गरबा में स्कर्ट लुक के साथ सिंधी कढ़ाई और मिरर वर्क का जलवा, युवाओं का नया फ्यूजन ट्रेंड

जोधपुर। गरबा की शुरुआत के साथ ही सूर्यनगरी जोधपुर में फैशन का रंग भी चढ़ने लगा है. गरबा पंडालों में डांडिया की खनक के बीच इस बार युवाओं के लुक में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. खासकर Gen-Z पारंपरिक लहंगे के साथ नए प्रयोग करते हुए इंडो-वेस्टर्न फ्यूजन को पसंद कर रही है. वेस्टर्न स्टाइल की स्कर्ट, स्टाइलिश टॉप, बाड़मेर की सिंधी कढ़ाई, कच्छ का मिरर वर्क और गुजराती हस्तकला का मेल इस बार गरबा फैशन की पहचान बन रहा है. फैशन डिजाइनर्स और रेंटल आउटफिट कारोबारियों के पास भी युवाओं की पसंद के अनुसार अलग-अलग डिजाइन और पैटर्न की मांग पहुंच रही है. खास बात यह है कि इस बार केवल लड़कियों के परिधान ही नहीं, बल्कि लड़कों के गरबा लुक में भी सिर से पैर तक फैशन के नए प्रयोग देखने को मिल रहे हैं.
इस बार गरबा फैशन में पारंपरिक घेरदार लहंगों के साथ वेस्टर्न स्कर्ट स्टाइल का फ्यूजन युवाओं को आकर्षित कर रहा है। शॉर्ट और लॉन्ग स्कर्ट जैसे पैटर्न को पारंपरिक कढ़ाई और मिरर वर्क के साथ तैयार किया जा रहा है. युवाओं की पसंद में ऐसे आउटफिट शामिल हैं, जिनका सेंटर अपेक्षाकृत प्लेन हो, जबकि बॉर्डर पर हैवी एंब्रॉइडरी, रंगीन धागों और छोटे-बड़े शीशों का इस्तेमाल किया गया हो. इसके साथ क्रॉप टॉप, स्लीवलेस ब्लाउज और बैकलेस डिजाइन भी पसंद किए जा रहे हैं. लाल, हरे, पीले और ऑरेंज जैसे चटख रंग गरबा के उत्सवी माहौल को और आकर्षक बना रहे हैं. इस फ्यूजन की खासियत यह है कि इसमें राजस्थानी और गुजराती संस्कृति की झलक के साथ मॉडर्न फैशन का अंदाज भी नजर आता है.
बाड़मेर की सिंधी कढ़ाई से कच्छ के मिरर वर्क तकगरबा के परिधानों में इस बार राजस्थान और गुजरात की पारंपरिक हस्तकला का खास महत्व है। बाड़मेर की सिंधी कढ़ाई, कालबेलिया पैटर्न, गुजराती कौड़ियां और कच्छ की रंगीन एंब्रॉइडरी को आधुनिक डिजाइन के साथ जोड़ा जा रहा है। लिनन और रेयॉन जैसे हल्के फैब्रिक पर छोटे-बड़े मिरर, साटन रिबन, गोटा-पत्ती, किनारी और पॉम-पॉम का इस्तेमाल आउटफिट को खास बना रहा है। वहीं लहरिया और बंधेज के साथ हैवी कच्छ वर्क वाला बॉर्डर भी पसंद किया जा रहा है। मल्टीकलर पट्टियों से तैयार ए-लाइन लहंगे और कालबेलिया स्टाइल की चुन्नी भी युवाओं के बीच आकर्षण का केंद्र हैं। डिजाइनर्स का जोर ऐसे परिधान तैयार करने पर है, जो देखने में आकर्षक होने के साथ गरबा के दौरान पहनने में हल्के और सुविधाजनक भी हों.
रेंटल आउटफिट में भी बढ़ रही युवाओं की दिलचस्पीगरबा के लिए हर बार नया परिधान खरीदने के बजाय युवाओं में जोधपुर के द रेंटल रूट आउटफिट लेने का विकल्प भी लोकप्रिय हो रहा है. अलग-अलग डिजाइन, रंग और पैटर्न में तैयार परिधानों के जरिए युवा अपने बजट और पसंद के अनुसार गरबा लुक चुन रहे हैं. रेंटल रूट से जुड़ी इच्छा सोलंकी ने बताया कि गरबा के लिए युवाओं की पसंद में बदलाव देखने को मिल रहा है. पारंपरिक लहंगों के साथ फ्यूजन स्टाइल, आकर्षक बॉर्डर, मिरर वर्क और स्टाइलिश टॉप वाले आउटफिट की मांग है. युवा चाहते हैं कि उनका लुक पारंपरिक संस्कृति से जुड़ा रहे, लेकिन उसमें आधुनिक फैशन की झलक भी दिखाई दे. रेंटल परिधान इस तरह के अलग-अलग लुक आजमाने का विकल्प देते हैं हालांकि, अलग-अलग डिजाइन और आउटफिट की उपलब्धता मांग तथा कलेक्शन पर निर्भर करती है.
कुर्ते से आगे बढ़कर ज्वेलरी और एक्सेसरीज का ट्रेंडगरबा फैशन में इस बार लड़कों के लिए भी कई नए प्रयोग किए जा रहे हैं.अब बात केवल डिजाइनर कुर्ते तक सीमित नहीं है, बल्कि शर्ट, जैकेट और दूसरे परिधानों पर मिरर वर्क, कौड़ियों और पारंपरिक कढ़ाई का इस्तेमाल किया जा रहा है. राजस्थानी और गुजराती टच वाली पगड़ी के साथ चोकर, हंसली, ईयर कफ, हैंडकफ, रिंग्स और पारंपरिक कड़ले जैसे एक्सेसरीज भी लुक का हिस्सा बन रहे हैं. युवा अपने परिधान के साथ ज्वेलरी का मेल बैठाकर अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं. इस तरह लड़कों के गरबा फैशन में भी हेड-टू-टो स्टाइलिंग का चलन बढ़ रहा है.



