दशहरे से पहले अजमेर में रावण का बाजार तैयार, कीमत 1100 रुपए से शुरू होकर 50 हजार तक

Last Updated:October 14, 2026, 05:35 IST
Ajmer Ravan Effigies Price & Details: अजमेर में आनासागर चौपाटी के पास दशहरे को लेकर रावण के पुतलों की बिक्री जोर-शोर से शुरू हो चुकी है. मांगलियावास गांव का एक परिवार पिछले 10 वर्षों से यहां पुतले तैयार कर रहा है. इस काम में परिवार की महिलाएं भी बराबर की भागीदारी निभा रही हैं. इस बार 5 फीट से लेकर 50 फीट तक के पुतले बनाए गए हैं, जिनकी कीमत 1100 रुपए से लेकर 50 हजार रुपए तक रखी गई है. शहर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों से भी रावण दहन के लिए बड़े पैमाने पर बुकिंग मिल रही है.
ख़बरें फटाफट
Ajmer: दशहरे का पर्व जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे बाजारों में रौनक बढ़ती जा रही है. अजमेर के प्रसिद्ध आनासागर चौपाटी के पास इन दिनों एक विशेष चहल-पहल देखने को मिल रही है. यहां मांगलियावास गांव से आया एक परिवार पिछले दस सालों से रावण के पुतले बनाकर बेच रहा है. इस पारंपरिक कला में परिवार की महिलाएं भी बढ़-चढ़कर हाथ बंटा रही हैं. इस बार बाजार में 5 फीट से लेकर 50 फीट तक के विशाल और आकर्षक रावण के पुतले बिक्री के लिए उपलब्ध हैं, जिन्हें देखने और खरीदने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है.
कारीगर जमना और कालू ने बताया कि यह काम उनके परिवार के लिए आजीविका का एक मुख्य साधन बन चुका है. हर साल दशहरे से कुछ हफ्तों पहले वे अजमेर आते हैं और सड़क किनारे या तयशुदा जगह पर तंबू लगाकर पुतले बनाने का काम शुरू कर देते हैं. बांस, रंग-बिरंगे कागज, गत्ते और सुतली की मदद से इन पुतलों को बेहद खूबसूरती और बारीकी से तैयार किया जाता है. परिवार की महिलाएं भी दिन-रात मेहनत करके पुतलों के ढांचे को सुंदर रूप देने में पूरा सहयोग करती हैं.
विभिन्न आकार और आकर्षक कीमतेंग्राहकों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए इस बार विभिन्न श्रेणियों के पुतले बनाए गए हैं. कारीगरों के अनुसार, उनके पास 1100 रुपए से शुरू होकर 40 से 50 हजार रुपए तक की कीमत के रावण के पुतले मौजूद हैं. छोटे आकार के पुतले आवासीय परिसरों, सोसायटियों या छोटे कार्यक्रमों के लिए किफायती साबित होते हैं, जबकि 50 फीट तक के बड़े पुतले सार्वजनिक दशहरा मैदानों और बड़े आयोजनों के लिए विशेष रूप से तैयार किए जाते हैं.
ग्रामीण इलाकों से मिल रहे बंपर ऑर्डरअजमेर शहर के स्थानीय खरीदारों के अलावा आसपास के गांवों से भी रावण दहन के लिए भारी संख्या में ऑर्डर मिल रहे हैं. लोग अपनी आवश्यकता और बजट के अनुसार एडवांस बुकिंग करवा रहे हैं. कारीगरों का यह मौसमी व्यवसाय न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करता है, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा के इस पावन पर्व को जीवंत बनाए रखने में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान देता है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
और पढ़ेंLocation :
Ajmer,Ajmer,Rajasthan
First Published :
October 14, 2026, 05:35 IST



