Rajasthan

ग्रेनाइट से जीरे तक, इन 5 कारोबारों से देशभर में पहचान बना रहा राजस्थान का जालोर

Last Updated:October 20, 2026, 08:22 IST

Jalore Major Businesses: राजस्थान का जालोर जिला अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान के साथ कारोबार और कृषि उपज के लिए भी खास महत्व रखता है. यहां ग्रेनाइट उद्योग बड़े पैमाने पर संचालित होता है, जहां पत्थरों को काटकर और तराशकर अलग-अलग आकार व डिजाइन में तैयार किया जाता है. कृषि क्षेत्र में सिंदूरी अनार की खास पहचान है, जबकि सांचौर की जीरा मंडी आसपास के किसानों और व्यापारियों के लिए प्रमुख व्यापार केंद्र है. इसके अलावा जालोर के बाजारों में राजस्थानी मोजड़ी और पारंपरिक हस्तशिल्प भी लोगों को आकर्षित करते हैं. स्थानीय कारीगरों का हुनर और पारंपरिक कारोबार जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. ग्रेनाइट से लेकर मसालों और हस्तशिल्प तक, जालोर में कारोबार के कई ऐसे क्षेत्र हैं, जो इसे अलग पहचान दिलाते हैं.

जालोर की पहचान देशभर में ग्रेनाइट उद्योग से भी जुड़ी है. जिले में ग्रेनाइट की कई यूनिट और इससे जुड़े कारोबार संचालित होते हैं. बड़े-बड़े पत्थरों को काटकर और तराशकर अलग-अलग आकार और डिजाइन में तैयार किया जाता है. जालोर का ग्रेनाइट निर्माण क्षेत्र जिले के प्रमुख कारोबारों में शामिल है.

जालोर के कृषि कारोबार में अनार की अपनी अलग पहचान है. खासकर सिंदूरी अनार के लिए जिले के कई इलाके जाने जाते हैं. सीजन के दौरान अनार की मंडियों में किसानों और व्यापारियों की आवाजाही बढ़ जाती है. यहां खेतों से आई उपज की खरीद-बिक्री होती है और आगे दूसरे बाजारों तक भेजी जाती है.

जालोर के बाजारों में पारंपरिक मोजड़ी भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहती है. राजस्थानी पहनावे की पहचान मानी जाने वाली मोजड़ी यहां अलग-अलग डिजाइन और रंगों में मिलती है. स्थानीय कारीगर पारंपरिक तरीके से इन्हें तैयार करते हैं, वहीं बाजारों में रोजमर्रा से लेकर खास मौकों के लिए कई तरह की मोजड़ी उपलब्ध रहती है.

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जालोर के स्थानीय कारोबार में हस्तशिल्प की भी खास जगह है. खेसला हस्तशिल्प उद्योग जैसे स्थानीय कारोबार पारंपरिक कारीगरी और हुनर को आगे बढ़ाते हैं. यहां तैयार होने वाले हस्तशिल्प उत्पादों में स्थानीय कला और कारीगरों की मेहनत की झलक दिखाई देती है. यही पारंपरिक हुनर जालोर के बाजारों को अपनी अलग पहचान देता है.

जालोर जिले की सबसे बड़ी जीरा मंडी सांचौर में लगती है. जीरे की सीजन में यहां आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज लेकर पहुंचते हैं. मंडी में जीरे की खरीद-बिक्री के साथ व्यापारी इसकी आगे की सप्लाई और कारोबार से जुड़े रहते हैं. सांचौर की जीरा मंडी जालोर जिले के प्रमुख कृषि व्यापार केंद्रों में अपनी अलग पहचान रखती है.

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October 20, 2026, 08:22 IST

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