पद्मिनी कोल्हापुरे का ब्लॉकबस्टर गाना, यकीनन 1 शब्द का मतलब नहीं जानते होंगे आप, 44 साल बाद भी सुनते हैं लोग

Last Updated:October 19, 2026, 22:39 IST
फिल्म ‘प्रेम रोग’ का गाना ‘भंवरे ने खिलाया फूल’ आज भी लोगों के जहन में बसा है. ऋषि कपूर और पद्मिनी कोल्हापुरे पर फिल्माए गए इस गाने के बोल जितने खूबसूरत हैं, उतनी ही दिलचस्प भी है. इस गाने में ऋषि कपूर पद्मिनी को हंसाने की कोशिश करते हैं. राज कपूर की इस ब्लॉकबस्टर फिल्म के गाने को लोग आज भी सुनना पसंद करते हैं. लेकिन इस गाने के 1 शब्द का मतलब शायद आप भी नहीं जानते होंगे. हालांकि आपने ये गाना कई बार सुना होगा.
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नई दिल्ली. साल 1982 में राज कपूर रोमांटिक ड्रामा फिल्म ‘प्रेम रोग’ लेकर आए थे. फिल्म में लीड रोल में ऋषि कपूर के साथ पद्मिनी कोल्हापुरे नजर आए थे. दोनों की जोड़ी को भी काफी पसंद किया गया था. इस फिल्म का एक गाना ‘भंवरे ने खिलाया फूल’ तो काफी पसंद किया गया था. लेकिन क्या इस गाने की एक लाइन ’भंवरे को कहना न भूल भूल.. तेरा मधुर नहीं मधुकर’. क्या आप इस पंक्ति में आए मधुकर शब्द का मतलब जानते हैं?
राज कपूर की इस फिल्म में शम्मी कपूर, तनुजा, कुलभूषण खरबंदा, बिंदू देसाई जैसे सितारे नजर आए थे. फिल्म ने रिलीज होते ही ऑडियंस के दिलों को जीत लिया था.गाने के एक शब्द के पीछे इस शब्द के पीछे एक दिलचस्प कहानी छिपी है.
क्या जानते हैं ‘मधुकर’ शब्द का मतलब
साल 1982 में रिलीज हुई फिल्म ‘प्रेम रोग’ का निर्देशन और निर्माण राज कपूर ने किया था. फिल्म की कहानी ने विधवा महिलाओं को लेकर समाज में बनी पुरानी सोच और बंदिशों पर सवाल उठाए थे. ऋषि कपूर और पद्मिनी कोल्हापुरे की जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया था. फिल्म के गाने भी काफी लोकप्रिय हुए थे.इसी फिल्म का गाना ‘भंवरे ने खिलाया फूल’ अपने अनोखे बोलों की वजह से खूब चर्चा में रहा था. गाने को आवाज लता मंगेशकर और सुरेश वाडकर ने दी थी. गाने के बोल मशहूर गीतकार पंडित नरेंद्र शर्मा ने लिखे थे. इस गाने में एक शब्द का ‘मधुकर’. जो संस्कृत भाषा से आया है. इस मतलब फूलों पर मंडराने वाले भवरे से है. तुलसीदास की रामचरितमानस में भी इसका जिक्र है.
सिंगर ने खुद निकाली थी भंवरे की आवाज
यूं तो इस फिल्म से जुड़े कई किस्से आपने अब तक सुने होंगे. जैसे राज कपूर अपनी फिल्म के हर सीन को लेकर कितनी सीरियस थे, वह कैसे हर सीन को शूट कराते थे. लेकिन इस गाने में सुरेश वाडकर ने एक लाइव इवेंट के दौरान बताया था कि गाने की रिकॉर्डिंग के समय उन्होंने खुद भंवरे के भिनभिनाने जैसी आवाज निकाली थी.उनका ये अंदाज राज कपूर को भी काफी पसंद आया था. इतना ही नहीं, उन्होंने वाडकर की तारीफ भी की थी.
बता दें कि राज कपूर की फिल्म प्रेम रोग जब रिलीज हुई थी तो सिनेमाघरों में फिल्म की धूम मच गई थी. इस मूवी को देखने के लिए थिएटर्स के बाहर लोगों की लाइन लग गई थी. यही वजह है कि ‘प्रेम रोग’ ने बॉक्स ऑफिस पर गदर काट दिया था. फिल्म के गानों को भी काफी पसंद किया गया था. खासतौर पर ‘भंवरे ने खिलाया फूल’ आज भी उन गानों में गिना जाता है, जिन्हें सुनकर पुराने हिंदी सिनेमा की मिठास और रोमांस की याद ताजा हो जाती है.
About the AuthorMunish KumarSenior sub editor
न्यूज 18 हिंदी में एंटरटेनमेंट सेक्शन में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार दिल्ली के रहने वाले हैं. डिजिटल मीडिया में उन्हें 10 साल का अनुभव है.राजधानी कॉलेज (DU) से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) की पढ…
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First Published :
October 19, 2026, 22:39 IST



