क्या 5 ओवर के क्रिकेट मुकाबले को अंतरराष्ट्रीय मैच माना जाता है? भारत Vs जापान T20 में ICC के नियम क्या?

India vs Japan T20i Cricket Match: टेलीविजन स्क्रीन पर भारत और जापान के बीच खेला जा रहा क्रिकेट मैच अचानक से चर्चा में आ गया. स्पोर्टस प्रेमियों का ध्यान इस मैच ने तब खींचा जब स्क्रीन पर केवल पांच ओवर का ही मुकाबला नजर आया. इसके बाद जापान जैसी नौसिखिया टीम के आगे भारत के धाकड़ बल्लेबाजों का विकेट गिरना हैरानी का सबब बन गया. रोमांच इस हद तक हो गया कि मैच की अंतिम बॉल पर ही फैसला हो पाया कि कौन जीतेगा. भारत ने किसी तरह हांफते-हांफते 2 रनों से जीत हासिल कर ली. हालांकि दोनों देशों के बीच मारुति सुजुकी कप के नाम से एकमात्र मैच को लेकर पहला सवाल ये कि क्या 5-5 ओवर के मैच को इंटरनैशनल मैच का दर्जा हासिल होता है? इसको लेकर क्या नियम हैं?
क्या 5 ओवर का मैच इंटरनैशनल माना जाता है?इसका जवाब है कि हां 5 ओवर के क्रिकेट मैच को ऑफिशियली अंतरराष्ट्रीय मैच माना जाता है. खास तौर पर टी-20 इंटरनेशनल. बशर्ते यह मुकाबला इंटरनैशनल क्रिकेट काउन्सिल यानी ICC के सदस्य देशों के बीच खेला गया हो. एक वैध मैच के लिए दोनों पारियों में कम से कम 5 ओवर फेंके जाने की न्यूनतम शर्त पूरी होती हो. भारत के साथ ही जापान भी आईसीसी का मेंबर है.
मैच को इंटरनैशनल स्टेटस मिलने का नियमICC के T-20 प्लेइंग कंडीशंस के अनुसार ग्रुप मैच और सामान्य सीमित ओवरों के मुकाबलों में एक आधिकारिक और फुल मैच घोषित होने के लिए दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने वाली टीम के खिलाफ कम से कम 5 ओवर फेंके जाने जरूरी हैं. इसके साथ ही दोनों टीमों को कम से कम पांच-पांच ओवर अलॉट किया जाना चाहिए.
इसमें कुछ अपवाद भी होते हैं. बारिश या फिर अन्य बाधाओं की वजह से मैच इतना छोटा हो जाता है कि लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम के लिए 5 ओवर से भी कम खेल संभव हो पाता है, तो ऐसे मैच को No Result यानी कोई नतीजा नहीं घोषित कर दिया जाता है और इसे आधिकारिक तौर पर अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं माना जाता है.
बात अगर टूर्नामेंट की हो तो ध्यान देने योग्य बात यह है कि प्रमुख ICC टूर्नामेंटों के नॉकआउट मैच जैसे सेमीफाइनल या फाइनल के लिए, 5 ओवर की जगह दोनों पारियों में कम से कम 10 ओवर का होना जरूरी होता है.
5 ओवर के इंटरनैशनल मैचों के सामान्य नियम
बॉलर्स की सीमा: 5 ओवर की पारी में कोई भी गेंदबाज कुल ओवरों के एक-पांचवें हिस्से से ज्यादा गेंदबाजी नहीं कर सकता है. इसका मतलब है कि हर एक गेंदबाज अधिकतम 1 ओवर ही फेंक सकता है. हालांकि यह क्लिअर करना जरूरी है कि अगर कोई संशोधन या ऐसी कंडीशन बनती है तो फिर प्रपोर्शनल नियम लागू होते हैं. लेकिन अमूमन 5 ओवर के लिए 5 गेंदबाजों को एक-एक ओवर ही दिया जाता है.
पावरप्ले के नियम: फील्डिंग पाबंदियां जैसे 30-यार्ड के घेरे के बाहर खड़े होने वाले फील्डर्स की संख्या, पारी में ओवरों की कुल घटी हुई संख्या के आधार पर प्रपोर्शन के तौर पर कम कर दी जाती हैं.
DLS नियम: यदि दूसरी पारी के दौरान बीच में बारिश या किसी अन्य वजह से खेल बाधित होता है और मैच छोटा करना पड़ता है, तो संशोधित टार्गेट को तय करने के लिए डकवर्थ-लुईस-स्टर्न (DLS) नियम का इस्तेमाल किया जाता है.
कब से शुरू हुआ ये नियम? टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में बारिश या अन्य कारणों से मैच छोटा होने पर मिनिमम 5 ओवर का नियम इस फॉर्मेट की शुरुआत के साथ ही यानी साल 2005 से ही अस्तित्व में आ गया था. जब पहला ऑफिशियल पुरुष T20I मैच खेला गया था.
शुरुआती दौर में कई टी20 मैचों में न्यूनतम ओवरों की संख्या को लेकर अलग-अलग घरेलू नियमों का इस्तेमाल होता था, लेकिन आईसीसी ने T20 के लिए इसे आधिकारिक रूप से मानक बना दिया कि मैच का नतीजा निकलने के लिए दूसरी पारी में कम से कम 5 ओवर फेंके जाने जरूरी हैं.
ये कैसा फ्रेंडली मैच?भारत और जापान के बीच राजनैतिक संबंधों के 75 साल पूरे होने पर इस फ्रेंडली मैच का आयोजन किया गया था, जिसे मारुति-सुजुकी कप नाम दिया गया. इस टी-20 इंटरनेशनल में बेहद रोमांचक मुकाबला देखने को मिला. तोचिगी प्रांत में चक्रवाती तूफान के चलते मैदान भीगने की वजह से मैच देरी से शुरू हुआ.
मैच में क्या हुआ?खराब मौसम की वजह से सिर्फ पांच-पांच ओवर के खेले गए इस मैच में पहले भारत ने टॉस जीतकर बैटिंग का ऑप्शन चुना. भारतीय टीम सिर्फ 32 रन ही बना पाई. इसके बाद जापान ने भी अंतिम बॉल तक का पीछा किया, लेकिन आखिरी ओवर में 8 और आखिरी गेंद पर 4 रन नहीं बना पाया. भारत की तरफ से बैटिंग में अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, श्रेयर अय्यर जैसे दिग्गज खिलाड़ियों का विकेट 5 ओवर में ही गंवा दिया.



