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सिर पर चोट लगने के बाद दिखें ये लक्षण तो तुरंत जाएं अस्पताल, वरना लापरवाही पड़ सकती है भारी

फरीदाबाद: घर में सीढ़ियों से फिसलना, बाथरूम में गिरना या चलते समय संतुलन बिगड़ना आम बात लग सकती है. कई बार लोग ऐसी चोटों को मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है. गिरने से सिर, गर्दन, छाती और हड्डियों में गंभीर चोट लग सकती है. खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए ऐसी घटनाएं खतरनाक हो सकती हैं. लोकल18 से बातचीत में अमृता अस्पताल, फरीदाबाद के न्यूरोएनेस्थीसिया और न्यूरोक्रिटिकल केयर विभाग के प्रमुख डॉ. गौरव कक्कड़ ने बताया कि चोट लगने के बाद किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और कब मरीज को तुरंत अस्पताल ले जाना जरूरी है.

घर में गिरने से भी हो सकता है गंभीर ट्रॉमा

डॉ. गौरव बताते हैं कि गंभीर चोट लगने के लिए सड़क दुर्घटना होना जरूरी नहीं है. घर में गिरने या सीढ़ियों से फिसलने पर सिर, गर्दन, छाती और बड़ी हड्डियों में चोट आ सकती है. ऐसी घटनाओं में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से सावधान रहने की जरूरत है. कई बार शुरुआत में चोट सामान्य दिखाई देती है, लेकिन बाद में उसकी गंभीरता सामने आती है.

बुजुर्गों के लिए मामूली गिरावट भी खतरनाक

डॉ. गौरव बताते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ बुजुर्गों के शरीर का संतुलन कमजोर हो सकता है, जिससे गिरने का खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा, कई बुजुर्ग खून पतला करने वाली दवाएं लेते हैं. ऐसी स्थिति में सिर पर हल्की चोट लगने के बाद भी गंभीर परेशानी हो सकती है. इसलिए बुजुर्गों के गिरने पर चोट को मामूली समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

सिर की चोट के बाद इन लक्षणों पर दें ध्यान

डॉक्टर गौरव बताते हैं कि सिर पर चोट लगने के बाद मरीज बेहोश हो जाए, तेज सिरदर्द हो, बार-बार उल्टी आए या चक्कर महसूस हों, तो तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए. इसके अलावा, अगर किसी हाथ या पैर में कमजोरी आने लगे, तो यह गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है. ऐसे लक्षण दिखाई देने पर मरीज को तुरंत बड़े अस्पताल ले जाना चाहिए.

छाती और पेट की चोट को न करें नजरअंदाज

डॉ. गौरव बताते हैं कि छाती या पेट पर जोरदार चोट लगने से भी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है. मरीज का ब्लड प्रेशर कम होना, दिल की धड़कन तेज होना और शरीर में ऑक्सीजन का स्तर गिरना खतरे के संकेत हैं. कई बार अंदरूनी रक्तस्राव होने पर बाहर खून दिखाई नहीं देता, लेकिन मरीज की हालत धीरे-धीरे बिगड़ सकती है.

इन परिस्थितियों में तुरंत पहुंचें इमरजेंसी

डॉ. गौरव बताते हैं कि चोट के बाद बेहोशी, तेज सिरदर्द, बार-बार उल्टी, हाथ-पैर में कमजोरी, सांस लेने में परेशानी या अधिक खून बहने पर तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए. बाहर खून बह रहा हो, तो साफ कपड़े से घाव पर दबाव बनाकर रक्तस्राव रोकने की कोशिश करें और मरीज को जल्द अस्पताल ले जाएं. अंदरूनी रक्तस्राव का संदेह होने पर भी देरी नहीं करनी चाहिए.

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