नागौर के तपोवन आश्रम में महंत और संतों के साथ मारपीट, आक्रोशित ग्रामीणों ने किया NH-458 जाम

Last Updated:October 09, 2026, 08:02 IST
Nagaur Tapovan Ashram assault case: नागौर के तपोवन आश्रम में महंत रणजीत दास और अन्य साधु-संतों के साथ असामाजिक तत्वों द्वारा मारपीट का मामला सामने आया है. घटना से भारी आक्रोशित ग्रामीणों ने NH-458 पर तीन घंटे तक जाम लगाकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की. पुलिस अधिकारियों ने बीस घंटे के भीतर मुख्य आरोपियों को पकड़ने का कड़ा आश्वासन दिया, जिसके बाद ही यातायात बहाल हो सका. इस घटना के बाद इलाके के लोगों ने सुरक्षा कारणों से सात साल से लंबित घड़वानाड़ा में पुलिस चौकी खोलने की मांग को फिर से जोरदार तरीके से उठाया.
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Nagaur Ashram Assault: तपोवन आश्रम में संतों से मारपीट, ग्रामीणों का NH-458 जाम
नागौर: नागौर जिले के खाटू बड़ी थाना क्षेत्र में स्थित घड़वानाड़ा के तपोवन आश्रम में एक गंभीर घटना सामने आई है. यहां आश्रम के महंत श्रीश्री 1008 रणजीत दास महाराज और अन्य साधु-संतों के साथ कुछ असामाजिक तत्वों ने मारपीट की है. इस घटना के बाद पूरे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया है. नाराज ग्रामीणों ने न्याय की मांग को लेकर NH-458 खाटू-सांजू हाईवे को पूरी तरह से जाम कर दिया. प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इतना ज्यादा था कि पुलिस और प्रशासन को स्थिति संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी.
तपोवन आश्रम में हुई इस घटना ने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है. महंत रणजीत दास महाराज ने पुलिस को दी गई अपनी रिपोर्ट में बताया है कि देर शाम कुछ लोग आश्रम में घुसे और उनके साथ बदसलूकी और मारपीट शुरू कर दी. उन्होंने विशेष रूप से कालू बंजारा नाम के व्यक्ति का जिक्र किया है. महंत का आरोप है कि कालू बंजारा और उसके साथियों ने न केवल मारपीट की बल्कि उन्हें जान से मारने की गंभीर धमकियां भी दीं. इस मामले में पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली है. साधु-संतों पर हुए इस हमले से धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंची है जिसके कारण लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है.
ग्रामीणों का हाईवे पर जोरदार प्रदर्शनघटना की खबर जैसे ही आसपास के गांवों में फैली, पिंडिया पंचायत सहित कई गांवों के लोग एकजुट हो गए. सभी ने मिलकर NH-458 खाटू-सांजू हाईवे पर जाम लगा दिया. ग्रामीणों की एक ही मांग थी कि आश्रम के महंत और संतों पर हमला करने वाले सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए. यह जाम करीब तीन घंटे तक चला. इस दौरान हाईवे के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. मौके पर भारी तनाव की स्थिति बनी रही. पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार अलर्ट मोड पर रहीं ताकि कोई अप्रिय घटना न हो.
पुलिस का आश्वासन और जाम खुलनाहालात बिगड़ते देख जायल के वृत्ताधिकारी संजीव कुमार चौहान ने तुरंत एक्शन लिया. उन्होंने खाटू बड़ी थाना पुलिस की विशेष टीमें गठित कीं. पुलिस टीम ने घड़वानाड़ा आश्रम पहुंचकर पीड़ित महंत के बयान दर्ज किए. इसके बाद सीओ संजीव कुमार चौहान और बड़ी खाटू के थानाधिकारी हरीश कुमार सांखला ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों से लंबी बातचीत की. पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को ठोस आश्वासन दिया कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगले 20 घंटे के भीतर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा. इस पक्के आश्वासन के बाद ही ग्रामीणों ने अपना विरोध-प्रदर्शन शांत किया और हाईवे से जाम हटाया. इसके बाद यातायात सुचारू रूप से बहाल हो सका.
पुलिस चौकी खोलने की पुरानी मांग फिर उठीइस हिंसक घटना ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है. घड़वानाड़ा में हुई इस वारदात के बाद ग्रामीणों ने एक बार फिर से पुलिस चौकी खोलने की अपनी पुरानी मांग को जोर-शोर से उठाया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि वे पिछले सात सालों से क्षेत्र में पुलिस चौकी की मांग कर रहे हैं. इसके बावजूद प्रशासन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है. ग्रामीणों ने याद दिलाया कि करीब सात साल पहले भी इसी क्षेत्र में एक युवक की निर्मम हत्या कर दी गई थी. आश्रम जैसी पवित्र जगह पर हुए इस ताजा हमले ने लोगों में असुरक्षा की भावना को और गहरा कर दिया है.
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस टीमेंग्रामीणों का कहना है कि जब तक पुलिस चौकी नहीं खुलती, तब तक क्षेत्र में असामाजिक तत्वों का हौसला ऐसे ही बुलंद रहेगा. तपोवन आश्रम में दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन और सत्संग के लिए आते हैं. ऐसे में संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है. पुलिस ने अब नामजद आरोपियों के छिपने के संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है. इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है. जायल सीओ संजीव कुमार चौहान ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा. वहीं, महंत के अनुयायियों ने चेतावनी दी है कि यदि 20 घंटे में गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे दोबारा उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे. इस पूरे घटनाक्रम पर जिले के उच्चाधिकारियों की भी नजर बनी हुई है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Nagaur,Nagaur,Rajasthan
First Published :
October 09, 2026, 08:02 IST



