किसी एक सिद्धांत पर चलने का प्रयास जरूर करना चाहिए; गांधी जयंती पर क्या बोले सिरोही के लोग?

Last Updated:October 01, 2026, 17:49 IST
Public Opinion On Mahatma Gandhi ideas on Gandhi Jayanti: महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर को देशभर में मनाई जाती है. इस मौके पर Local 18 ने सिरोही के लोगों से पूछा कि गांधीजी की कौन-सी सीख वे अपने जीवन में अपनाते हैं. वरिष्ठ नागरिक डॉ. दामोदर प्रसाद चतुर्वेदी ने सत्य, अहिंसा और धर्म को जीवन में उतारने की बात कही. व्यापारी नवीन सांखला ने सत्याग्रह और बिना सत्य जांचे सोशल मीडिया संदेश आगे नहीं बढ़ाने को गांधीजी की सीख से जोड़ा. दुकानदार संजय जानी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने की बात कही, जबकि दीपक त्रिवेदी ने सार्वजनिक स्थानों और सांतपुर तालाब की स्वच्छता के लिए किए प्रयासों को गांधीजी के विचारों से जोड़ा.
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सिरोही. देश की स्वतंत्रता के नायक और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर को मनाई जाती है. इस दिन कई बड़े आयोजन भी होते हैं. Local 18 ने सिरोही के लोगों से पूछा कि महात्मा गांधी की कौन-सी सीख या विचार को लोग अपने जीवन में उतारते हैं. इस पर लोगों ने अपनी राय रखी.
वरिष्ठ नागरिक और सेवानिवृत्त जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. दामोदर प्रसाद चतुर्वेदी ने कहा कि गांधीजी के तीन प्रमुख संदेश सत्य, अहिंसा और धर्म हैं, जिनका वह आज भी पालन करने की पूरी कोशिश करते हैं. इन तीन सिद्धांतों पर चलकर ही गांधीजी ने देश को आजादी दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. हम सभी को इन तीनों सिद्धांतों को पढ़ना ही सही, लेकिन इनमें से किसी एक सिद्धांत पर चलने का प्रयास जरूर करना चाहिए. अगर विद्यार्थी सत्य के हिसाब से चलेगा तो उसे विद्या और अध्ययन में कभी परेशानी नहीं होगी. धन हमारे राष्ट्र और समाज के विकास के लिए है और शक्ति का उपयोग दूसरों की मदद करने में करना चाहिए.
सत्याग्रह की राह अपनाकर उठाई आवाजव्यापारी और समाजसेवी नवीन सांखला ने बताया कि आजकल सोशल मीडिया पर लोग बिना सोचे-समझे और मैसेज की सत्यता को परखे भड़काऊ मैसेज आगे भेज देते हैं, जिससे समाज में आपसी भाईचारे पर संकट आता है. वह कभी बिना सोचे-समझे कोई मैसेज आगे फॉरवर्ड नहीं करते हैं. महात्मा गांधी ने भी आपसी भाईचारे और गलत के खिलाफ अहिंसा और सत्याग्रह का संदेश दिया था. उन्होंने भी शहर के विकास, सड़कों और शिक्षा को लेकर वहां आमरण अनशन किया था. उन्होंने सत्याग्रह का रास्ता अपनाते हुए प्रशासन से जनहित की मांग को मनवाया था.
भ्रष्टाचार के खिलाफ उठाई आवाजसांतपुर निवासी दुकानदार संजय जानी ने बताया कि गांधीजी ने सीख दी थी कि बुरा मत बोलो, बुरा मत देखो और बुरा मत सुनो. उन्होंने इस सीख को अपनाते हुए अपने आसपास होने वाले भ्रष्टाचार के खिलाफ मुखर होकर आवाज उठाई है. चाहे सड़क निर्माण हो या सफाई, हर मुद्दे पर भ्रष्टाचार को रोकने के लिए प्रशासन से मांग कर आवाज उठाने का काम किया है.
स्वच्छता के लिए लोगों को किया प्रेरितवरिष्ठ नागरिक दीपक त्रिवेदी ने बताया कि गांधीजी स्वच्छता के लिए देशवासियों को प्रेरित करते थे. उन्होंने भी सार्वजनिक जगहों पर स्वच्छता के लिए प्रयास किए हैं. गांव के प्रमुख सांतपुर तालाब की स्वच्छता के लिए भी कई बार स्वयं प्रयास करने के साथ प्रशासन को भी अवगत करवाकर इस सार्वजनिक स्थान की दशा सुधारने के लिए प्रयास किए हैं.
About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
Sirohi,Sirohi,Rajasthan
First Published :
October 01, 2026, 17:49 IST


