जंतर-मंतर हिंसा: सुप्रीम कोर्ट की हाई पावर कमेटी ने लॉन्च किया सीक्रेट पोर्टल, पुलिस-पब्लिक दोनों के लिए; गवाहों को मिलेगी सिक्योरिटी

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जंतर-मंतर हिंसा: SC कमेटी ने लॉन्च किया HPEC पोर्टल, पुलिस-पब्लिक दोनों के लिए
Last Updated:October 17, 2026, 17:58 IST
सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित हाई पावर इन्क्वायरी कमेटी (HPEC) ने जुलाई 2026 में दिल्ली के जंतर-मंतर और अन्य स्थानों पर हुई हिंसा की जांच के लिए एक पोर्टल http://hpec.nic.in लॉन्च किया है. यह पोर्टल पीड़ितों और पुलिसकर्मियों को अपनी शिकायतें दर्ज कराने की सुविधा देगा. कमेटी विशेष रूप से पैलेट गन के इस्तेमाल, महिला प्रदर्शनकारियों के उत्पीड़न और संपत्ति के नुकसान जैसे मामलों को प्राथमिकता देगी. पोर्टल पर गवाहों की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी.जंतर मंतर पर हिंसा से जुड़ी घटनाओं की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बनाई हाई पावर्ड कमेटी. (PTI Photo)
नई दिल्ली: जुलाई 2026 में जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों की जांच तेज हो गई है. सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित हाई पावर इन्क्वायरी कमेटी (HPEC) ने जांच प्रक्रिया को पारदर्शी और सुलभ बनाने के लिए एक डेडिकेटेड वेब पोर्टल लॉन्च किया है. प्रभावित लोग अब http://hpec.nic.in पर जाकर सीधे अपनी शिकायतें या विवरण दर्ज करा सकते हैं. यह पोर्टल न केवल आम नागरिकों बल्कि उन पुलिसकर्मियों के लिए भी है जो इस हिंसा के दौरान प्रभावित या घायल हुए थे.
किन मामलों की जांच को दी जाएगी प्राथमिकता?
सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त 2026 और 10 सितंबर 2026 को जारी आदेशों में कुछ खास बिंदुओं पर जांच के निर्देश दिए थे. कमेटी इन सभी मुद्दों की गहराई से जांच करेगी. इस पूरी प्रक्रिया में पैलेट गन के इस्तेमाल से जुड़े मामलों को सबसे ऊपर रखा जाएगा. इसके अलावा महिला प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाकर की गई हिंसा और उत्पीड़न की जांच भी प्राथमिकता के आधार पर होगी. दोनों पक्षों – चाहे वह पुलिस हो या प्रदर्शनकारी – की ओर से किए गए अत्यधिक बल प्रयोग और संपत्ति के नुकसान के मामलों को भी बेहद गंभीरता से लिया जाएगा.
शिकायतकर्ताओं और गवाहों की सुरक्षा के लिए पोर्टल में क्या है खास?
अक्सर ऐसे संवेदनशील मामलों में लोग पुलिस या अन्य दबावों के कारण गवाही देने से डरते हैं. इसी बात को ध्यान में रखते हुए इस नए पोर्टल को बेहद सुरक्षित तरीके से डिजाइन किया गया है. कमेटी ने साफ किया है कि कमजोर या खतरे का सामना कर रहे गवाहों को पूरी सुरक्षा दी जाएगी. अगर कोई प्रभावित व्यक्ति चाहता है कि उसकी पहचान उजागर न हो, तो पोर्टल पर उसकी जानकारी को पूरी तरह से गुप्त और गोपनीय रखा जाएगा.
कमेटी ने सभी संबंधित पक्षों और प्रभावित लोगों से अपील की है कि वे पोर्टल का इस्तेमाल करें. पोर्टल पर शिकायत या अपना पक्ष रखने के लिए तय फॉर्मेट उपलब्ध कराए गए हैं, जिनका उपयोग करके कोई भी आसानी से अपनी बात जांच समिति तक पहुंचा सकता है.
About the Authorदीपक वर्माDeputy News Editor
दीपक वर्मा की गिनती डिजिटल मीडिया के सबसे तेज और उभरते हुए चेहरों में होती है. वह न्यूज18 हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर जुड़े हैं. दीपक ने अपने करियर में कई बड़े मुकाम हासिल किए हैं…
New Delhi,Delhi
First Published :
October 17, 2026, 17:58 IST



