धौलपुर से महज 20 KM दूर सामोर गांव की बदहाली, कहीं सड़कें टूटीं तो कहीं पानी को तरस रहे लोग

Last Updated:October 15, 2026, 11:50 IST
Ground Report Dholpur: धौलपुर जिला मुख्यालय से 20 किमी दूर सामोर गांव में सड़कें जर्जर हैं और जल निकासी न होने से रास्तों पर पानी भरा रहता है. पीने की टंकी और हैंडपंप खराब होने से पेयजल संकट गहरा गया है. स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में लोगों को दूर जाना पड़ता है. इसके अलावा श्मशान घाट और स्ट्रीट लाइट की कमी से भी ग्रामीण परेशान हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन और ग्राम पंचायत से टूटी सड़कों की मरम्मत, जलापूर्ति और स्वास्थ्य सुविधाएं जल्द बहाल करने की मांग की है.
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धौलपुर: राजस्थान के धौलपुर जिला मुख्यालय से केवल 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सामोर गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है. गांव के निवासी दैनिक जीवन की बुनियादी जरूरतों जैसे पक्की सड़क, साफ पानी, नालियों की सफाई और बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं की कमी से भारी परेशानी झेल रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से स्थानीय प्रशासन और ग्राम पंचायत का ध्यान इस ओर आकर्षित करने की कोशिश की गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.
सामोर गांव में घुसते ही टूटी और उखड़ी हुई सड़कें विकास के बड़े-बड़े दावों की हकीकत बयां कर देती हैं. जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने की वजह से बारिश का पानी और घरों से निकलने वाला गंदा पानी मुख्य मार्गों पर जमा हो जाता है. गंदे पानी का जलभराव होने से पैदल चलने वालों और वाहन चालकों दोनों के लिए भारी जोखिम पैदा हो गया है. विशेषकर नसीरपुर की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्थिति बारिश के दौरान अत्यंत गंभीर हो जाती है. ऐसे में ग्रामीणों को लंबे और पथरीले वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ता है जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है. ग्रामीणों की मांग है कि पुरानी नालियों की तत्काल सफाई कराई जाए और पक्की नई नालियों का निर्माण किया जाए.
पानी की टंकी और हैंडपंप खराब, पेयजल का गहरा संकटगांव में पेयजल की आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है. भले ही प्रशासन ने गांव में पानी की टंकी का निर्माण करवाया था, लेकिन रख-रखाव के अभाव में वह लंबे समय से निष्प्रयोज्य और खराब पड़ी है. इसके अलावा ग्राम पंचायत क्षेत्र में लगे अधिकांश सार्वजनिक हैंडपंप भी खराब हो चुके हैं. इस विकट स्थिति में आर्थिक रूप से सक्षम परिवार तो निजी सबमर्सिबल पंप लगवाकर अपना काम चला रहे हैं, लेकिन गरीब और मजदूर परिवारों को पानी की बूंद-बूंद के लिए दूर-दूर तक भटकना पड़ रहा है. ग्रामीणों की मांग है कि पानी की टंकी और हैंडपंपों की तुरंत मरम्मत कराकर नियमित जलापूर्ति शुरू की जाए.
स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव और अन्य बुनियादी समस्याएंसामोर गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध न होने के कारण सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए भी लोगों को मीलों दूर शहर जाना पड़ता है. आपातकालीन स्थितियों में एंबुलेंस या त्वरित इलाज न मिलने से मरीजों की जान पर बन आती है. इसके अतिरिक्त गांव में अंतिम संस्कार के लिए कोई व्यवस्थित श्मशान घाट नहीं है और न ही प्रमुख सड़कों पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था है. रात के समय अंधेरा छा जाने से दुर्घटनाओं और चोरी का डर बना रहता है. ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि आने वाले सरपंच और प्रशासनिक अधिकारियों की पहली प्राथमिकता गांव की इन गंभीर समस्याओं का स्थायी समाधान होना चाहिए.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Dhaulpur,Dhaulpur,Rajasthan
First Published :
October 15, 2026, 11:50 IST



