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आज का मौसम 1 नवंबर: बंगाल की खाड़ी में फिर हड़कंप, 85KM की हवाएं, 13 राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी

Aaj Ka Mausam 1 November: देश में चक्रवाती तूफान अर्नब का असर अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ है कि बंगाल की खाड़ी में एक नया तूफानी सिस्टम सक्रिय हो गया है. समुद्र के ऊपर बन रहा यह सिस्टम आने वाले 24 घंटों में ताकत पकड़ सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक रविवार तक इसके चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है. इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए सोमवार 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश के तट के पास पहुंच सकता है. बंगाल की खाड़ी में हवाओं की रफ्तार 65 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच चुकी है. झोंकों के साथ यह 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है. अगर सिस्टम चक्रवात बनता है तो इसे ‘मुरसु’ नाम दिया जाएगा.

इसका असर केवल आंध्र प्रदेश तक सीमित रहने की आशंका नहीं है. मौसम विभाग (IMD) ने 1 नवंबर को देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है. अरुणाचल प्रदेश और तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश हो सकती है. केरल और माहे में भी तेज बारिश का अनुमान है. ओडिशा में बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी है. मध्य भारत से लेकर दक्षिण भारत तक मौसम बदल सकता है. उत्तराखंड में कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की आशंका है. वहीं उत्तर प्रदेश और बिहार में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है. ऐसे में घर से निकलने या कहीं घूमने जाने से पहले अपने शहर का मौसम जरूर देख लें.

दक्षिण-पूर्वी और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में समुद्र की स्थिति खराब रहने का अनुमान है. (IMD)

दिल्ली-NCR में बादलों की आवाजाही, तापमान रहेगा सामान्य

दिल्ली-एनसीआर में 1 नवंबर को आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रह सकता है. फिलहाल राजधानी में भारी बारिश का कोई विशेष अलर्ट नहीं है. दिन में अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री और रात में न्यूनतम तापमान 16 से 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. सुबह और शाम के वक्त हल्की ठंड महसूस हो सकती है. 2 नवंबर को आसमान मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है. इस दिन अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री तक पहुंच सकता है. दिल्ली में प्रदूषण की आशंका के बीच मौसम का यह बदलाव लोगों को कुछ राहत दे सकता है.

शहर अधिकतम तापमान न्यूनतम तापमान

दिल्ली29°C17°Cमुंबई35°C24°Cकोलकाता33°C23°Cचेन्नई36°C27°Cपटना30°C21°Cलखनऊ29°C19°Cजयपुर29°C18°Cभोपाल28°C18°Cरांची28°C20°Cशिमला21°C11°C

उत्तर प्रदेश में पूर्वी हिस्सों में हो सकती है हल्की बारिश

उत्तर प्रदेश में पिछले दिनों हुई बारिश के बाद अब मौसम में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है. मौसम विभाग के अनुसार 1 और 2 नवंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की से छिटपुट बारिश हो सकती है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए 1 नवंबर के बाद कोई विशेष बारिश अलर्ट नहीं दिया गया है. हालांकि सुबह और शाम के समय तापमान में गिरावट के कारण हल्की ठंड महसूस हो सकती है. लखनऊ में 1 नवंबर को अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. फिलहाल राज्य में व्यापक भारी बारिश की संभावना नहीं है.

बिहार में 5 नवंबर तक कहीं-कहीं बारिश के आसार

बिहार में 1 से 5 नवंबर के बीच कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है. हालांकि मौसम विभाग ने फिलहाल भारी बारिश को लेकर कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की है. राज्य के कुछ इलाकों में बादल छाने और हल्की बारिश होने की संभावना है. इस बीच पूर्वी चंपारण और सीतामढ़ी के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में अगले 48 घंटों के दौरान अचानक बाढ़ का कम से मध्यम जोखिम जताया गया है. पटना में अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

दक्षिण भारत में मौसम का सबसे ज्यादा असर आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में दिख सकता है.

झारखंड के कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी
झारखंड में भी मौसम का मिजाज बदल सकता है. राज्य के कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है. बंगाल की खाड़ी में सक्रिय सिस्टम का असर पूर्वी भारत के मौसम पर पड़ सकता है. गरज-चमक के साथ कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है. हालांकि राज्य के लिए इस दिन किसी व्यापक स्तर की बहुत भारी बारिश का स्पष्ट अलर्ट नहीं दिया गया है. रांची में अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. बारिश और बादलों की वजह से दिन के तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.

पश्चिम बंगाल में भी बिगड़ सकता है मौसम

पश्चिम बंगाल के कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी है. बंगाल की खाड़ी में बन रहे सिस्टम के आगे बढ़ने से राज्य के तटीय और आसपास के इलाकों में मौसम प्रभावित हो सकता है. कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. हालांकि दिए गए पूर्वानुमान में पश्चिम बंगाल के लिए अलग से भारी बारिश की निश्चित मात्रा नहीं बताई गई है. कोलकाता में 1 नवंबर को अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रह सकता है.

ओडिशा में 2 नवंबर से बढ़ेगी बारिश की गतिविधि

ओडिशा में आने वाले दिनों में मौसम ज्यादा खराब हो सकता है. मौसम विभाग ने 2 नवंबर को राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान जताया है. इसके बाद 3 और 4 नवंबर को कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश हो सकती है. 1 नवंबर को भी कुछ इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है. इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. बंगाल की खाड़ी में बन रहा सिस्टम मजबूत हुआ तो तटीय इलाकों में इसका असर और बढ़ सकता है.

राजस्थान में फिलहाल बड़े बारिश अलर्ट के संकेत नहीं

राजस्थान के लिए दिए गए पूर्वानुमान में 1 नवंबर को भारी बारिश का कोई विशेष अलर्ट नहीं बताया गया है. जयपुर समेत राज्य के शहरों में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रह सकता है. दिन में हल्की गर्माहट और रात में ठंडक महसूस हो सकती है. जयपुर में अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. बंगाल की खाड़ी में सक्रिय सिस्टम का सीधा असर राजस्थान में व्यापक बारिश के रूप में दिखने की संभावना फिलहाल नहीं बताई गई है.

मध्य प्रदेश में 4 नवंबर तक जारी रह सकती है बारिश

मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 1 से 4 नवंबर तक कहीं-कहीं बारिश होने का अनुमान है. पूर्वी मध्य प्रदेश में 2 से 4 नवंबर के बीच गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं. पश्चिमी हिस्सों में भी मौसम बदलने की संभावना है. वहीं विदर्भ के कुछ इलाकों में 1 नवंबर को बारिश और बिजली गिरने का खतरा बना रह सकता है. भोपाल में अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. बारिश के कारण कुछ इलाकों में दिन के तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है.

उत्तराखंड में ओले गिरने की आशंका, हिमाचल में हल्की बारिश

उत्तराखंड में 31 अक्टूबर से 2 नवंबर के बीच कुछ जगहों पर हल्की से छिटपुट बारिश हो सकती है. 1 नवंबर के दौरान कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है. हालांकि राज्य में 1 और 2 नवंबर के लिए भारी बारिश का कोई विशेष अलर्ट नहीं है. पहाड़ी इलाकों में मौसम तेजी से बदल सकता है.
हिमाचल प्रदेश में भी 2 नवंबर तक कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है. शिमला में अधिकतम तापमान करीब 21 डिग्री और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. ऊंचाई वाले इलाकों में सुबह और रात के समय ठंड बढ़ सकती है. फिलहाल राज्य में भारी बारिश को लेकर कोई विशेष चेतावनी नहीं है. पर्यटन स्थलों पर जाने वाले लोगों को मौसम के हिसाब से गर्म कपड़े साथ रखने चाहिए.

पूर्वोत्तर में अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट

पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में अगले एक सप्ताह तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है. अरुणाचल प्रदेश में 1 और 2 नवंबर को भारी बारिश होने की संभावना है. असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम सिस्टम का असर इस क्षेत्र में भी पहुंच सकता है. पहाड़ी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए.

दक्षिण भारत में चक्रवात मुरसु का सबसे ज्यादा असर संभव

दक्षिण भारत में मौसम का सबसे ज्यादा असर आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में दिख सकता है. कम दबाव का क्षेत्र मजबूत होकर चक्रवाती तूफान बन सकता है और 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश के तट के पास पहुंचने का अनुमान है. तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. केरल और माहे में 1 से 4 नवंबर तक भारी बारिश का अनुमान है. तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 6 नवंबर तक बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं. तेलंगाना तथा आंतरिक और तटीय कर्नाटक में 2 से 5 नवंबर के बीच मध्यम से भारी बारिश हो सकती है. कई इलाकों में गरज-चमक के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.

बंगाल की खाड़ी में 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवा

दक्षिण-पूर्वी और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में समुद्र की स्थिति खराब रहने का अनुमान है. यहां हवा की रफ्तार 65 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है. झोंकों के साथ यह 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. आंध्र प्रदेश और उत्तरी तमिलनाडु-पुडुचेरी के तटों के पास हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे रहने और झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है. समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं. मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने और तटीय इलाकों के लोगों को प्रशासन की सलाह मानने की जरूरत है.

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