राजस्थान में पहली बार जोधपुर में स्थापित हुई अत्याधुनिक लेजर तकनीक, आंखों की बनावट के अनुसार होगा दृष्टि सुधार

Last Updated:October 15, 2026, 15:14 IST
ASG Eye Hospital Jodhpur: राजस्थान में पहली बार जोधपुर के एएसजी आई हॉस्पिटल में अत्याधुनिक वेवलाइट प्लस इनोवआइज लेसिक तकनीक स्थापित की गई है. इस तकनीक से बिना ब्लेड के लेजर प्रक्रिया द्वारा आंखों की बनावट के अनुसार दृष्टि सुधार किया जाता है. मई 2026 से मरीजों का उपचार शुरू हो चुका है और डिजिटल मॉडल आधारित व्यक्तिगत योजना से चश्मे के नंबर से छुटकारा पाने में मदद मिलती है.
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जोधपुर: राजस्थान में पहली बार जोधपुर के पाल लिंक रोड स्थित एएसजी आई हॉस्पिटल में अत्याधुनिक वेवलाइट प्लस इनोवआइज लेसिक तकनीक स्थापित की गई है. इस तकनीक के माध्यम से मरीज की आंखों की बनावट और दृष्टि संबंधी जरूरतों का विस्तृत विश्लेषण कर उपचार की व्यक्तिगत योजना तैयार करने में मदद मिलेगी. आयोजित कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त यातायात शालिनी राज ने फीता काटकर तकनीक का औपचारिक शुभारंभ किया. अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इस तकनीक से मई 2026 से ही मरीजों का उपचार किया जा रहा है.
कार्यक्रम में अस्पताल के चिकित्सा निदेशक एवं राजस्थान के मुख्य परिचालन अधिकारी डॉ. मयंक शर्मा, डॉ. अजीत जाखड़ और डॉ. प्रवीण जैन ने नई तकनीक की विशेषताओं की जानकारी दी. यह तकनीक किरणों के मार्ग का विश्लेषण करने वाली आधुनिक पद्धति पर आधारित है. इसमें आंखों की संरचना और दृष्टि से जुड़ी आवश्यकताओं का बारीकी से आकलन किया जाता है. इसके आधार पर आंखों का डिजिटल प्रतिरूप तैयार करने में मदद मिलती है, जिससे प्रत्येक मरीज की जरूरत के अनुसार उपचार की योजना बनाई जा सकती है. कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित विश्लेषण के उपयोग से दृष्टि सुधार की प्रक्रिया को अधिक व्यक्तिगत बनाने का प्रयास किया जाता है.
बिना ब्लेड के लेजर प्रक्रिया से दृष्टि सुधार की सुविधालेसिक प्रक्रिया का उपयोग चश्मे के नंबर को कम करने या उससे छुटकारा पाने के लिए किया जाता है. नई तकनीक में सूक्ष्म लेजर की सहायता से बिना पारंपरिक ब्लेड के उपचार किया जा सकता है. हालांकि, यह प्रक्रिया प्रत्येक व्यक्ति के लिए उपयुक्त नहीं होती. उपचार से पहले आंखों की विस्तृत जांच कर चिकित्सक यह तय करते हैं कि मरीज इसके लिए योग्य है या नहीं. उपचार के परिणाम और सामान्य दिनचर्या में लौटने का समय भी व्यक्ति की आंखों की स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकता है. इसलिए चिकित्सकीय परामर्श और उपचार के बाद जरूरी सावधानियों का पालन करना महत्वपूर्ण है.
जोधपुर बना आधुनिक नेत्र चिकित्सा का नया केंद्रराजस्थान में पहली बार अत्याधुनिक वेवलाइट प्लस इनोवआइज लेसिक तकनीक का जोधपुर में स्थापित होना पश्चिमी राजस्थान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है. इस तकनीक में आंखों की व्यक्तिगत संरचना का विश्लेषण कर उपचार की योजना तैयार करने पर जोर दिया जाता है. इससे चश्मे के नंबर को कम करने या उससे मुक्ति पाने की इच्छा रखने वाले मरीजों को आधुनिक दृष्टि सुधार प्रक्रिया का विकल्प उपलब्ध होगा. हालांकि, उपचार का चयन आंखों की जांच और विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह के आधार पर ही किया जाएगा.
जोधपुर से शुरू हुआ सफर, देशभर में 200 से अधिक अस्पतालउल्लेखनीय है कि एएसजी आई हॉस्पिटल की शुरुआत करीब 20 वर्ष पहले जोधपुर से हुई थी. संस्थान के अनुसार, आज इसका विस्तार देश के 95 से अधिक शहरों में 200 से ज्यादा अस्पतालों तक हो चुका है. राजस्थान में पहली बार इस तकनीक की उपलब्धता से जोधपुर के मरीजों को दृष्टि सुधार के लिए आधुनिक उपचार विकल्प मिला है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Jodhpur,Jodhpur,Rajasthan
First Published :
October 15, 2026, 15:14 IST



