World

‘निज्जर को हमने मारा’, ट्रुडो हो गए एक्सपोज, गोल्डी बराड़ के ऑडियो ने खोल दी पोल!

हरदीप सिंह निज्जर वो खालिस्तानी आतंकी जिसकी हत्या कनाडा में जून 2023 को हुई थी. उसके मर्डर को लेकर भारत को बदनाम करने की कोशिश हुई. अब उसके कत्ल की जिम्मेदारी गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने ले ली है. इस मर्डर को लेकर कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो ने भारत पर तमाम तरह के इल्जाम लगाए.

ट्रुडो ने कहा था कि निज्जर की हत्या में भारत का हाथ है. अब वही ट्रुडो पूरी तरह एक्सपोज हुए नजर आ रहे हैं. गोल्डी बराड़ और एक खालिस्तानी आतंकी परमजीत पम्मा की फोन पर हुई बातचीत का ऑडियो वायरल है. गोल्डी बराड़ खुद कह रहा है कि हरदीप सिंह निज्जर को इसलिये मारा, क्योंकि वो ड्रग्स नेटवर्क में शामिल था.

गोल्डी बराड़ के दावे

गोल्डी बराड़ ऑडियो में कह रहा है कि 16-17 साल के लड़कों को ड्रग्स बेचकर ब्लैकमेल करके केस बनाया. उन्होंने ड्रग्स बेचने में कोई कसर नहीं छोड़ी, मुखबरी करने में कोई कसर नही छोड़ी. उन लोगों को निज्जर भाई ने स्ट्रांग किया, मजबूत किया, ताकि जरूरत पड़ने पर उनसे काम लिया जाए. आगे कोई करेगा, तो उनको भी भुगतना पड़ सकता है.

18 सितंबर 2023 को जस्टिन ट्रुडो ने कनाडा की संसद में भारत पर गंभीर आरोप लगाए थे. तब वो कनाडा के प्रधानंमत्री थे. उनके बयान की वजह से भारत और कनाडा के डिप्लोमेटिक संबंध काफी हद तक खराब हो गए थे.

इस ऑडियो से निज्जर केस में जस्टिन ट्रुडो एक्सपोज हो गए हैं. गोल्डी बराड़ ने साफ-साफ कहा है कि निज्जर को उसने ही मारा है. बराड़ ने कहा कि इसकी वजह ड्रग्स नेटवर्क थी.

कौन था हरदीप निज्जर

हरदीप सिंह निज्जर मूल रूप से पंजाब के जालंधर जिले का रहने वाला था. वह साल 1997 में कनाडा चला गया और बाद में उसे कनाडा की नागरिकता मिल गई. कनाडा में रहते हुए वह खालिस्तान समर्थक गतिविधियों से जुड़ा हुआ था.

भारत सरकार ने निज्जर को प्रतिबंधित खालिस्तान टाइगर फोर्स यानी केटीएफ से जोड़ा था और उसे संगठन का प्रमुख बताया था. भारतीय एजेंसियों के मुताबिक, निज्जर पर हिंसक और अलगाववादी गतिविधियों से जुड़े कई गंभीर आरोप थे.

निज्जर भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए की वांटेड सूची में भी था. उसके खिलाफ कई मामलों में जांच चल रही थी. उसकी गिरफ्तारी के लिए 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था. यानी भारत की नजर में वह सिर्फ खालिस्तान समर्थक ही नहीं, बल्कि गंभीर आपराधिक और आतंकी मामलों में वांटेड व्यक्ति था.

गुरुद्वारे के बाहर हुई हत्या

18 जून 2023 को कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरे शहर में निज्जर की गोली मारकर हत्या कर दी गई. वह सरे के एक गुरुद्वारे से बाहर निकला था, तभी अज्ञात हमलावरों ने उस पर गोलियां चला दीं. इस हत्या ने कनाडा ही नहीं, बल्कि भारत और पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया.

कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने संसद में आरोप लगाया कि निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की संभावित भूमिका हो सकती है. भारत ने इन आरोपों को बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज कर दिया.

विदेश में बैठकर नेटवर्क चलाता है गोल्डी

गोल्डी बराड़ का संबंध पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब और फरीदकोट क्षेत्र से बताया जाता है. वर्ष 2017 में वह छात्र वीजा पर कनाडा गया. इसके बाद उस पर आरोप लगा कि उसने विदेश में बैठकर पंजाब में अपराध का नेटवर्क चलाना शुरू कर दिया.

जांच एजेंसियों के अनुसार, दोनों के नेटवर्क पर रंगदारी, धमकी और हिंसक अपराधों से जुड़े कई आरोप हैं. विदेश में बैठकर नेटवर्क चलाने के कारण गोल्डी सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है.

गोल्डी बराड़ का नाम सबसे ज्यादा पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद चर्चा में आया. 29 मई 2022 को पंजाब के मानसा जिले में मूसेवाला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हत्या के बाद गोल्डी बराड़ ने सोशल मीडिया पर इसकी जिम्मेदारी लेने का दावा किया था. जांच एजेंसियों ने उसे इस हत्याकांड की साजिश से जोड़ते हुए मुख्य आरोपियों में शामिल किया.

भारत ने आतंकवादी घोषित किया

भारत सरकार ने गोल्डी बराड़ को आतंकवादी घोषित किया है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए ने उसे आतंकवादी नेटवर्क और प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े मामलों में आरोपी बनाया है. उसके खिलाफ भारत में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी तलाश कर रही हैं.

विदेश में छिपकर नेटवर्क चलाने का आरोप

गोल्डी बराड़ लगातार अपनी लोकेशन बदलता रहा है और उसके कनाडा तथा अमेरिका में रहने की खबरें सामने आती रही हैं. भारतीय एजेंसियों का आरोप है कि वह विदेश में रहकर भारत में अपने आपराधिक नेटवर्क को निर्देश देता रहा है. इसी वजह से वह भारतीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर है.

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj