कानपुर की तर्ज पर सीकर का खंडेला बनेगा लेदर हब, 300 से ज्यादा कारीगर आधुनिक मशीनों से बनाएंगे जूते, बैग और बेल्ट

Last Updated:October 08, 2026, 10:22 IST
Sikar Leather Hub Khandela: सीकर जिले का खंडेला कस्बा अब यूपी के कानपुर की तर्ज पर लेदर हब बनने जा रहा है. राजीविका द्वारा यहां 30 लाख रुपए की लागत से जिले की पहली आधुनिक लेदर प्रोसेसिंग और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित की जा रही है, जिसके पहले चरण के लिए 23 लाख रुपए का बजट मिल चुका है. दिसंबर तक शुरू होने वाली इस यूनिट से 100 से अधिक परिवारों के 300 से ज्यादा पारंपरिक कारीगर जुड़ेंगे. आधुनिक मशीनों से यहां जूते-चप्पल, पर्स, ऑफिस व ट्रैवल बैग और बेल्ट बनाए जाएंगे. राजीविका कारीगरों को सस्ते कच्चे माल से लेकर राष्ट्रीय मेलों में बाजार उपलब्ध कराने तक पूरी मदद करेगी.
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सीकर. उत्तर प्रदेश के कानपुर की तर्ज पर अब सीकर जिले का खंडेला कस्बा भी अपनी पारंपरिक चमड़ा कारीगरी को आधुनिक बाजार के साथ जोड़ने की बड़ी तैयारी कर रहा है. वर्षों से पारंपरिक औजारों और सीमित संसाधनों की मदद से जूते-चप्पल व अन्य लेदर उत्पाद बनाने वाले स्थानीय कारीगर अब अत्याधुनिक मशीनों के जरिए बड़े पैमाने पर उत्पादन कर सकेंगे. राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद यानी राजीविका ने खंडेला में जिले की पहली आधुनिक लेदर प्रोसेसिंग एवं मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने की विशेष योजना तैयार की है. करीब 30 लाख रुपए की लागत वाले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है. इसके प्रथम चरण के काम के लिए 23 लाख रुपए का बजट भी जारी किया जा चुका है और आगामी दिसंबर माह तक इस यूनिट में उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है.
इस विशेष प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा और सीधा फायदा खंडेला क्षेत्र के पारंपरिक लेदर कारीगरों को मिलने वाला है. राजीविका की इस योजना के अंतर्गत स्थानीय स्तर पर 100 से ज्यादा परिवारों के 300 से अधिक कारीगरों को इस नई इकाई के साथ जोड़ा जाएगा. फिलहाल ये कारीगर पुराने तरीके और साधारण औजारों के सहारे अपना काम चला रहे हैं. आधुनिक मशीनें उपलब्ध होने के बाद न केवल इनकी उत्पादन क्षमता में इजाफा होगा, बल्कि तैयार होने वाले उत्पादों की फिनिशिंग, मजबूती और गुणवत्ता में भी जबरदस्त सुधार देखने को मिलेगा. इस पूरी इकाई के संचालन और देखरेख की जिम्मेदारी प्रेरणा क्लस्टर लेवल फेडरेशन की ओर से संभाली जाएगी.
जूते-चप्पल से लेकर स्टाइलिश बैग और बेल्ट तक होंगे तैयारखंडेला की इस आधुनिक यूनिट में अब केवल पारंपरिक जूते-चप्पल ही नहीं बनेंगे, बल्कि मौजूदा बाजार की मांग के मुताबिक कई तरह के आधुनिक और आकर्षक लेदर प्रोडक्ट्स भी तैयार किए जाएंगे. इनमें मुख्य रूप से फॉर्मल और कैजुअल जूते, लेदर की चप्पलें, महिलाओं और पुरुषों के लिए डिजाइनर पर्स, ट्रैवल बैग, ऑफिस बैग और बेल्ट शामिल हैं. राजीविका का मुख्य उद्देश्य खंडेला में बने इन उत्पादों को उनकी बेहतरीन फिनिशिंग और पारंपरिक राजस्थानी नक्काशी के दम पर देशभर में एक अलग पहचान दिलाना है.
कच्चे माल से लेकर राष्ट्रीय स्तर के बाजार तक मिलेगी मददराजीविका की यह पहल केवल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि कारीगरों को हर स्तर पर सहयोग दिया जाएगा. कारीगरों को उच्च गुणवत्ता वाला चमड़ा और अन्य जरूरी कच्चा माल रियायती दरों पर उपलब्ध कराने की पुख्ता व्यवस्था की जाएगी. इसके अलावा तैयार किए गए उत्पादों को बेचने के लिए राज्य के प्रमुख शहरों के साथ-साथ सरस मेलों, लघु उद्योग मेलों और राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनियों में विशेष स्टॉल उपलब्ध करवाए जाएंगे. इससे स्थानीय कारीगरों को छोटे बाजार से बाहर निकलकर सीधे बड़े खरीदारों और व्यापारियों तक पहुंचने का सुनहरा अवसर मिलेगा.
दिसंबर तक उत्पादन शुरू करने की कवायद तेजइस प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए फिलहाल खंडेला में उपयुक्त जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है. प्रोजेक्ट की डीपीआर फाइनल होने के बाद सितंबर के आखिरी सप्ताह में पहले चरण के तहत 23 लाख रुपए का बजट आवंटित कर दिया गया है. अब जल्द ही भवन निर्माण, आधुनिक मशीनरी की खरीद और अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं का काम आगे बढ़ाया जाएगा. राजीविका के डीपीएम संदीप पूनिया ने बताया कि खंडेला में चर्म व्यवसाय से जुड़े परिवारों को चिह्नित कर लिया गया है और दिसंबर तक इस इकाई में उत्पादन शुरू करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Sikar,Sikar,Rajasthan
First Published :
October 08, 2026, 10:22 IST



