घरों में तोड़फोड़ और हमलों से सहमे लोग, शिकायतों के बाद भी प्रशासन बेखबर

Last Updated:October 28, 2026, 07:14 IST
Bayana Monkey Terror in Bharatpur: राजस्थान के भरतपुर जिले के बयाना कस्बे में बंदरों का आतंक दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है. बंदरों के जानलेवा हमलों और घरों में घुसकर की जा रही तोड़फोड़ से स्थानीय नागरिक दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं. नगरवासियों और स्थानीय विधायक द्वारा बार-बार प्रशासनिक स्तर पर शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है. लोग भयभीत हैं और बच्चों तथा बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं. शहरवासी अब वन विभाग और प्रशासन से बंदरों को पकड़ने हेतु ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं.
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भरतपुर: भरतपुर जिले के बयाना कस्बे में बंदरों का आतंक स्थानीय निवासियों के लिए एक अत्यंत गंभीर और विकराल समस्या बन चुका है. बयाना क्षेत्र के विभिन्न मोहल्लों और मुख्य बाजारों में बंदरों के झुंड लगातार उत्पात मचा रहे हैं. बंदरों के आए दिन होने वाले हिंसक हमलों और घरों में घुसकर सामान को नुकसान पहुंचाने की बढ़ती घटनाओं से स्थानीय लोग पूरी तरह परेशान और दहशत में हैं. हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि लोगों को अपने ही घरों के भीतर कैद रहने पर मजबूर होना पड़ रहा है. बंदरों के डर से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर पूरे कस्बे में भारी चिंता बनी हुई है.
स्थानीय निवासियों के अनुसार बयाना में बंदरों की टोली आए दिन राहगीरों और छत पर मौजूद लोगों पर अचानक हमला कर देती है. पिछले कुछ समय में बंदरों के हमलों से कई लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं. केवल रास्तों पर ही नहीं, बल्कि बंदर छतों और खिड़कियों के जरिए सीधे घरों के भीतर दाखिल हो रहे हैं. घर में घुसकर बंदर रसोई से खाने-पीने का सामान उठाकर ले जाते हैं और बर्तन, कपड़े व अन्य कीमती घरेलू सामान को इधर-उधर फेंककर भारी तोड़फोड़ मचाते हैं. कई बार तो स्थिति इतनी खतरनाक हो जाती है कि लोगों को बंदरों को भगाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर काफी मशक्कत करनी पड़ती है.
जनप्रतिनिधि के हस्तक्षेप के बावजूद नहीं हुआ समाधानबंदरों के इस बेकाबू होते आतंक को लेकर आम लोगों के साथ-साथ स्थानीय विधायक ने भी गहरी चिंता व्यक्त की है. जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि काफी लंबे समय से बयाना कस्बे के लोग इस परेशानी से जूझ रहे हैं. इस मुद्दे को लेकर स्थानीय नगर पालिका और जिला प्रशासन के सामने कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं. यहाँ तक कि स्थानीय विधायक द्वारा खुद इस विषय को प्रशासनिक अधिकारियों के सामने प्रमुखता से उठाया गया था और जल्द से जल्द इसका स्थायी समाधान करने की मांग की गई थी. इसके बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.
बड़ी दुर्घटना की आशंका, कार्रवाई के इंतजार में शहरवासीप्रशासनिक उपेक्षा और सुस्ती के कारण स्थानीय जनता में अब आक्रोश और नाराजगी तेजी से बढ़ रही है. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, तो बंदरों के इन जानलेवा हमलों से कभी भी कोई बड़ी अप्रिय घटना या गंभीर दुर्घटना घटित हो सकती है. बयाना के नागरिकों ने जिला प्रशासन और वन विभाग से पुरजोर मांग की है कि कस्बे में विशेष अभियान चलाकर बंदरों को पकड़ने की उचित व्यवस्था की जाए. साथ ही पकड़े गए बंदरों को सुरक्षित जंगलों या अभयारण्य में छोड़ने की योजना बनाई जाए ताकि आमजन को राहत मिल सके. फिलहाल पूरा शहर इस समस्या से निजात पाने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई की राह देख रहा है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Bharatpur,Bharatpur,Rajasthan
First Published :
October 28, 2026, 07:14 IST



