Rajasthan

टाइगर देखने का इंतजार खत्म, 1 अक्टूबर से खुलेंगे राजस्थान के ये रिजर्व, अक्टूबर तक की सफारी बुक

जयपुर. तीन महीने के मानसून ब्रेक के बाद राजस्थान के जंगल एक बार फिर पर्यटकों की आवाजाही से गुलजार होने जा रहे हैं. 1 अक्टूबर से सरिस्का, रणथंभौर, मुकुंदरा और विषधारी समेत प्रदेश के टाइगर रिजर्व और नेशनल पार्कों में पर्यटन गतिविधियां फिर शुरू हो जाएंगी. जंगल बंद रहने के दौरान वन विभाग की ओर से सफारी रूट और पर्यटकों से जुड़ी सुविधाओं को दुरुस्त करने का काम किया गया है. अब जैसे-जैसे सफारी शुरू होने की तारीख नजदीक आ रही है, तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है.

टाइगर देखने की चाह रखने वाले पर्यटकों के लिए अक्टूबर का महीना खास रहने वाला है. सरिस्का और रणथंभौर में नई सफारी शुरू होने से पहले ही पर्यटकों ने एडवांस बुकिंग कराई है. अक्टूबर में कई तारीखों की सफारी सीटें पहले से बुक हो चुकी हैं. ऐसे में ऐन मौके पर जंगल सफारी का प्लान बनाने वाले लोगों को पसंदीदा तारीख और वाहन मिलना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

मानसून में बंद रहती है पर्यटकों की नियमित सफारी

राजस्थान के टाइगर रिजर्व और नेशनल पार्क में हर साल मानसून के दौरान 1 जुलाई से 30 सितंबर तक पर्यटकों की नियमित सफारी बंद रहती है. इस दौरान जंगल के कोर एरिया में पर्यटन गतिविधियां रोक दी जाती हैं, जबकि कुछ स्थानों पर बफर जोन में सफारी की अनुमति रहती है. तीन महीने के इस अंतराल में जंगल के कच्चे रास्तों की मरम्मत, पर्यटक सुविधाओं की व्यवस्था और सफारी वाहनों से जुड़ी प्रक्रिया पूरी की जाती है. इस बार भी 1 अक्टूबर से पर्यटन सीजन शुरू होने से पहले कई स्तरों पर तैयारियां की जा रही हैं. सफारी रूट को दुरुस्त करने के साथ पर्यटकों के लिए पेयजल, शौचालय और वेटिंग रूम जैसी सुविधाओं को व्यवस्थित किया जा रहा है. सफारी में चलने वाली जिप्सियों को लाइसेंस देने की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है.

सरिस्का में टाइगर साइटिंग पर रहेगी पर्यटकों की नजर

दिल्ली-एनसीआर के नजदीक होने के कारण सरिस्का टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र है. दिल्ली और गुरुग्राम से सड़क मार्ग से करीब दो से ढाई घंटे में पहुंचने के कारण यहां वीकेंड और छुट्टियों में भी पर्यटकों की आवाजाही रहती है. सरिस्का में वर्तमान में 56 टाइगर बताए गए हैं, जिनमें 28 वयस्क नर-मादा और 28 शावक शामिल हैं. सरिस्का के कोर एरिया में सफारी के लिए तीन रूट हैं, जबकि बफर क्षेत्र में दो रूट निर्धारित किए गए हैं.

1 अक्टूबर से शुरू हो जाएगी जंगल सफारी

राजस्थान के प्रमुख टाइगर रिजर्व में 1 अक्टूबर से पर्यटकों के लिए खुलने के बाद इन रूटों पर सफारी फिर शुरू होगी. टाइगर साइटिंग को लेकर भी पर्यटकों में खास उत्सुकता है. पर्यटकों की जानकारी और सुविधाओं को बढ़ाने के लिए सरिस्का में ऑडिटोरियम और इंटरेस्ट सेंटर भी तैयार किया जा रहा है. यहां सरिस्का से जुड़ी फिल्म दिखाने के साथ रिजर्व के वन्यजीव, जंगल और संरक्षण से संबंधित जानकारी दी जाएगी. स्कूली बच्चों, महिलाओं और अन्य पर्यटकों के बैठने की व्यवस्था भी होगी.

रणथंभौर सबसे चर्चित टाइगर रिजर्व में शामिल है

रणथंभौर राजस्थान के सबसे चर्चित टाइगर रिजर्व में शामिल है. करीब 1334 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस रिजर्व में 84 टाइगर बताए गए हैं. टाइगर के अलावा यहां सांभर, चीतल, हिरण, लक्कड़बग्घा, भालू और बारहसिंगा जैसे वन्यजीव भी देखे जा सकते हैं. रिजर्व में पक्षियों की 300 से अधिक प्रजातियां भी मौजूद हैं. पर्यटकों को जंगल की सैर कराने के लिए यहां 150 से ज्यादा जिप्सी और कैंटर संचालित होते हैं. सफारी के लिए पूरे रिजर्व को 10 जोन में बांटा गया है. रणथंभौर में सफारी की मांग को देखते हुए बुकिंग प्रक्रिया काफी पहले शुरू हो जाती है. जिप्सी की बुकिंग 1 अगस्त से शुरू होती है और पर्यटक अपनी पसंद की तारीख के लिए पहले ही सीट सुरक्षित कर लेते हैं.

अक्टूबर की कई सफारी पहले से ही बुक

सरिस्का में जिप्सी की एडवांस बुकिंग प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होती है, जबकि रणथंभौर में यह प्रक्रिया 1 अगस्त से शुरू हो जाती है. अक्टूबर से जंगल सफारी शुरू होने का इंतजार कर रहे पर्यटकों ने पहले ही बुकिंग कर ली है. अधिकारियों के मुताबिक दोनों टाइगर रिजर्व में अक्टूबर की कई सफारी के लिए ऑनलाइन बुकिंग हो चुकी है. अब 1 अक्टूबर से जंगलों के दरवाजे खुलने के साथ पर्यटक फिर जिप्सी और कैंटर में सवार होकर जंगल की पगडंडियों पर निकल सकेंगे. तीन महीने के ब्रेक के बाद शुरू हो रहे इस पर्यटन सीजन में टाइगर साइटिंग के साथ वन्यजीव और पक्षियों को देखने का रोमांच भी पर्यटकों को खींचेगा.

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