Rajasthan

करवा चौथ पर सुबह से देर रात तक उमड़ती है सुहागिनों की भीड़

Last Updated:October 27, 2026, 12:15 IST

Ajmer Chauth Mata Temple: राजस्थान के अजमेर में स्थित 150 साल पुराना चौथ माता मंदिर करवा चौथ पर सुहागिनों की गहरी आस्था का केंद्र बना रहता है. इस दिन सुबह से लेकर रात 12 बजे तक मंदिर में महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ती है. ब्यावर, हाथीखेड़ा, सुभाष नगर और आदर्श नगर से आने वाली महिलाएं पति की दीर्घायु और खुशहाली की कामना करती हैं. पिछले 30-40 वर्षों से मंदिर की सेवा संभाल रहीं नीलकमल शर्मा बताती हैं कि इस दिन मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी चहल-पहल रहती है.

ख़बरें फटाफट

Amazon Prime DayTop Deals Inside

अजमेर : राजस्थान के अजमेर जिले में स्थित करीब 150 साल पुराना यह प्राचीन मंदिर अपनी विशेष मान्यताओं और धार्मिक महत्व के लिए श्रद्धालुओं के बीच खास पहचान रखता है. करवा चौथ के पावन पर्व पर यहां सुबह से लेकर देर रात 12 बजे तक सुहागिन महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ती है. दूर-दराज के इलाकों से पहुंचने वाली महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली और बच्चों की दीर्घायु की कामना को लेकर यहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना करती हैं.

मंदिर में सेवा दे रही नीलकमल शर्मा बताती हैं कि यह मंदिर लगभग डेढ़ सौ वर्ष से भी अधिक पुराना है. करवा चौथ के अवसर पर केवल स्थानीय महिलाएं ही नहीं, बल्कि हाथीखेड़ा, ब्यावर, सुभाष नगर और आदर्श नगर सहित आसपास के कई इलाकों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं. सुबह से शुरू हुआ दर्शन-पूजन का यह दौर दिन चढ़ने के साथ और बढ़ता जाता है. देर रात तक मंदिर परिसर में भक्तों की भारी चहल-पहल बनी रहती है.

रात 12 बजे तक बना रहता है आस्था का सैलाबकरवा चौथ के दिन मंदिर में आस्था का एक अनोखा और अनूठा नजारा देखने को मिलता है. नीलकमल शर्मा के अनुसार व्रत रखने वाली सुहागिन महिलाएं रात 12 बजे तक मंदिर पहुंचती रहती हैं. महिलाएं अपने सुहाग की रक्षा और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करती हैं. इस विशेष अवसर पर मंदिर में श्रद्धालुओं की इतनी जबरदस्त भीड़ जमा हो जाती है कि कई बार परिसर में पैर रखने तक की जगह नहीं बचती.

30-40 वर्षों से सेवा निभा रही हैं नीलकमल शर्मामंदिर के इतिहास और अपनी सेवा यात्रा पर बात करते हुए नीलकमल शर्मा बताती हैं कि उनसे पहले उनके सास-ससुर मंदिर की देखरेख और पूजा-सेवा का जिम्मा संभाला करते थे. परिवार की इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वह स्वयं पिछले करीब 30 से 40 वर्षों से निरंतर मंदिर में अपनी सेवाएं समर्पित कर रही हैं.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…

और पढ़ेंLocation :

Ajmer,Ajmer,Rajasthan

First Published :

October 27, 2026, 12:15 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj