Rajasthan

टोंक के निवाई में खाद की कालाबाजारी पर शिकंजा, 12 गोदाम सील, 7 हजार कट्टे जब्त

Last Updated:September 27, 2026, 06:46 IST

Tonk Fertilizers Black Marketing DST Action: टोंक के निवाई में खाद की कालाबाजारी के खिलाफ डीएसटी और कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की. झिलाय रोड स्थित रिको औद्योगिक क्षेत्र समेत कई गोदामों पर छापेमारी के दौरान बिना रिकॉर्ड और बिना लाइसेंस के रखा गया यूरिया और डीएपी का भारी स्टॉक मिला. कार्रवाई के दौरान करीब 7 हजार कट्टे सीज किए गए, जबकि 12 गोदामों को सील किया गया है. गोयल इंटरप्राइजेज के यहां 1,729 यूरिया और 155 डीएपी के संदिग्ध कट्टे मिले, वहीं केके इंटरप्राइजेज के गोदाम में करीब 1,000 यूरिया कट्टे मिले. पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक और मौके पर मिले वास्तविक स्टॉक में भी बड़ा अंतर सामने आया. कार्रवाई के दौरान डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी और कृषि अधिकारी रामनिवास जाट के बीच कहासुनी भी हुई. कृषि विभाग अब संबंधित व्यापारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी में है.निवाई में खाद की कालाबाजारी पर शिकंजा, 12 गोदाम सील, 7 हजार कट्टे जब्तZoomटोंक के निवाई में खाद की कालाबाजारी के खिलाफ डीएसटी और कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की

टोंक. राजस्थान के टोंक जिला अंतर्गत निवाई में खाद की कालाबाजारी और अवैध भंडारण के खिलाफ डीएसटी ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस टीम ने झिलाय रोड स्थित रिको इंडस्ट्रियल एरिया समेत कई स्थानों पर खाद-बीज के गोदामों में छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान छह से अधिक गोदामों में खाद का स्टॉक बिना रिकॉर्ड के मिलने की जानकारी सामने आई. जांच आगे बढ़ने के बाद कृषि विभाग के अधिकारियों ने पुलिस के साथ मिलकर कुल 12 गोदाम सीज किए हैं. इन गोदामों में करीब 7 हजार कट्टे यूरिया और डीएपी सीज किए जाने की जानकारी है.

डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी के नेतृत्व में हुई कार्रवाई के दौरान गोदामों में रखे यूरिया और डीएपी के स्टॉक, दस्तावेज, लाइसेंस और रिकॉर्ड की जांच की गई. शुरुआती जांच में पोश मशीन में दर्ज स्टॉक और मौके पर मिले खाद के स्टॉक में भारी अंतर सामने आने की जानकारी है. इसके अलावा कुछ स्थानों पर बिना लाइसेंस खाद-बीज की बिक्री किए जाने का मामला भी सामने आया है. कार्रवाई के दौरान पुलिस और कृषि विभाग के अधिकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई.

डीएसटी प्रभारी और कृषि विभाग के कर्मचारियों से हुई तीखी बहस

डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी और कृषि विभाग से जुड़े रामनिवास जाट के बीच तीखी बहस होने की जानकारी सामने आई. पुलिस कार्रवाई के दौरान हुई इस नोकझोंक का मामला भी चर्चा में रहा. इसके बाद कृषि विभाग की टीम ने पुलिस के साथ मिलकर गोदामों में रखे स्टॉक और दस्तावेजों की जांच आगे बढ़ाई. जांच के दौरान गोयल इंटरप्राइजेज के गोदाम में 1,729 अवैध यूरिया कट्टे मिलने की जानकारी सामने आई है. इसके अलावा 155 डीएपी के अवैध कट्टे भी मिले हैं. वहीं केके एंटरप्राइजेज के गोदाम में करीब एक हजार अवैध यूरिया कट्टे मिलने की जानकारी है. अन्य गोदामों में भी खाद का बड़ा स्टॉक मिलने के बाद रिकॉर्ड और मौके पर उपलब्ध खाद का मिलान किया गया.

12 गोदाम सीज कर 7 हजार खाद के कट्‌टे सीज

पुलिस कार्रवाई के बाद कृषि विभाग ने खाद के भंडारण को अवैध माना है. इसके बाद विभाग के अधिकारियों ने डीएसटी के साथ मिलकर 12 गोदाम सीज किए. करीब 7 हजार कट्टे खाद को सीज किए जाने की जानकारी है. अब संबंधित व्यापारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. कृषि विभाग के अधिकारियों को नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कराने के लिए कहा गया है. इस पूरे मामले में खाद की कालाबाजारी और अवैध भंडारण के साथ कृषि विभाग के अधिकारियों और व्यापारियों की कथित मिलीभगत के आरोप भी सामने आए हैं. हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी. फिलहाल पुलिस और कृषि विभाग की टीमें गोदामों में मिले खाद-बीज के स्टॉक, पोश मशीन के रिकॉर्ड, लाइसेंस और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही हैं.

निवाई में हुई कार्रवाई से कारोबरियों में हड़कंप

निवाई में हुई इस कार्रवाई के बाद खाद कारोबारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है. खास तौर पर ऐसे गोदाम जांच के दायरे में आए हैं, जहां खाद के स्टॉक का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था या मौके पर मिले स्टॉक और मशीन में दर्ज स्टॉक के बीच अंतर पाया गया. अधिकारियों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद नियमों के उल्लंघन और अवैध भंडारण से जुड़े मामलों में आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल करीब 7 हजार कट्टे सीज किए जाने और 12 गोदाम बंद किए जाने के बाद मामला गंभीर हो गया है. कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में सामने आए दस्तावेजों और स्टॉक की जांच के आधार पर अब व्यापारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी है.

About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer

दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…

और पढ़ेंFirst Published :

September 27, 2026, 06:37 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj