पाकिस्तान से सिर्फ 80KM दूर, बीकानेर में NH-911 पर उतरे रुद्र-ध्रुव-चेतक हेलिकॉप्टर, फिर वहीं से भरी उड़ान

Last Updated:September 29, 2026, 18:26 IST
Bikaner Army Helicopters Landing Drill: बीकानेर में भारत-पाक सीमा के पास NH-911 पर सेना ने लैंडिंग ड्रिल की. रुद्रा, ध्रुव और चेतक हेलिकॉप्टरों ने हाईवे पर उतरने और उड़ान भरने का अभ्यास किया, जिसमें एयर-ग्राउंड कोऑर्डिनेशन पर जोर दिया गया. हाईवे पर इस तरह की ड्रिल में केवल हेलिकॉप्टर को उतारना ही नहीं, बल्कि जमीन पर मौजूद टीम और हवा में उड़ रहे हेलिकॉप्टर के बीच सही तालमेल भी जरूरी होता है.
ख़बरें फटाफट
बीकानेर में NH-911 पर सेना की लैंडिंग ड्रिल, हेलिकॉप्टरों ने भरी उड़ान
बीकानेर. भारत-पाक सीमा के करीब बीकानेर जिले में सेना ने हाईवे पर एक अहम लैंडिंग ड्रिल की. दंतौर के पास NH-911 पर हुए इस सैन्य अभ्यास के दौरान सेना के हेलिकॉप्टर हाईवे पर उतरे और इसके बाद यहीं से टेकऑफ भी किया. ड्रिल में रुद्र, ध्रुव और चेतक हेलिकॉप्टरों ने हिस्सा लिया. अभ्यास के दौरान एयर-ग्राउंड कोऑर्डिनेशन यानी हवा में मौजूद हेलिकॉप्टर और जमीन पर मौजूद टीम के बीच तालमेल को परखा गया.
दंतौर के पास हाईवे पर अचानक हेलिकॉप्टरों की आवाज और उनकी लैंडिंग ने आसपास के इलाके का ध्यान खींचा. सामान्य तौर पर वाहनों की आवाजाही वाले हाईवे पर सैन्य हेलिकॉप्टरों की लैंडिंग और टेकऑफ का अभ्यास किया गया. सेना की इस ड्रिल का मकसद जरूरत पड़ने पर हाईवे जैसी जगहों को भी हेलिकॉप्टर ऑपरेशन के लिए इस्तेमाल करने की क्षमता को परखना रहा.
हाईवे पर उतरे तीन तरह के हेलिकॉप्टरड्रिल के दौरान रुड्रा, ध्रुव और चेतक हेलिकॉप्टरों ने NH-911 पर लैंडिंग की. इसके बाद हेलिकॉप्टरों ने हाईवे से टेकऑफ भी किया. इस तरह लैंडिंग से लेकर दोबारा उड़ान भरने तक की पूरी प्रक्रिया को मौके पर ही परखा गया. हाईवे पर इस तरह की ड्रिल में केवल हेलिकॉप्टर को उतारना ही नहीं, बल्कि जमीन पर मौजूद टीम और हवा में उड़ रहे हेलिकॉप्टर के बीच सही तालमेल भी जरूरी होता है. इसी वजह से अभ्यास के दौरान एयर-ग्राउंड कोऑर्डिनेशन पर खास फोकस रहा.
भारत-पाक सीमा के करीब सैन्य अभ्यास
बीकानेर का दंतौर क्षेत्र भारत-पाक सीमा के नजदीक है. ऐसे इलाके में हाईवे पर सेना की लैंडिंग ड्रिल को अहम सैन्य अभ्यास के तौर पर देखा जा रहा है. अभ्यास के दौरान यह परखा गया कि जरूरत पड़ने पर हेलिकॉप्टरों को सामान्य एयरबेस के अलावा हाईवे जैसी वैकल्पिक जगह पर कितनी तेजी से उतारा और वहां से उड़ाया जा सकता है. ड्रिल में हेलिकॉप्टरों की लैंडिंग और टेकऑफ के साथ ग्राउंड टीम के समन्वय पर भी ध्यान दिया गया. हाईवे पर हेलिकॉप्टर उतरने के दौरान जमीन पर मौजूद टीम की भूमिका अहम रहती है. इसी तालमेल को अभ्यास के जरिए जांचा गया.
हाईवे से टेकऑफ की भी हुई प्रैक्टिससेना के हेलिकॉप्टरों ने केवल हाईवे पर लैंडिंग ही नहीं की, बल्कि उसी स्थान से टेकऑफ भी किया. इससे अभ्यास में पूरी प्रक्रिया को शामिल किया गया. रुद्र, ध्रुव और चेतक हेलिकॉप्टरों की मौजूदगी में हुई इस ड्रिल ने हाईवे को अस्थायी लैंडिंग और टेकऑफ क्षेत्र के रूप में इस्तेमाल करने की क्षमता को भी सामने रखा. भारत-पाक सीमा के करीब हुई इस हाईवे लैंडिंग ड्रिल में सेना ने एयर-ग्राउंड कोऑर्डिनेशन पर जोर दिया. दंतौर के पास NH-911 पर हुआ यह अभ्यास सैन्य तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण ड्रिल रहा, जिसमें हेलिकॉप्टरों की लैंडिंग, हाईवे से टेकऑफ और जमीन पर मौजूद टीम के साथ तालमेल को एक साथ परखा गया.
About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
Bikaner,Bikaner,Rajasthan
First Published :
September 29, 2026, 18:14 IST



