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सरिस्का में बाघों की नई पीढ़ी की दस्तक, बाघिन ST-26 के साथ दिखे दो शावक, वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी

Last Updated:October 17, 2026, 17:30 IST

Sariska Tiger Reserve News: अलवर में सरिस्का टाइगर रिजर्व से वन्यजीव प्रेमियों के लिए खुशखबरी सामने आई है. बाघिन ST-26 पहली बार अपने दो शावकों के साथ कैमरा ट्रैप में कैद हुई है. सरिस्का में जन्मी ST-14 की संतान ST-26 ने पहली बार शावकों को जन्म दिया है. तालवृक्ष और अकबरपुर रेंज क्षेत्र में उनकी मौजूदगी दर्ज.

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सरिस्का में बाघों की नई पीढ़ी की दस्तक! बाघिन ST-26 के साथ दिखे दो शावकZoomसरिस्का के जंगल में बढ़ा बाघों का कुनबा, ST-26 के दो शावक आए नजर

अलवर: राजस्थान के विश्व फेमस सरिस्का टाइगर रिजर्व से वन्यजीव प्रेमियों, प्रकृति प्रेमियों और वन विभाग के लिए खुशखबरी  सामने आई है. सरिस्का में बाघिन एसटी-26 पहली बार दो नन्हे शावकों के साथ कैमरा ट्रैप में कैद हुई है. इस उपलब्धि के साथ ही सरिस्का के टाइगर परिवार का कुनबा एक बार फिर बढ़ गया है, और अब यहां बाघ, बाघिनों व शावकों की कुल संख्या बढ़कर 58 हो गई है. इस नई खुशखबरी से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है.

मिली जानकारी के अनुसार, सरिस्का बाघ परियोजना में लंबे समय से वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी, इसी दौरान बाघिन एसटी-26 अपनी दो खूबसूरत शावकों के साथ पहली बार कैमरे की नजर में आई. दोनों शावकों के साथ बाघिन की ये तस्वीरें जंगल में विभिन्न स्थानों पर लगाए गए ऑटोमैटिक कैमरा ट्रैप में सफलतापूप्र्वक कैद हुई हैं. इस ताजा साइटिंग के साथ ही सरिस्का के घने जंगलों में बाघों की नई पीढ़ी की सुरक्षित मौजूदगी और उनके लगातार फलने-फूलने की आधिकारिक पुष्टि हो गई.

जन्मभूमि पर एक सफल और व्यस्क बाघिनवन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, यह वही बाघिन एसटी-26 है जो खुद सरिस्का की ही धरा पर जन्मी थी. यह बाघिन सरिस्का की फेमस बाघिन एसटी-14 की संतान है, जिसका पालन-पोषण और प्राकृतिक विकास इसी अभ्यारण्य के भीतर हुआ है. अपनी ही जन्मभूमि पर एक सफल बाघिन बनने के बाद, अब एसटी-26 ने पहली बार अपने शावकों को जन्म देकर अपनी वंशबेल को आगे बढ़ाया है. बाघिन और उसके दोनों शावकों का मुख्य विचरण क्षेत्र सरिस्का की अकबरपुर रेंज के अंतर्गत आ रहा है.

टाइगर परिवार की पल-पल की सघन निगरानी रखेंबाघिन और उसके दोनों नन्हे शावकों की इस तरह से हुई सुरक्षित साइटिंग के बाद वन विभाग और सरिस्का प्रशासन से सतर्क  नजर आ रहा है. वन्यजीवों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए वन विभाग के उच्च अधिकारियों ने संबंधित दोनों रेंजों के फील्ड स्टाफ को निर्देश जारी किए हैं. स्टाफ को हिदायत दी गई है कि वे नियमित रूप से गश्त करें और कैमरा ट्रैप के माध्यम से इस टाइगर परिवार की पल-पल की सघन निगरानी रखें.

पर्यटकों और वन्यजीव फोटोग्राफर्स में भारी उत्साह सरिस्का टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या का बढ़कर 58 तक पहुंच जाना यह साबित करता है कि यहां का वातावरण और सुरक्षा प्रबंध बाघों के प्रजनन और संरक्षण के लिए अत्यंत अनुकूल साबित हो रहे हैं. लगातार हो रही इन खूबसूरत साइटिंग्स से देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और वन्यजीव फोटोग्राफर्स में उत्साह देखा जा रहा है. सरिस्का प्रशासन के बेहतरीन संरक्षण प्रयासों के परिणामस्वरुप राजस्थान का यह टाइगर रिजर्व देश के सबसे सफल कंजर्वेशन पार्कों में अपनी एक मजबूत पहचान बना चुका है.

About the AuthorJagriti Dubey

मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…

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Alwar,Rajasthan

First Published :

October 17, 2026, 17:22 IST

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