुट्टी के दौरान जिम में वर्कआउट करते रहे और कभी-कभी गेंदबाजी भी की, लेकिन मैच की परिस्थितियों में गेंदबाजी करने का अनुभव अभ्यास से अलग होता है. दाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने कहा, ‘हर गेंदबाज का शरीर अलग होता है. मेरा शरीर लंबे ब्रेक को अच्छी तरह नहीं झेल पाता. छोटा ब्रेक ठीक है. दस साल के करियर में, मैंने कभी पूरे दो महीने की छुट्टी नहीं ली थी. मैं जिम में वर्कआउट कर रहा था और कभी-कभी गेंदबाजी भी कर रहा था, लेकिन कितना भी अभ्यास कर लो, मैच वाली स्थिति नहीं बनती. यह एक नया अनुभव था. यह मेरे आगे के करियर के लिए बेहद अहम था.’ अफगानिस्तान के खिलाफ आठ जून को समाप्त हुए एकमात्र टेस्ट मैच के बाद 32 वर्षीय सिराज ने दो महीने का ब्रेक लिया और फिर भारत के श्रीलंका दौरे के लिए टीम में शामिल हुए. इस दौरे की शुरुआत सात अगस्त को एसएलसी एकादश के खिलाफ मैच से हुई.
श्रीलंका से सीधे चेन्नई की गर्मी में पहुंचेसिराज ने यह भी बताया कि श्रीलंका टेस्ट सीरीज के बाद उन्हें दलीप ट्रॉफी में खेलने के लिए बेहद कम समय मिला. दूसरे टेस्ट में लंबे समय तक फील्डिंग करने के बाद उन्हें चेन्नई की गर्म और मुश्किल परिस्थितियों में उतरना पड़ा. सिराज ने कहा, ‘हम सीधे श्रीलंका से आए थे, जहां हमने दूसरे टेस्ट में साढ़े तीन दिन फील्डिंग की और एक सप्ताह के अंदर, हम यहां चेन्नई की चिलचिलाती गर्मी में खेल रहे थे. यह पैशन पर निर्भर है. जब आप अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे होते हैं, तो आप बहाने नहीं बना सकते. आपको अपनी टीम और देश के लिए पूरी कोशिश करनी होती है. मुझे विकेट नहीं मिला, लेकिन यह अनुभव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम आएगा.’
दूसरी पारी में लौटा ‘पुराना सिराज’दलीप ट्रॉफी फाइनल की पहली पारी में सिराज अपनी गेंदबाजी को लेकर काफी संघर्ष करते नजर आए. हालांकि, दूसरी पारी में उन्होंने अपनी रणनीति बदली और नतीजे की चिंता किए बिना सिर्फ अपनी लय पर ध्यान दिया. सिराज के मुताबिक, इसी बदलाव से उन्हें अपनी पुरानी गेंदबाजी वापस पाने में मदद मिली. सिराज ने कहा, ‘पहली पारी में, पिच फ्रेश लग रही थी, इसलिए मैंने बहुत तेज गेंदबाजी करने की कोशिश की. मैं जबरदस्ती कर रहा था, इससे मेरी रिदम बिगड़ गई. दूसरी पारी में, मैंने खुद से कहा कि परिणाम भूल जाओ और बस अच्छी रिदम के साथ मैदान में उतरो. ऐसा करते ही पुराना सिराज वापस आ गया.’



