कुंभलगढ़ का किला या पाली का ननिहाल? कहां हुआ था महाराणा प्रताप का जन्म, जानें इतिहास की कहानी

Last Updated:October 18, 2026, 21:53 IST
Pali Hindi News: महाराणा प्रताप के जन्म को लेकर कुंभलगढ़ किले और पाली के ननिहाल को लेकर अलग-अलग दावे किए जाते हैं. इतिहास के पन्नों में कुंभलगढ़ का उल्लेख है, जबकि पाली के लोग परंपरा के आधार पर जन्मस्थल मानते हैं.
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पाली। महाराणा प्रताप का नाम जब भी जहन में आता है तो सीना गर्व से चौड़ा होना स्वाभाविक है क्योंकि शौर्य और साहस का पयार्य रहे महाराणा प्रताप ऐसे राजा थे, जिन्होने कभी भी मुगलो के आतंक के सामने अपने घुटने नही टेके. मगर क्या आपको पता है कि ऐसे शूरवीर महाराणा प्रताप का जन्म कहा हुआ था? हालांकि इतिहास के पन्नो की माने तो उनके जन्म का स्थान मेवाड़ के कुंभलगढ किले में होना बताया गया है. मगर पाली में महाराणा प्रताप का ननिहाल है, तो पाली के लोग इस बात का आज भी दावा करते है कि उनका जन्म 9 मई 1540 विक्रम संवत 1597 ज्येष्ठ शुक्ला तृतीय को पाली के जूनी कचहरी में अपने नाना अखेराज सोनिगरा के यहां हुआ था.
पाली के लोग इस बात पर गर्व भी महसूस करते है. मगर इतिहास विशेषज्ञों की माने तो उनका कहना है कि इतिहास के पन्नो में महाराणा प्रताप के जन्म का पाली में होना कही कोई जिक्र नही है. उनका जन्म मेवाड़ के कुंभलगढ़ किले में हुआ जिसके तथ्य आज भी मौजूद है। आप भी देखिएं यह खास रिपोर्ट.
पाली के लोग आज भी इस बात का करते है दावाबंशीलाल माली ने कहा कि पाली महाराणा प्रताप का ननिहाल था. इसका जन्म यही हुआ और यही उनका ननिहाल था. पाली के अंदर ही आंखे खोली थी. यहां पर महल हुआ करता था। हमने नही देखा मगर हमारे पुर्वज हमे यही बताते थे. पाली के अंदर जूनी कचहरी यही पर महल हुआ करता था यही उनका जन्म स्थान है. गर्व होता है कि हमारी जन्मभूमि स्थल पर ऐसे महान शूरवीर जन्मे. मुन्नी देवी ने कहा कि हम भाग्यशाली है कि हम उसी भूमि से आते है जहां महाराणा प्रताप ने जन्म लिया. पीहर में पहली डिलीवरी होती है. तो उनकी मां को पीहर लेकर आए थे. यह पूरा यहां महल था एक समय में. राजा महाराजा रहा करते थे.
परपंरा के आधार पर पाली के लोग कहते है यह बातपाली के इतिहास विशेषज्ञ मुकेश जोशी ने लोकल-18 को बताया कि इतिहास की किताबो में यह दर्शाया गया है कि महाराणा प्रतापत का जन्म 9 मई 1540 को कुंभलगढ के कटारगढ़ के बादल महल में हुआ लेकिन पाली का जो जनमानस है. उसके अनुसार बताया जाता है कि महाराणा प्रताप की जो माता जयवंता बाई वह पाली की रहने वाली थी. यहां परपंरा है कि जो पहली संतान होती है उसका जन्म ननिहार में होता है, इसलिए कहा जाता है कि महाराणा प्रतापत का जन्म पाली में हुआ. मगर इतिहास की किताबो में पाली का कही जिक्र नही है. मगर पाली के जनमानस महाराणा प्रताप का जन्म पाली के जूनी कचहरी में बताते है. मगर यह बात सही है कि महाराणा प्रताप का जो ननिहाल है वह पाली में है.
कुंभगढ किला प्रताप के जन्म का है साक्षीमहाराणा प्रताप पर पुस्तक लिखने के साथ इसमें पीएचडी करने वाले उदयपुर निवासी चंद्रशेखर शर्मा ने लोकल-18 से बातचीत करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप का जन्म कुंभलगढ किले में हुआ था. पहले माना जाता था कि प्रताप का जो ननिहाल और जयवंताबाई का जो पीहर है वह पाली के सोनगरा में था तो पहला बच्चा पीहर में होता है. तो पाली में हुआ होगा लेकिन उस समय की स्थितियां देखे तो 1540 में प्रताप का जन्म हुआ और 1540 में महाराणा उदय सिंह ने अपने सामंतो की पाली के सोनगरा की मदद से उन्होने मावली में सेनाओं को पराजित करके चित्तौड के किले पर अपना अधिकार पुन:प्राप्त किया था. तो उस समय सोनगरा परिवार मेवाड़ में ही थी ऐसे में उस समय पाली में होना संभव नही था, क्योंकि मुगलो के आक्रमण लगातार चल रहे थे सबसे सुरक्षित जगह उस समय मेवाड था. यह इसलिए प्रमाणित है कि मेवाड के कुंभलगढ किले में प्रताप का जन्म हुआ था.
पाली में प्रताप की जन्मस्थली के रूप में विकसित है यह स्थानपाली के लोगो द्वारा दावा किया जाता है कि मेवाड़ के महाराणा उदयसिंह की धर्मपत्नी रानी जयवंताबाई अपने प्रथम प्रसव को लेकर पाली अपने पीहर आई थी. पाली का जूनी कचहरी परिसर जो कभी महाराणा प्रताप के नाना अखेराज सोनिगरा और उनके परिवार के निवास का ठिकाना था।.आज भी पाली में धानमंडी के निकट जूनी कचहरी का भव्य गेट पाली की वेभवता को दर्शाता है. करीब एक हजार साल पुराना यह गेट आज भी मजबूती से खड़ा है. अंदर का भवन जर्जर होने पर सालों पहले उसे गिरा दिया गया था. वर्तमान में इसे महाराणा प्रताप की जन्म स्थली के रूप में विकसित किया गया है. जूनी कचहरी परिसर में महाराणा प्रताप की दो प्रतिमाएं लगी हुई है. जिसमें एक अश्वारूढ़ प्रतिमा भी शामिल है.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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October 18, 2026, 21:53 IST



