न फल न नोट, फिर भी लाखों की कमाई का जरिया बन सकता है ये पेड़, पानी में टिकाऊ लकड़ी ने खींचा किसानों का ध्यान

Last Updated:September 22, 2026, 15:07 IST
Barmer Hindi News: बाड़मेर जैसे रेगिस्तानी इलाके में जहां हरियाली अपने आप में खास आकर्षण का केंद्र रहती है वहीं शहर के रातानाडा इलाके में एक ऐसा पेड़ लोगों की उत्सुकता बढ़ा रहा है जिसे आम बोलचाल में ‘पैसों वाला पेड़’ कहा जाता है. मां सती दक्षिणी मंदिर के अध्यक्ष वासुदेव जोशी ने महोगनी का पौधा लगाया है
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बाड़मेर. रेगिस्तान की धरती अब हरियाली से ही नहीं बल्कि ‘हरियाली वाली कमाई’ से भी चमक रही है. महज 200 रुपये का एक पौधा कुछ सालों की देखभाल और फिर हर पेड़ से लाखों की कमाई होगी. यही है महोगनी का पेड़ जिसे किसान अब ‘चलता-फिरता पैसों का पेड़’ भी कहते हैं. बाड़मेर में इसका पेड़ न केवल 50 डिग्री में भी पनप गया है बल्कि आज 12-15 फीट ऊंचाई में लहरा रहा है.
बाड़मेर जैसे रेगिस्तानी इलाके में जहां हरियाली अपने आप में खास आकर्षण का केंद्र रहती है वहीं शहर के रातानाडा इलाके में एक ऐसा पेड़ लोगों की उत्सुकता बढ़ा रहा है जिसे आम बोलचाल में ‘पैसों वाला पेड़’ कहा जाता है. मां सती दक्षिणी मंदिर के अध्यक्ष वासुदेव जोशी ने महोगनी का पौधा लगाया है. महोगनी की लकड़ी अपनी मजबूती, सुंदर लाल-भूरी रंगत और पानी प्रतिरोधक गुणों के लिए ‘लकड़ी का राजा’ कहलाती है.
इसलिए महोगनी की लकड़ी है बेशकीमतीइसकी लकड़ी का इस्तेमाल खास तौर पर पानी के जहाज,सजावटी सामान,संगीत वाद्ययंत्र, फर्नीचर और अन्य लकड़ी के कामों में किया जाता है. पानी के प्रति इसके टिकाऊपन के कारण भी इसकी लकड़ी को खास माना जाता है. मंदिर के अध्यक्ष वासुदेव जोशी ने 3 साल की मेहनत से महोगनी का पौधा विकसित किया है जो कि आने वाले समय में किसी फिक्स डिपॉजिट से कम नहीं है. यह 12 साल बाद परिपक्व होने पर तगड़ी कमाई देगा.
इसलिए कहा जाता है ‘पैसों वाला पेड़’महोगनी का पौधा लगाने के पीछे एक खास आकर्षण लकड़ी की कीमत है. पेड़ के तैयार होने के बाद उसकी लकड़ी की कीमत प्रजाति, उम्र, आकार, गुणवत्ता और बाजार की मांग के आधार पर इसकी कीमत तय होती है.जोशी के मुताबिक उन्होंने फेसबुक से ऑनलाइन 200 रुपये में इसका पौधा खरीदा था. इसके परिपक्व होने के बाद महोगनी लकड़ी की कीमत करीब 1500 से 2500 रुपए प्रति घन फुट के भाव तक होती है.
औषधीय गुणों से है भरपूर होता है महोगनी का पेड़महोगनी की न केवल लकड़ी बेशकीमती होती है बल्कि महोगनी के बीज, पत्ते और छाल का उपयोग कैंसर, मलेरिया, डायबिटीज और दस्त जैसी बीमारियों के इलाज में होता है. इसके पत्तों से कीटनाशक, साबुन, पेंट और मच्छर भगाने वाली दवाएं भी बनती हैं. महोगनी के बीज और पत्ती का उपयोग शक्तिवर्धक दवाओं के निर्माण में होता है.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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Barmer,Rajasthan
First Published :
September 22, 2026, 15:07 IST



