आईएएस गायत्री राठौड़ कौन हैं? 1997 बैच की तेजतर्रार अफसर को सौंपी गई नीट पीजी जांच की कमान

Last Updated:August 31, 2026, 10:02 IST
IAS Gayatri Rathore NEET PG 2026 Investigation: जयपुर में कल नीट पीजी 2026 परीक्षा के दौरान पावर फेलियर हुआ था. इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए आईएएस गायत्री राठौड़ के नेतृत्व में 3 सदस्यीय कमेटी गठित की गई है. प्रभावित केंद्रों पर अब 5 सितंबर को दोबारा परीक्षा होगी.IAS Gayatri Rathore: आईएएस गायत्री राठौड़ राजस्थान की तेजतर्रार अफसर हैं
नई दिल्ली (IAS Gayatri Rathore NEET PG 2026 Investigation). राजस्थान की राजधानी जयपुर में नीट पीजी परीक्षा के दौरान हुए पावर फेलियर विवाद के बाद बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है. परीक्षा में हुई गड़बड़ी और अभ्यर्थियों के भारी विरोध को देखते हुए मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए गए हैं. नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने 3 सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है, जिससे परीक्षा केंद्र पर हुई लापरवाही और अव्यवस्था की परतें खोली जा सकें.
इस संवेदनशील और महत्वपूर्ण जांच की कमान राजस्थान कैडर की 1997 बैच की तेजतर्रार सीनियर आईएएस अधिकारी गायत्री राठौड़ को सौंपी गई है. वर्तमान में चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव गायत्री राठौड़ के नेतृत्व में बनी यह टीम पूरी घटना की गहराई से पड़ताल करेगी. साथ ही, नीट पीजी 2026 में प्रभावित अभ्यर्थियों के हित में जयपुर के 2 परीक्षा केंद्रों पर 5 सितंबर 2026 (शनिवार) को दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय भी लिया गया है.
नीट पीजी जांच का नेतृत्व कर रहीं IAS गायत्री राठौड़ कौन हैं?
आईएएस गायत्री राठौड़ राजस्थान प्रशासनिक सेवा की बेहद सख्त, पारदर्शी और तुरंत फैसले लेने वाली अधिकारी मानी जाती हैं. मूल रूप से उदयपुर की रहने वालीं गायत्री राठौड़ ने ब्रिटेन की बर्मिंघम यूनिवर्सिटी से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स किया है. अपने लंबे करियर में वे महिला और बाल विकास, पर्यटन, सामाजिक न्याय और आयुर्वेद जैसे कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं. वर्तमान में राजस्थान के चिकित्सा, स्वास्थ्य और मेडिकल एजुकेशन विभाग में प्रमुख शासन सचिव के पद पर तैनात हैं.
तीन सदस्यीय कमेटी में कौन-कौन शामिल?
NBEMS की तरफ से गठित इस तीन सदस्यीय जांच समिति में आईएएस गायत्री राठौड़ अध्यक्ष की भूमिका में होंगी. उनके अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) के एक वरिष्ठ इंजीनियरिंग अधिकारी को शामिल किया गया है. नीट पीजी 2026 परीक्षा के दौरान बिजली गुल होने की तकनीकी वजहों का पता लगाने के लिए इंजीनियरिंग एक्सपर्ट को खास तौर पर टीम में जगह दी गई है.
नीट पीजी मामले की जांच कैसे होगी और किस पर गिरेगी गाज?
कमेटी जयपुर के प्रभावित परीक्षा केंद्रों पर मैनेजमेंट की कमियों, बिजली बैकअप की व्यवस्था और परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी (NBEMS) की भूमिका की बिंदुवार समीक्षा करेगी. अभ्यर्थियों की तरफ से प्रेजेंट किए गए डिजिटल सबूतों और शिकायतों का मिलान कर यह तय किया जाएगा कि लापरवाही किस स्तर पर हुई. जांच समिति अपनी विस्तृत रिपोर्ट सीधे सरकार को सौंपेगी, जिसके आधार पर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is kno…
August 31, 2026, 10:02 IST



