नामी डायरेक्टर, फिल्मों में दिखाई रिश्तों की उलझी कहानी, 2 शादी और अफेयर विवादों भरी रही खुद की असल जिंदगी

Last Updated:September 20, 2026, 05:01 IST
हिंदी सिनेमा में कुछ फिल्मकार ऐसे रहे हैं, जिन्होंने सिर्फ फिल्में नहीं बनाईं, बल्कि अपनी कहानियों के जरिए रिश्तों, दर्द और इंसानी भावनाओं को पर्दे पर उतारा. महेश भट्ट भी ऐसे ही फिल्मकारों में शामिल हैं. करीब पांच दशक लंबे करियर में उन्होंने ‘सारांश’, ‘अर्थ’, ‘आशिकी’, ‘जख्म’ जैसी कई यादगार फिल्में दीं. उनकी फिल्मों की तरह उनकी निजी जिंदगी भी काफी उतार-चढ़ाव से भरी रही है.
नई दिल्ली. कई बार कहा जाता है कि फिल्में अक्सर असल जिंदगी में हुई घटनाओं पर ही बनाई जाती है. कितने ऐसे मेकर्स हैं, जिन्होंने अपनी जिंदगी को पर्दे पर उकेरा है. महेश भट्ट भी उन्हीं में से एक हैं. उनकी जिंदगी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं. उन्होंने कई ऐसी फिल्में बनाई हैं, जिनमें उनकी जिंदगी की झलक दिखाई देती हैं.
महेश भट्ट का जन्म 20 सितंबर 1948 को मुंबई में हुआ था. उनके पिता नानाभाई भट्ट फिल्म निर्माता थे, लेकिन उन्होंने महेश की मां शिरीन मोहम्मद अली से शादी नहीं की थी. ऐसे में बचपन से ही महेश को कई तरह की मुश्किलों और तानों का सामना करना पड़ा. परिवार की आर्थिक स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं थी. इन हालात ने उन्हें कम उम्र में ही जिंदगी को करीब से समझने का मौका दिया.
महेश भट्ट ने तय कर लिया था कि वह अपनी जिंदगी में कुछ बड़ा करेंगे. फिल्मों के प्रति उनका जुनून उन्हें महबूब स्टूडियो तक ले गया. फिल्म इंडस्ट्री में उनका कोई बड़ा कनेक्शन नहीं था, इसलिए शुरुआत में उन्हें काम पाने के लिए एक झूठ भी बोलना पड़ा. उन्होंने कहा कि वह निर्देशक राज खोसला को जानते हैं. जब उनसे इस बारे में सच पूछा गया तो उन्होंने अपनी बात साफ-साफ बता दी. उनकी ईमानदारी राज खोसला को पसंद आई और उन्होंने महेश भट्ट को अपनी टीम में असिस्टेंट के तौर पर काम करने का मौका दिया. यहीं से उनके फिल्मी सफर की शुरुआत हुई.
Add as Preferred Source on Google
साल 1974 में महेश भट्ट ने ‘मंजिलें और भी हैं’ से निर्देशन की शुरुआत की. उनकी फिल्मों में शुरुआत से ही निजी अनुभवों और समाज से जुड़े मुद्दों की झलक देखने को मिली. इसके बाद उन्होंने ‘अर्थ’, ‘सारांश’, ‘नाम’, ‘अवारगी’ और ‘कश्मकश’ जैसी फिल्में बनाईं.साल 1984 में आई ‘सारांश’ को काफी पसंद किया गया. इस फिल्म ने महेश भट्ट को एक ऐसे निर्देशक के तौर पर पहचान दिलाई, जो पर्दे पर जिंदगी की मुश्किल सच्चाइयों को बिना ज्यादा बनावट के पेश करता था.
इसके बाद 1990 में आई ‘आशिकी’ ने उनकी लोकप्रियता को एक अलग मुकाम पर पहुंचा दिया. यह सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं थी, बल्कि फिल्म का संगीत भी लोगों के बीच जबरदस्त लोकप्रिय हुआ. इस फिल्म के बाद महेश भट्ट का नाम ऐसे फिल्मकारों में लिया जाने लगा, जो गंभीर विषयों के साथ मनोरंजन को भी प्रभावी तरीके से पर्दे पर पेश कर सकते थे.
1990 के दशक में महेश भट्ट ने विशेष फिल्म्स के जरिए प्रोडक्शन की दुनिया में भी कदम रखा. इस बैनर के तहत ‘राज’, ‘मर्डर’, ‘जिस्म’, ‘जन्नत’ और ‘आशिकी 2’ जैसी फिल्मों का निर्माण हुआ. इन फिल्मों ने कई कलाकारों को पहचान दिलाई और दर्शकों के बीच भी अपनी जगह बनाई.महेश भट्ट के करियर में ‘जख्म’ को भी बेहद खास माना जाता है. साल 1998 में रिलीज हुई इस फिल्म के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार मिला. फिल्म को राष्ट्रीय एकता पर सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म के लिए नरगिस दत्त अवॉर्ड भी मिला. ‘जख्म’ को महेश भट्ट के निजी अनुभवों से जुड़ी फिल्म के तौर पर भी देखा जाता है.
महेश भट्ट की निजी जिंदगी भी हमेशा सुर्खियों में रही. उन्होंने दो शादियां कीं. कॉलेज के दिनों में उनकी मुलाकात लोरिएन से हुई थी, जो बॉम्बे स्कॉटिश अनाथालय में पढ़ती थीं. बताया जाता है कि एक बार महेश उनसे मिलने के लिए अनाथालय की दीवार कूदकर अंदर चले गए थे, लेकिन पकड़े गए.बाद में दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और उन्होंने शादी करने का फैसला किया. लोरिएन ने शादी के बाद अपना नाम किरण रख लिया. दोनों ने करीब 20 साल की उम्र में शादी की थी. शादी के एक साल बाद उनकी बेटी पूजा भट्ट का जन्म हुआ. बाद में दोनों के रिश्ते में दूरी आने लगी.
इसी दौरान महेश भट्ट का नाम अभिनेत्री परवीन बाबी के साथ भी जुड़ा. दोनों के रिश्ते की काफी चर्चा हुई और बताया जाता है कि एक समय दोनों साथ भी रहे थे. साल 1984 में ‘सारांश’ की शूटिंग के दौरान महेश भट्ट की मुलाकात सोनी राजदान से हुई. धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और दोनों एक-दूसरे के करीब आ गए. उस समय महेश अपनी पहली पत्नी किरण के साथ शादीशुदा थे.बाद में महेश भट्ट और सोनी राजदान ने शादी कर ली. दोनों की दो बेटियां हैं, शाहीन भट्ट और आलिया भट्ट. वहीं पहली पत्नी किरण से महेश भट्ट के दो बच्चे पूजा भट्ट और राहुल भट्ट हैं.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।First Published :
September 20, 2026, 05:01 IST



