स्मृति मंधाना की कप्तानी में भारत ने पहली टी20 सीरीज जीती, शेफाली वर्मा ने जड़ा तूफानी अर्धशतक

नई दिल्ली. भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए दूसरे टी20 में जिम्बाब्वे को एकतरफा अंदाज में 9 विकेट से शिकस्त दी. जिम्बाब्वे की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 8 विकेट के नुकसान पर 102 रन का स्कोर खड़ा किया था. जवाब में भारतीय टीम ने विस्फोटक शुरुआत करते हुए महज 8.5 ओवर में ही 1 विकेट के नुकसान पर 104 रन बनाकर लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया. इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने 3 मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली.
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय महिला टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया. ओपनर शेफाली वर्मा (Shafali Verma) और कप्तान स्मृति मंधाना (Smriti Mandhana) ने मैदान के चारों तरफ शॉट लगाते हुए जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं. शेफाली वर्मा ने मैदान पर कदम रखते ही चौकों और छक्कों की बरसात कर दी. उन्होंने महज 25 गेंदों का सामना करते हुए 6 चौकों और 4 गगनचुंबी छक्कों की मदद से तूफानी 55 रनों की शानदार पारी खेली. उनका स्ट्राइक रेट 220.00 का रहा, जिसने मैच का रुख शुरुआती ओवरों में ही भारत की तरफ मोड़ दिया.
विपक्षी गेंदबाजी पूरी तरह बेअसर
दूसरी ओर, कप्तान स्मृति मंधाना ने भी उनका पूरा साथ दिया और अपनी क्लासिक बल्लेबाजी का नजारा पेश किया. मंधाना ने 25 गेंदों पर नाबाद 47 रनों की पारी खेली, जिसमें 6 चौके और 2 छक्के शामिल रहे. उनका स्ट्राइक रेट 188.00 का रहा. पारी के अंत में अनुष्का शर्मा ने नाबाद 1 रन बनाया. भारतीय ओपनर्स की आंधी के आगे जिम्बाब्वे का गेंदबाजी आक्रमण पूरी तरह बेअसर साबित हुआ. न्याशा ग्वान्जुरा, तेंडाई माकुशा और मिशेल मावुंगा जैसी गेंदबाज काफी खर्चीली साबित हुईं. एकमात्र सफलता बेलोव्ड बीजा को मिली, जिन्होंने शेफाली वर्मा को आउट किया.
भारत की आसान जीत
भारतीय टीम ने महज 8.5 ओवरों में ही 1 विकेट खोकर 104 रन बना लिए और मुकाबले को 9 विकेट के बड़े अंतर से अपने नाम कर लिया. इस धमाकेदार जीत में ओपनिंग बल्लेबाजों का विस्फोटक प्रदर्शन और गेंदबाजों की अनुशासन भरी गेंदबाजी मुख्य आकर्षण रही. रायपुर के मैदान पर भारतीय महिलाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे किसी भी विपक्षी टीम को दबाव में लाने का हुनर अच्छी तरह जानती हैं.
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम की शुरुआत बेहद खराब रही. भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों से ही कसी हुई गेंदबाजी करते हुए विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा. जिम्बाब्वे की ओपनर केलिस न्धलोवु खाता खोले बिना ही नंदानी शर्मा का शिकार बन गईं. इसके बाद क्रीज पर उतरीं बेलोव्ड बीजा भी कुछ खास कमाल नहीं कर सकीं और दीप्ति शर्मा की गेंद पर हरमनप्रीत कौर को कैच थमा बैठीं. वह 13 गेंदों में 7 रन बनाकर आउट हुईं. जिम्बाब्वे का शीर्ष क्रम भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के आगे लड़खड़ा गया.
जिम्बाब्वे की पारी को संभालने की कोशिश
हालांकि, इसके बाद चिपोर मुगेरी-तिरिपानो ने पारी को संभालने की कोशिश की और कुछ बेहतरीन शॉट लगाए. उन्होंने 32 गेंदों का सामना करते हुए 5 चौकों की मदद से 34 रनों की अहम पारी खेली. उनका साथ शार्ने मेयर्स ने दिया, जिन्होंने 10 गेंदों में 2 चौकों की मदद से 9 रन बनाए. मध्य क्रम में कप्तान जोसेफिन एनकोमो ने एक छोर संभालकर संयम दिखाया और अंत तक नाबाद रहीं. एनकोमो ने 35 गेंदों का सामना करते हुए 2 चौकों की मदद से 27 रनों की नाबाद पारी खेली, जिससे टीम सम्मानजनक स्कोर तक पहुंच पाई.
भारतीय गेंदबाजों का अनुशासित प्रदर्शन
जिम्बाब्वे की ओर से मोडेस्टर मुपाचिकवा ने 9 रन बनाए, जबकि मिशेल मावुंगा ने 4 रनों का योगदान दिया. भारतीय गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन के आगे जिम्बाब्वे की बल्लेबाज खुलकर रन नहीं बना पाईं. नियति प्रसादा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 2 ओवरों में महज 7 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए. इसके अलावा क्रांति गौड़, नंदानी शर्मा, दीप्ति शर्मा और श्री चरानी ने 1-1 विकेट अपने नाम किया. जिम्बाब्वे की पारी में कुल 12 अतिरिक्त रन भी जुड़े, जिसके सहारे टीम 20 ओवर में 8 विकेट पर 102 रन ही बना सकी.



